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Shamli News: आज यमुना का जलस्तर बढ़ाने की संभावना
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- हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश व हिमाचल के जनपद सोलन के कंडाघाट में बादल फटने से हथिनीकुंड बैराज पर पानी का दबाव बढ़ा
- सोमवार सुबह यमुना नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा 74 हजार 748 क्यूसेक प्रति सेकंड हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। यमुना के ऊपरी क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा से जल संग्रह बढ़ने और हिमाचल के जनपद सोलन के कंडाघाट में बादल फटने के कारण हथिनी कुंड बैराज पर पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है। जिसके चलते मंगलवार (आज) यमुना का जलस्तर बढ़ने की संभावना बताई जा रही है।
पिछले काफी दिनों से यमुना नदी का जलस्तर शांत चल रहा था। सोमवार सुबह 8 बजे यमुना नदी का जलस्तर समुद्र तल से 228.85 मीटर की ऊंचाई पर बह रहा था। वहीं मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यमुना के ऊपरी क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा के चलते पहाड़ों पर जल संग्रह बढ़ गया। इसके अलावा जनपद सोलन के कंडाघाट में बादल फटने से हथिनी कुंड बैराज पर पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ गया। जिसके चलते सोमवार सुबह 8 बजे हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ाकर 74 हजार 748 क्यूसेक प्रति सेकंड हो गई।
आने वाले कुछ घंटे में हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा अभी और बढ़ाने की संभावना है। जिस कारण मंगलवार सुबह यमुना का जलस्तर काफी बढ़ने की संभावना बताई जा रही है। वहीं मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि अगले 24 घंटे में यमुना नदी का जलस्तर डेढ़ मीटर तक बढ़ने की संभावना है। कैराना में यमुना नदी का चेतावनी बिंदु 231 मीटर और खतरे का निशान 231.50 मीटर पर है। जबकि सोमवार सुबह यमुना नदी का जलस्तर 228.85 मीटर पर बह रहा था।
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ड्रेनेज विभाग के सहायक अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि हिमाचल में होने वाली अधिक बारिश का प्रभाव यमुना नदी पर पड़ता है। जबकि उत्तराखंड के पहाड़ों में होने वाली बारिश का असर गंगा नदी पर पड़ता है। हिमाचल में अधिक बारिश के साथ कई स्थानों पर बादल फटने की भी सूचना आ रही है। जिसके चलते यमुना का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। फिलहाल यमुना नदी का जलस्तर शांत चल रहा है।
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- सोमवार सुबह यमुना नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा 74 हजार 748 क्यूसेक प्रति सेकंड हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। यमुना के ऊपरी क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा से जल संग्रह बढ़ने और हिमाचल के जनपद सोलन के कंडाघाट में बादल फटने के कारण हथिनी कुंड बैराज पर पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है। जिसके चलते मंगलवार (आज) यमुना का जलस्तर बढ़ने की संभावना बताई जा रही है।
पिछले काफी दिनों से यमुना नदी का जलस्तर शांत चल रहा था। सोमवार सुबह 8 बजे यमुना नदी का जलस्तर समुद्र तल से 228.85 मीटर की ऊंचाई पर बह रहा था। वहीं मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यमुना के ऊपरी क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा के चलते पहाड़ों पर जल संग्रह बढ़ गया। इसके अलावा जनपद सोलन के कंडाघाट में बादल फटने से हथिनी कुंड बैराज पर पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ गया। जिसके चलते सोमवार सुबह 8 बजे हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ाकर 74 हजार 748 क्यूसेक प्रति सेकंड हो गई।
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आने वाले कुछ घंटे में हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा अभी और बढ़ाने की संभावना है। जिस कारण मंगलवार सुबह यमुना का जलस्तर काफी बढ़ने की संभावना बताई जा रही है। वहीं मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि अगले 24 घंटे में यमुना नदी का जलस्तर डेढ़ मीटर तक बढ़ने की संभावना है। कैराना में यमुना नदी का चेतावनी बिंदु 231 मीटर और खतरे का निशान 231.50 मीटर पर है। जबकि सोमवार सुबह यमुना नदी का जलस्तर 228.85 मीटर पर बह रहा था।
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ड्रेनेज विभाग के सहायक अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि हिमाचल में होने वाली अधिक बारिश का प्रभाव यमुना नदी पर पड़ता है। जबकि उत्तराखंड के पहाड़ों में होने वाली बारिश का असर गंगा नदी पर पड़ता है। हिमाचल में अधिक बारिश के साथ कई स्थानों पर बादल फटने की भी सूचना आ रही है। जिसके चलते यमुना का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। फिलहाल यमुना नदी का जलस्तर शांत चल रहा है।