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पोषण पाठशाला का आयोजन आज
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शामली। जनपद में एक जुलाई से दो अक्टूबर तक संभव पोषण संवर्द्धन अभियान चलाया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि इस अभियान के तहत सैम (तीव्र गंभीर अतिकुपोषित)-मैम (मध्यम गंभीर कुपोषित) व अल्प वजन वाले बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न प्रकार की गतिविधि होंगी। उन्होंने बताया वर्तमान में चल रहे वजन सप्ताह के दौरान जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह साल तक के बच्चों का वजन किया जा रहा है। जिससे कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सके। उन्होंने बताया बच्चों का डाटा भी एकत्र किया जा रहा है। अभियान में शिथिलता को रोकने के लिए एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के अधिकारी नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर वहां संचालित वजन कार्यक्रम की निगरानी कर रहे हैं। अभियान में बेहतर कार्य करने वाली जिले के तीन आंगनबाड़ी केंद्रों की तीन मुख्य सेविकाओं और तीन बाल विकास परियोजना अधिकारियों को चयनित कर शासन की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी संभव पोषण संवर्धन अभियान चलाया गया था। जिसके परिणाम सकारात्मक आए हैं। जनपद में छह साल तक के बच्चों की वर्तमान में संख्या 75644 है। जिनमें सैम 275 और 804 मैम बच्चे शामिल हैं।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि इस अभियान के तहत सैम (तीव्र गंभीर अतिकुपोषित)-मैम (मध्यम गंभीर कुपोषित) व अल्प वजन वाले बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न प्रकार की गतिविधि होंगी। उन्होंने बताया वर्तमान में चल रहे वजन सप्ताह के दौरान जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह साल तक के बच्चों का वजन किया जा रहा है। जिससे कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सके। उन्होंने बताया बच्चों का डाटा भी एकत्र किया जा रहा है। अभियान में शिथिलता को रोकने के लिए एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के अधिकारी नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर वहां संचालित वजन कार्यक्रम की निगरानी कर रहे हैं। अभियान में बेहतर कार्य करने वाली जिले के तीन आंगनबाड़ी केंद्रों की तीन मुख्य सेविकाओं और तीन बाल विकास परियोजना अधिकारियों को चयनित कर शासन की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी संभव पोषण संवर्धन अभियान चलाया गया था। जिसके परिणाम सकारात्मक आए हैं। जनपद में छह साल तक के बच्चों की वर्तमान में संख्या 75644 है। जिनमें सैम 275 और 804 मैम बच्चे शामिल हैं।
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