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Shamli News: 67146 वाहनों के नहीं बन सकेंगे प्रदूषण प्रमाणपत्र
Sun, 12 Apr 2026 01:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 12 Apr 2026 01:22 AM IST
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शामली। जिले में बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के वाहन चलाना अब मुश्किल होगा। परिवहन विभाग ने 15 अप्रैल से प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करने के लिए ओटीपी आधारित प्रणाली लागू कर दी है। इस नियम के तहत बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट वाले 67146 वाहनों का प्रदूषण प्रमाण नहीं बन पाएगा। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने वाहन चालकों को जानकारी देनी शुरू कर दी है।
जिले में कुल 195197 पंजीकृत वाहन हैं। इनमें भारी, हल्के चार पहिया, तिपहिया, दो पहिया और व्यावसायिक वाहन शामिल हैं। जिनमें 128051 वाहनों पर एचएसआरपी नंबर प्लेट लगी है, 67146 पर लगनी बाकी है। अभी तक जिले में संचालित धुआं जांच केंद्रों पर उनकी मनमानी होती थी। कई बार केवल फोटो के आधार पर ही प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाते थे। लेकिन, नई व्यवस्था में यह संभव नहीं होगा।
जांच में पकड़े जाने पर लगेगा 10 हजार जुर्माना
जिन वाहनों पर एचएसआरपी प्लेट नहीं होगी और प्रदूषण प्रमाण पत्र भी नहीं होगा, उनसे 10 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। एआरटीओ रोहित राजपूत ने स्पष्ट किया कि एचएसआरपी लगवाना अनिवार्य है और समय-समय पर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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प्रक्रिया 2018 से है जारी
एचएसआरपी लगाने की प्रक्रिया वर्ष 2018 से चल रही है, लेकिन वाहन स्वामियों में जागरूकता की कमी और विभागीय लापरवाही के कारण आठ साल में भी 96 हजार वाहनों में यह प्लेट नहीं लग पाई। पहले भी सख्ती की गई पर चालान न होने के कारण लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब पुराने वाहनों की फिटनेस के लिए भी प्लेट अनिवार्य कर दी गई है।
अब 15 अप्रैल से उन्हीं वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे, जिनमें एचएसआरपी लगी होगी। जिन वाहनों पर एचएसआरपी नहीं होगी उनके प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं बन सकेंगे। नई व्यवस्था ओटीपी आधारित होगी, जिसमें पारदर्शिता बढ़ेगी और मनमानी पर रोक लगेगी। - रोहित राजपूत, एआरटीओ
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जिले में कुल 195197 पंजीकृत वाहन हैं। इनमें भारी, हल्के चार पहिया, तिपहिया, दो पहिया और व्यावसायिक वाहन शामिल हैं। जिनमें 128051 वाहनों पर एचएसआरपी नंबर प्लेट लगी है, 67146 पर लगनी बाकी है। अभी तक जिले में संचालित धुआं जांच केंद्रों पर उनकी मनमानी होती थी। कई बार केवल फोटो के आधार पर ही प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाते थे। लेकिन, नई व्यवस्था में यह संभव नहीं होगा।
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जांच में पकड़े जाने पर लगेगा 10 हजार जुर्माना
जिन वाहनों पर एचएसआरपी प्लेट नहीं होगी और प्रदूषण प्रमाण पत्र भी नहीं होगा, उनसे 10 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। एआरटीओ रोहित राजपूत ने स्पष्ट किया कि एचएसआरपी लगवाना अनिवार्य है और समय-समय पर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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प्रक्रिया 2018 से है जारी
एचएसआरपी लगाने की प्रक्रिया वर्ष 2018 से चल रही है, लेकिन वाहन स्वामियों में जागरूकता की कमी और विभागीय लापरवाही के कारण आठ साल में भी 96 हजार वाहनों में यह प्लेट नहीं लग पाई। पहले भी सख्ती की गई पर चालान न होने के कारण लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब पुराने वाहनों की फिटनेस के लिए भी प्लेट अनिवार्य कर दी गई है।
अब 15 अप्रैल से उन्हीं वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे, जिनमें एचएसआरपी लगी होगी। जिन वाहनों पर एचएसआरपी नहीं होगी उनके प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं बन सकेंगे। नई व्यवस्था ओटीपी आधारित होगी, जिसमें पारदर्शिता बढ़ेगी और मनमानी पर रोक लगेगी। - रोहित राजपूत, एआरटीओ