फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Rabindranath Tagore was a great politician, litterateur, social worker

Shamli News: महान राजनीतिज्ञ, साहित्यकार, समाजसेवी थे रवींद्रनाथ टैगोर

Sat, 06 May 2023 04:44 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 06 May 2023 04:44 PM IST
विज्ञापन
Rabindranath Tagore was a great politician, litterateur, social worker
-विद्यालयाें में धूमधाम से मनाई गई गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती
विज्ञापन

फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शहर के विद्यालयों में शनिवार को गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर महान राजनीतिज्ञ, साहित्यकार व समाजसेवी थे। विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर नई-नई उपलब्धियों को प्राप्त करने का आह्वान किया।
सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ आचार्य संजीव कुमार, संदीप कुमार और छात्राओं ने रविंंद्रनाथ टैगोर के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर किया। आचार्य संदीप कुमार ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे महान राजनीतिज्ञ, साहित्यकार, समाजसेवी थे। उन्होंने राष्ट्रगान की रचना की। गीतांजलि जैसी श्रेष्ठ पुस्तक पर उन्होंने नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। देश को सुदृढ़ बनाने के लिए उन्होंने लोगों को अपनी संस्कृति और स्वतंत्रता के प्रति जागरूक किया। अपने सुविचार से उन्होंने देश की राजनीति में भी मार्गदर्शन किया और देश की जनता को एकसूत्र में बंधकर रहने के लिए आह्वान किया। इस अवसर पर मोहित शर्मा, धर्मेंद्र कुमार, रवि कुमार, विकास कुमार, संदीप कुमार, कुलदीप कुमार, अनीता मलिक, वंदना, मोनिका, गीता रानी, दिव्या आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जूनियर हाई स्कूल में जयंती का शुभारंभ प्रधानाचार्य संजय सैनी और मुख्य वक्ता आचार्य रविंद्र कुमार ने मां सरस्वती व गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के चित्र के सम्मुख पुष्प अर्चन व दीप प्रज्ज्वलन कर किया। मुख्य वक्ता आचार्य रविंद्र कुमार ने बताया रविंद्र नाथ टैगोर एशिया के प्रथम व्यक्ति थे, जिन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बचपन में उन्हें प्यार से रवि कहकर पुकारा जाता था। आठ वर्ष की उम्र में उन्होंने अपनी पहली कविता लिखी। 16 साल की उम्र में उन्होंने अनेक कहानियां और नाटक लिखना प्रारंभ कर दिया। उन्होंने अपने जीवन काल में एक हजार से अधिक कहानियां और उपन्यास, आठ कहानियां संग्रह और विभिन्न विषयों पर अनेक लेख लिखे। वह संगीत प्रेमी भी थे। उनके लिखे दो गीत आज भारत और बांग्लादेश के राष्ट्रगान हैं। प्रधानाचार्य संजय सैनी ने बताया रवींद्रनाथ टैगोर ने गीतांजलि नामक ऐतिहासिक कृति लिखी, जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आचार्य सुधीर कुमार, विजेंद्र कुमार, रामकुमार, मांगेराम शर्मा, प्रवेश शर्मा, शिवकुमार धीमान, आदेश कुमार, संदीप कुमार, मुकेश कुमार, लक्ष्मी गर्ग आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed