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- जिला प्रशासन की बाढ़ से निपटने के लिए तैयारी शुरू
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जिला प्रशासन की बाढ़ से निपटने के लिए तैयारी शुरू
शामली। जिला प्रशासन ने यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर प्रबंधन योजना की तैयारी प्रारंभ कर दी है। यमुना नदी में पानी बढ़ने के साथ ही हर साल कई गांवों में बाढ़ आ जाती है। इसी कारण यमुना किनारे जिले में दस बाढ़ चौकियों को चालू कर दिया गया है। लेखपाल और ग्राम सचिवों की 24 घंटे की बाढ़ चौकियों पर ड्यूटी लगा गई दी है। जिला मुख्यालय में कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम चालू कर दिया गया है। बारिश के बाद बाढ़ की आशंका को देखते हुए एहतियातन प्रशासन ने ये कदम उठाए हैं।
15 जून से बरसात का मौसम शुरू होता है। बरसात अच्छी हुई तो यमुना का जलस्तर भी बढ़ता है, जिससे बाढ़ प्रभावित करीब 38 गांवों में फिर से संकट खड़ा हो जाता है। जिले में सहारनपुर जिले की सीमा से लेकर बागपत जिले की सीमा तक यमुना किनारे 52.730 किमी लंबी यमुना तटबंध है। बरसात के दिनों में पहाड़ों पर बारिश होने के बाद ज्यादातर पानी यमुना में आता है। इससे बाढ़ की स्थिति बन जाती है। पहाड़ों पर 15 सितंबर तक बारिश का समय माना गया है।
सिंचाई विभाग की जानकारी के मुताबिक वर्ष 2013 में कैराना में यमुना नदी पुल के पास से लेकर हरियाणा पानीपत जिले की ओर का एक हजार मीटर तक सड़क बह जाने से हरियाणा का शामली से आवागमन कई माह तक बंद रहा था। बाढ़ से यमुना तटबंध भी कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। मई माह में तूफान और बारिश के कारण यमुना नदी में पानी छोड़ा गया था, जिसमें यमुना में खड़ी फसल बह गई थी। जिला प्रशासन ने 12 दिन पूर्व बरसात और बाढ़ आपदा के मद्देनजर जिलास्तरीय अधिकारियों की बैठक बुलाकर बाढ़, आपदा प्रबंधन कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता संजय मैत्रेय के बीमार होने पर अभी तक कार्ययोजना पूरी तरह तैयार नहीं हुई है।
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एसडीएम ऊन मणि अरोरा ने बताया कि बिडौली के पास यमुना तटबंध क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर ड्रेनेज खंड की ओर मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे। कैराना तहसीलदार प्रवीण कुमार के मुताबिक कैराना और ऊन की सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। तहसील के लेखपाल और ग्राम पंचायत सचिवों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। एडीएम अरविंद कुमार ने बताया कि जिले में यमुना किनारे तटबंध ठीक है। जिले की बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ प्रभावित तहसील के एसडीएम को अलर्ट कर दिया गया है। डीएम जसजीत कौर ने बताया कि बाढ़ आपदा प्रबंध योजना में राजस्व विभाग ,स्वास्थ्य विभाग सहित तमाम विभागों की क्या क्या राहत और कार्य जल्द तैयार हो जाएगी। जिले में राहत शिविर के लिए कैराना और झिंझाना में स्थानों का चयन कर लिया गया है।
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शामली। जिला प्रशासन ने यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर प्रबंधन योजना की तैयारी प्रारंभ कर दी है। यमुना नदी में पानी बढ़ने के साथ ही हर साल कई गांवों में बाढ़ आ जाती है। इसी कारण यमुना किनारे जिले में दस बाढ़ चौकियों को चालू कर दिया गया है। लेखपाल और ग्राम सचिवों की 24 घंटे की बाढ़ चौकियों पर ड्यूटी लगा गई दी है। जिला मुख्यालय में कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम चालू कर दिया गया है। बारिश के बाद बाढ़ की आशंका को देखते हुए एहतियातन प्रशासन ने ये कदम उठाए हैं।
15 जून से बरसात का मौसम शुरू होता है। बरसात अच्छी हुई तो यमुना का जलस्तर भी बढ़ता है, जिससे बाढ़ प्रभावित करीब 38 गांवों में फिर से संकट खड़ा हो जाता है। जिले में सहारनपुर जिले की सीमा से लेकर बागपत जिले की सीमा तक यमुना किनारे 52.730 किमी लंबी यमुना तटबंध है। बरसात के दिनों में पहाड़ों पर बारिश होने के बाद ज्यादातर पानी यमुना में आता है। इससे बाढ़ की स्थिति बन जाती है। पहाड़ों पर 15 सितंबर तक बारिश का समय माना गया है।
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सिंचाई विभाग की जानकारी के मुताबिक वर्ष 2013 में कैराना में यमुना नदी पुल के पास से लेकर हरियाणा पानीपत जिले की ओर का एक हजार मीटर तक सड़क बह जाने से हरियाणा का शामली से आवागमन कई माह तक बंद रहा था। बाढ़ से यमुना तटबंध भी कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। मई माह में तूफान और बारिश के कारण यमुना नदी में पानी छोड़ा गया था, जिसमें यमुना में खड़ी फसल बह गई थी। जिला प्रशासन ने 12 दिन पूर्व बरसात और बाढ़ आपदा के मद्देनजर जिलास्तरीय अधिकारियों की बैठक बुलाकर बाढ़, आपदा प्रबंधन कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता संजय मैत्रेय के बीमार होने पर अभी तक कार्ययोजना पूरी तरह तैयार नहीं हुई है।
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एसडीएम ऊन मणि अरोरा ने बताया कि बिडौली के पास यमुना तटबंध क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर ड्रेनेज खंड की ओर मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे। कैराना तहसीलदार प्रवीण कुमार के मुताबिक कैराना और ऊन की सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। तहसील के लेखपाल और ग्राम पंचायत सचिवों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। एडीएम अरविंद कुमार ने बताया कि जिले में यमुना किनारे तटबंध ठीक है। जिले की बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ प्रभावित तहसील के एसडीएम को अलर्ट कर दिया गया है। डीएम जसजीत कौर ने बताया कि बाढ़ आपदा प्रबंध योजना में राजस्व विभाग ,स्वास्थ्य विभाग सहित तमाम विभागों की क्या क्या राहत और कार्य जल्द तैयार हो जाएगी। जिले में राहत शिविर के लिए कैराना और झिंझाना में स्थानों का चयन कर लिया गया है।
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