{"_id":"5ce5883abdec220745634c97","slug":"police-ne-do-ghante-tak-guljaar-aur-shejaad-se-ki-poochtaach","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस ने दो घंटे तक गुलजार-शहजाद से पूछताछ की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस ने दो घंटे तक गुलजार-शहजाद से पूछताछ की
Wed, 22 May 2019 11:04 PM IST
NAVEEN GUPTA
amarujala
amarujala
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Wed, 22 May 2019 11:04 PM IST
विज्ञापन
file
- फोटो : amarujala
शामली सहित कई रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की ईमेल पर धमकी देने के आरोपी गुलजार-शहजाद से दो दिन की पूछताछ में पुलिस को कोई खास जानकारी हाथ नहीं लग सकी है। बुधवार को पुलिस दोनों आरोपियों को रेलवे स्टेशन पर ले गई, जहां उनसे दो घंटे तक पूछताछ की गई। धमकी की मेल भेजने के सवाल पर आरोपी गुलजार ने पुराना राग अलापते हुए कहा कि कर्ज की देनदारी से बचने के लिए वह जेल जाना चाहते थे।
पुलिस की ऑफिशियल ईमेल पर रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी देने के आरोपियों दो भाइयों गुलजार और शहजाद, निवासी नंगलाताशी मेरठ से पूछताछ के लिए कोर्ट से आठ दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड स्वीकृत हुआ है। दोनों से दूसरे दिन भी कोतवाली पुलिस की टीम ने करीब दो घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद दोपहर में करीब साढ़े 12 बजे पुलिस दोनों आरोपी भाइयों को गुपचुप तरीके से लेकर रेलवे स्टेशन पहुंची। पुलिस ने आरोपियों से स्टेशन पर ले जाकर कई सवाल किए। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने आरोपियों से सवाल किया कि ई मेल पर जो धमकी दी गई, उसके मुताबिक स्टेशन पर किस स्थान पर बम रखा जाना था। किस तरह से स्टेशन को उड़ाने को योजना थी। उनके साथ इस खतरनाक योजना में क्या कोई अन्य लोग भी शामिल रहे। इस तरह के कई सवाल पुलिस ने दोनों आरोपियों से अलग-अलग किए, लेकिन आरोपियों ने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। थानाध्यक्ष शामली सुभाष राठौर के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कहा कि रेलवे स्टेशनों को उड़ाने जैसी कोई बात उनके मन में नहीं थी। धमकी की मेल भेजने के सवाल पर आरोपी गुलजार ने पुराना राग अलापते हुए कहा कि कर्ज की देनदारी से बचने के लिए वह जेल जाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने इस तरह की मेल भेज दी थी। स्टेशन पर ले जाकर भी कुछ खास हाथ न लगने पर पुलिस उन्हें कोतवाली लेकर लौट गई।
जीआरपी को भी नहीं लगी भनक
कोतवाली पुलिस की टीम गुलजार और शहजाद को लेकर रेलवे स्टेशन पर लेकर पहुंची, लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लगने दी। यहां तक कि जीआरपी थाना शामली पुलिस को भी इसकी भनक तक नहीं लगने दी। जीआरपी थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि गुलजार-शहजाद को स्टेशन पर लाने का मामला उनकी जानकारी में नहीं है। मंगलवार को कोतवाली में रिमांड पर आए आरोपी गुलजार-शहजाद के उन्होंने बयान दर्ज किए हैं, जिसमें उन्होंने डाक से भेजे गए धमकी के पत्र के बारे में किसी तरह की जानकारी होने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस की ऑफिशियल ईमेल पर रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी देने के आरोपियों दो भाइयों गुलजार और शहजाद, निवासी नंगलाताशी मेरठ से पूछताछ के लिए कोर्ट से आठ दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड स्वीकृत हुआ है। दोनों से दूसरे दिन भी कोतवाली पुलिस की टीम ने करीब दो घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद दोपहर में करीब साढ़े 12 बजे पुलिस दोनों आरोपी भाइयों को गुपचुप तरीके से लेकर रेलवे स्टेशन पहुंची। पुलिस ने आरोपियों से स्टेशन पर ले जाकर कई सवाल किए। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने आरोपियों से सवाल किया कि ई मेल पर जो धमकी दी गई, उसके मुताबिक स्टेशन पर किस स्थान पर बम रखा जाना था। किस तरह से स्टेशन को उड़ाने को योजना थी। उनके साथ इस खतरनाक योजना में क्या कोई अन्य लोग भी शामिल रहे। इस तरह के कई सवाल पुलिस ने दोनों आरोपियों से अलग-अलग किए, लेकिन आरोपियों ने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। थानाध्यक्ष शामली सुभाष राठौर के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कहा कि रेलवे स्टेशनों को उड़ाने जैसी कोई बात उनके मन में नहीं थी। धमकी की मेल भेजने के सवाल पर आरोपी गुलजार ने पुराना राग अलापते हुए कहा कि कर्ज की देनदारी से बचने के लिए वह जेल जाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने इस तरह की मेल भेज दी थी। स्टेशन पर ले जाकर भी कुछ खास हाथ न लगने पर पुलिस उन्हें कोतवाली लेकर लौट गई।
विज्ञापन
जीआरपी को भी नहीं लगी भनक
कोतवाली पुलिस की टीम गुलजार और शहजाद को लेकर रेलवे स्टेशन पर लेकर पहुंची, लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लगने दी। यहां तक कि जीआरपी थाना शामली पुलिस को भी इसकी भनक तक नहीं लगने दी। जीआरपी थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि गुलजार-शहजाद को स्टेशन पर लाने का मामला उनकी जानकारी में नहीं है। मंगलवार को कोतवाली में रिमांड पर आए आरोपी गुलजार-शहजाद के उन्होंने बयान दर्ज किए हैं, जिसमें उन्होंने डाक से भेजे गए धमकी के पत्र के बारे में किसी तरह की जानकारी होने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन