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Shamli News: औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण की हर घंटे ऑनलाइन निगरानी
Wed, 31 Dec 2025 12:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 31 Dec 2025 12:00 AM IST
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शामली। शामली और मुजफ्फरनगर जिले की औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण की निगरानी अब ऑनलाइन सिस्टम ओसीईएमएस के माध्यम से हर घंटे की जाएगी। केंद्रीय और प्रदेश प्रदूषण विभाग की ओर से यह कदम प्रदूषण नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है।
जिलों की 71 औद्योगिक इकाइयों में सिस्टम अभी तक नहीं लगाया गया है, जिससे इन इकाइयों के लिए गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पर्यावरण आयोग की ओर से चेतावनी दी गई है कि सिस्टम न लगाने वाली इकाइयों को नोटिस जारी किया जा सकता है और यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें बंद करने का आदेश भी जारी किया जाएगा।
जिले में कंडेला समेत लगभग 300 औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। इनमें बाॅयलर और भट्ठियों से धुआं निकलता है। लखनऊ से आए प्रदूषण विभाग की टीम ने औद्योगिक इकाइयों के साथ बैठक में निर्देश दिए कि सभी इकाइयों में ओसीईएमएस सिस्टम स्थापित किया जाए, ताकि धुआं और प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके। उद्यमियों ने बताया कि सिस्टम की लागत 10 लाख से 25-30 लाख रुपये तक है, इसलिए इसे स्थापित करने के लिए उन्हें तीन माह का समय दिया जाए। मेरठ की कंपनी और आईआईए शामली चैप्टर की ओर से विषय विशेषज्ञ इस पर बैठक कर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
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प्रदूषण विभाग मुजफ्फरनगर के सहायक अभियंता कुंवर संतोष कुमार के अनुसार, शामली जिले में 20 में से 7 और मुजफ्फरनगर जिले में 88 में से 64 औद्योगिक इकाइयों में यह सिस्टम लगाया जाना है। प्रदूषण नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अगले साल से समय पर सिस्टम न लगाने वाली इकाइयों को बंद करने का आदेश जारी किया जाएगा।
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जिलों की 71 औद्योगिक इकाइयों में सिस्टम अभी तक नहीं लगाया गया है, जिससे इन इकाइयों के लिए गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पर्यावरण आयोग की ओर से चेतावनी दी गई है कि सिस्टम न लगाने वाली इकाइयों को नोटिस जारी किया जा सकता है और यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें बंद करने का आदेश भी जारी किया जाएगा।
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जिले में कंडेला समेत लगभग 300 औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। इनमें बाॅयलर और भट्ठियों से धुआं निकलता है। लखनऊ से आए प्रदूषण विभाग की टीम ने औद्योगिक इकाइयों के साथ बैठक में निर्देश दिए कि सभी इकाइयों में ओसीईएमएस सिस्टम स्थापित किया जाए, ताकि धुआं और प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके। उद्यमियों ने बताया कि सिस्टम की लागत 10 लाख से 25-30 लाख रुपये तक है, इसलिए इसे स्थापित करने के लिए उन्हें तीन माह का समय दिया जाए। मेरठ की कंपनी और आईआईए शामली चैप्टर की ओर से विषय विशेषज्ञ इस पर बैठक कर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
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प्रदूषण विभाग मुजफ्फरनगर के सहायक अभियंता कुंवर संतोष कुमार के अनुसार, शामली जिले में 20 में से 7 और मुजफ्फरनगर जिले में 88 में से 64 औद्योगिक इकाइयों में यह सिस्टम लगाया जाना है। प्रदूषण नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अगले साल से समय पर सिस्टम न लगाने वाली इकाइयों को बंद करने का आदेश जारी किया जाएगा।