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बैंकों की लचर व्यवस्था के खिलाफ गुस्सा

Sat, 07 Jan 2017 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Sat, 07 Jan 2017 12:06 AM IST
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Poor anger against the system of banks
public news - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। 50 दिन बीतने के बाद शहरों में भले ही व्यवस्था पटरी पर आती दिखाई दे रही हो, लेकिन ग्रामीणांचल में व्यवस्था अभी तक खराब है। शुक्रवार को कैराना क्षेत्र के गांव कंडेला में चार गांवों के ग्रामीणाें ने बैंक प्रबंधन पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
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कैराना क्षेत्र के गांव कंडेला में स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के बाहर सुबह बैंक खुलते ही कंडेला, शेखूपुरा, हिंगोखेड़ी और जगनपुर गांव के ग्रामीणों ने हंगामा
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कर दिया।

आरोप है कि बैंककर्मी कैश नहीं   देते हैं। सुबह से लेकर शाम तक लोग लाइन में लगे रहते है, जब   तक लोगों का नंबर आता है तब तक बैंककर्मी कैश खत्म होने का बहाना बना देते है। बैंक में इस समय दलालों का साम्राज्य है। मैनेजर का जो चहेता है उसके लिए न लाइन है और न ही नो कैश का शब्द। ग्रामीण पूछताछ करते हैं तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। सुबह से शाम तक लाइन में लगने के बाद ग्रामीण मायूस हाेकर लौट जाते हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
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पूरे बैंक में दो का स्टाफ है। एटीएम है नहीं और चार गांव हैं। ऐसे में हम क्या करें? रही बात कैश की, तो बैंक में 50 लाख कैश की जरूरत है। जबकि आता है आठ से दस लाख। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। - बाल वर्मा, प्रबंधक सर्व यूपी ग्रामीण बैंक कंडेला

मैनेजर अपने हिसाब से अपने चहेतों को कैश वितरित करते हैं। -        ईश्वर चौहान पूर्व प्रधान शेखूपुरा। 

महिलाएं बैंक की लाइन में लगती हैं और शाम तक जब नंबर आता है, तो कैश खत्म होने की बात कही जाती है - किशन लाल। 

गांव में एटीएम नहीं है। जिस कारण लोगों को ज्यादा परेेशानी का सामना करना पड़ता है। ऊपर से बैंककर्मी अभद्रता करते हैं - दीपक हिंगोखेड़ी।

  बैंक में रुपया नहीं मिलता है। कई कई दिन कैश के लिए लोगों को भटकना पड़ता है - पीतम सिंह कंडेला। 

 बैंक इमानदारी से लोगों को कैश वितरित करें, तो दिक्कत न हो - रोहताश सिंह शेखूपुरा।

कभी बैंक में कैश नहीं आता है, तो कभी जब तक लाइन में लगकर नंबर आता है तब तक कैश खत्म हो जाता है - अनिल जगनपुर। 
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