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डेंगू संभावित 12 मरीज मिले, स्वास्थ्य टीम ने लिए सैंपल
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एलाइजा जांच के लिए नमूने सहारनपुर प्रयोगशाला भेजे गए
जिले में 13 मरीजों में डेंगू की एलाइजा जांच में हो चुकी पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में डेंगू पांव पसार रहा है। यहां डेंगू के लक्षण वाले संभावित 12 मरीजों के स्वास्थ्य विभाग ने नमूने लिए हैं। इन्हें एलाइजा जांच के लिए सहारनपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। जिले में अब तक 13 मरीजों में एलाइजा जांच में पुष्टि हो चुकी है।
सितंबर में डेंगू का खतरा लगातार बढ़ रहा है। सितंबर व अक्तूबर डेंगू के लिए पीक समय माना जाता है। इस बार इस महीने में लगातार बारिश होने से डेंगू और मलेरिया का प्रकोप फैलने का खतरा ज्यादा हो गया है। इस वर्ष बीते आठ महीने में डेंगू के मात्र दो केस सामने आए थे, लेकिन सितंबर में डेंगू तेजी से बढ़ रहा है। इस महीने में अब तक 11 मरीजों की एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। अब तक जिले में डेंगू के 13 मरीज मिल चुके हैं।
इनके अतिरिक्त लक्षण के आधार पर रैपिड कार्ड से जांच में 12 मरीजों में डेंगू होना पाया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग एलाइजा जांच को ही प्रमाणिक मानता है। इसके चलते जिला मलेरिया विभाग की टीम ने डेंगू संभावित इन मरीजों के नमूने लेकर एलाइजा जांच के लिए सहारनपुर मेडिकल कॉलेज भेजे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि ऊन ब्लॉक के गांव खेड़ाभाऊ में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसमें 42 मरीजों की जांचकर नि:शुल्क दवा दी गई।
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स्वास्थ्य टीम ने पूर्व में मिले डेंगू के रोगी के घरों का भ्रमण कर लार्वा ब्रीडिंग चेक किया। जिनमें पांच घरों में लार्वा ब्रीडिंग पाई गई। उनको तत्काल एंटी लार्वा छिड़काव कर नष्ट कराया। इन पांच घरों को नोटिस देकर सचेत किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों को कूलर, फ्रिज की ट्रे, घरों में निष्प्रयोज्य छत पर पड़े टायर, नारियल के खोल, फूलों के गमले आदि की रोजाना जांच करें और उनमें पानी न भरा रखें। ग्रामीणों को पंपलेट वितरित कर जागरूक किया गया। टीम में मलेरिया निरीक्षक रवि व सुबोध, मलेरिया निरीक्षक, एलए अवधेश वाड़ेकर और छिड़काव कर्मचारी मोमिन आदि मौजूद रहे।
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जिले में 13 मरीजों में डेंगू की एलाइजा जांच में हो चुकी पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में डेंगू पांव पसार रहा है। यहां डेंगू के लक्षण वाले संभावित 12 मरीजों के स्वास्थ्य विभाग ने नमूने लिए हैं। इन्हें एलाइजा जांच के लिए सहारनपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। जिले में अब तक 13 मरीजों में एलाइजा जांच में पुष्टि हो चुकी है।
सितंबर में डेंगू का खतरा लगातार बढ़ रहा है। सितंबर व अक्तूबर डेंगू के लिए पीक समय माना जाता है। इस बार इस महीने में लगातार बारिश होने से डेंगू और मलेरिया का प्रकोप फैलने का खतरा ज्यादा हो गया है। इस वर्ष बीते आठ महीने में डेंगू के मात्र दो केस सामने आए थे, लेकिन सितंबर में डेंगू तेजी से बढ़ रहा है। इस महीने में अब तक 11 मरीजों की एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। अब तक जिले में डेंगू के 13 मरीज मिल चुके हैं।
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इनके अतिरिक्त लक्षण के आधार पर रैपिड कार्ड से जांच में 12 मरीजों में डेंगू होना पाया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग एलाइजा जांच को ही प्रमाणिक मानता है। इसके चलते जिला मलेरिया विभाग की टीम ने डेंगू संभावित इन मरीजों के नमूने लेकर एलाइजा जांच के लिए सहारनपुर मेडिकल कॉलेज भेजे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि ऊन ब्लॉक के गांव खेड़ाभाऊ में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसमें 42 मरीजों की जांचकर नि:शुल्क दवा दी गई।
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स्वास्थ्य टीम ने पूर्व में मिले डेंगू के रोगी के घरों का भ्रमण कर लार्वा ब्रीडिंग चेक किया। जिनमें पांच घरों में लार्वा ब्रीडिंग पाई गई। उनको तत्काल एंटी लार्वा छिड़काव कर नष्ट कराया। इन पांच घरों को नोटिस देकर सचेत किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों को कूलर, फ्रिज की ट्रे, घरों में निष्प्रयोज्य छत पर पड़े टायर, नारियल के खोल, फूलों के गमले आदि की रोजाना जांच करें और उनमें पानी न भरा रखें। ग्रामीणों को पंपलेट वितरित कर जागरूक किया गया। टीम में मलेरिया निरीक्षक रवि व सुबोध, मलेरिया निरीक्षक, एलए अवधेश वाड़ेकर और छिड़काव कर्मचारी मोमिन आदि मौजूद रहे।