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20 पंचातयों में सामुदायिक शौचालय के लिए जमीन नहीं दे पाए प्रधान व सचिव

Tue, 08 Nov 2022 12:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 08 Nov 2022 12:15 AM IST
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Principal and secretary could not give land for toilet in 20 panchayats
20 पंचायतों में शौचालय के लिए जमीन नहीं दे पाए प्रधान व सचिव
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शामली। एक तरफ तो शासन ग्रामीणों की सुविधा के लिए सामुदायिक शौचालय बनाने के आदेश दे रखे हैं, वहीं प्रधान व सचिव सरकारी जमीन जंगल में होने की बात कहकर सामुदायिक शौचालय बनवाने के लिए हाथ खड़े कर रहे हैं। जिसके कारण एक करोड़ से अधिक का बजट शौचालय बनाने का शासन में अटका हुआ है। जब तक प्रधान व सचिव जमीन नहीं देंगे तब तक शासन से बजट नहीं आएगा और इनका निर्माण नहीं हो पाएगा।
जनपद की ऐसी करीब 20 ग्राम पंचायत हैं, जहां शौचालय नहीं है और वहां अभी शौचालय बनने की उम्मीद भी नहीं दिख रही है। जिला स्तरीय अधिकारी भी शौचालय बनवाने के लिए कोई प्रयास तक करते नजर नहीं आ रहे हैं।
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शासन ने ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराने के लिए छह से लेकर आठ लाख रुपये निर्धारित कर रखे हैं, ताकि ग्रामीणों को खुले में शौच जाने से रोका जा सकें। ग्राम पंचायतों में काफी घरों में शौचालय न होने के कारण ग्रामीण शौच के लिए बाहर जाते हैं और इसके लिए प्रदेश सरकार ने गांवों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराने के लिए गाइडलाइड लाइन भी जारी कर रखी है। यह शौचालय सरकारी जमीन पर निर्धारित है। जनपद की 210 ग्राम पंचायत में शौचालय बनकर तैयार हो चुके हैं और 20 ग्राम पंचायत ऐसी है जहां प्रधान व सचिव सरकारी जमीन तक विभाग को उपलब्ध तक नहीं करा पाए हैं। जहां जमीन थी वहां कई ग्राम पंचायतों में पानी की टंकी खड़ी कर दी गयी है। प्रधानों व सचिवों के कारण शौचालयों का निर्माण के लिए बजट शासन में अटका पड़ा है और जब तक प्रधान व सचिव फाइल तैयार नहीं कर देते तब तक शासन से भी बजट जारी नहीं होगा। यह बजट एक करोड़ से डेढ़ करोड़ के बीच में जारी होना है।
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सचिवों व प्रधानों को जमीन उपलब्ध कराने के लिए आदेश दे रखे हैं और उनका प्रयास है कि जल्द से जल्द जमीन की तलाश कर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराए। जमीन चिह्नित होने के बाद ही बजट की डिमांड की जाएगी।
- अरुण खत्री, अपर जिला पंचायत राज अधिकारी
गांव में सरकारी जमीन नहीं है और जो सरकारी जमीन है वह जंगल में है। जंगल में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराने का कोई फायदा नहीं है। वह देख रहे हैं कि गांव में ही जमीन मिल जाए।
- रोमा देवी, प्रधान गोहरनी
काफी दिनों से जमीन की तलाश चल रही है और गांव में जमीन थी उस पर पानी की टंकी का निर्माण चल रहा है। वह पानी की टंकी के पास ही जमीन को चिह्नित कर रहे हैं, ताकि सामुदायिक शौचालय का निर्माण हो सकें।

- धीरज कुमार, प्रधान, कासमपुर
इन ग्राम पंचायतों में नहीं बने शौचालय
औरंगाबाद गदेवड़ा, हरड़ फतेहपुर, जलालाबाद देहात, खानपुर, नांगल, निरालसी उर्फ मारूखेड़ी, पलठेड़ी, उस्मानपुर, मवी अहतमाली, सहपत, भनेड़ाजट, गोहरनी, गोहरपुर, कंजरहेड़ी, कासमपुर, खानपुर, पिंडोरा, पांथुपुरा, पीरखेड़ा, नौनांगली।
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