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शामली: बजट के अभाव में गीला कूड़ा निस्तारण के लिए नहीं बना प्लांट
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- मशीनों के अभाव में एमआरएफ सेंटर भी नहीं हुआ चालू
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। नगरपालिका परिषद घर-घर अभियान चलाकर नागरिकों को सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग देने के लिए जागरूक कर रही है, लेकिन बजट के अभाव में अभी तक गीला कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट का निर्माण तक नहीं हो सका और न ही मशीनों के अभाव में मैटिरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर चालू हो पाया है।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत नागरिकों को सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग कर पालिकाकर्मियों को देने के लिए जागरूकता अभियान 31 मार्च तक तीन चरणों में चलाया जाएगा। गीले कूड़े का निस्तारण कर कंपोस्ट बनाने के प्लांट के लिए पालिका ने मोहल्ला पंसारियान में एमआरएफ सेंटर के बराबर में भूमि चिह्नित की है, लेकिन बजट के अभाव में निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। उधर, मोहल्ला पंसारियान में 32 लाख रुपये की लागत से एमआरएफ सेंटर कई माह पहले बनकर तैयार हो चुका है। यहां सूखे कूड़े से प्लास्टिक, शीशा, लोहा और ईंट-पत्थर आदि मैटिरियल को अलग-अलग किया जाएगा, लेकिन मशीनों के अभाव में यह सेंटर भी चालू नहीं हो सका है।
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गीला कूड़ा निस्तारण के कंपोस्टिंग प्लांट के लिए पंसारियान मोहल्ले में एमआरएफ सेंटर के निकट भूमि चिह्नित की गई है। प्लांट के निर्माण के लिए बजट संंबंधी प्रस्ताव जल्द तैयार किया जाएगा। गीला कूड़ा निस्तारण के लिए वार्डों में सामुदायिक कंपोस्टर लगाए जाएंगे। मोबीन नगर मोहल्ले में पहला सामुदायिक कंपोस्टर लगाया जा चुका है। नागरिकों को होम कंपोस्टिंग के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। एमआरएफ सेंटर में मशीनों के लिए शासन से अभी बजट नहीं मिला है। बजट मिलते ही मशीनों को स्थापित कर सेंटर चालू कर दिया जाएगा।
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- सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका शामली।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। नगरपालिका परिषद घर-घर अभियान चलाकर नागरिकों को सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग देने के लिए जागरूक कर रही है, लेकिन बजट के अभाव में अभी तक गीला कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट का निर्माण तक नहीं हो सका और न ही मशीनों के अभाव में मैटिरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर चालू हो पाया है।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत नागरिकों को सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग कर पालिकाकर्मियों को देने के लिए जागरूकता अभियान 31 मार्च तक तीन चरणों में चलाया जाएगा। गीले कूड़े का निस्तारण कर कंपोस्ट बनाने के प्लांट के लिए पालिका ने मोहल्ला पंसारियान में एमआरएफ सेंटर के बराबर में भूमि चिह्नित की है, लेकिन बजट के अभाव में निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। उधर, मोहल्ला पंसारियान में 32 लाख रुपये की लागत से एमआरएफ सेंटर कई माह पहले बनकर तैयार हो चुका है। यहां सूखे कूड़े से प्लास्टिक, शीशा, लोहा और ईंट-पत्थर आदि मैटिरियल को अलग-अलग किया जाएगा, लेकिन मशीनों के अभाव में यह सेंटर भी चालू नहीं हो सका है।
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गीला कूड़ा निस्तारण के कंपोस्टिंग प्लांट के लिए पंसारियान मोहल्ले में एमआरएफ सेंटर के निकट भूमि चिह्नित की गई है। प्लांट के निर्माण के लिए बजट संंबंधी प्रस्ताव जल्द तैयार किया जाएगा। गीला कूड़ा निस्तारण के लिए वार्डों में सामुदायिक कंपोस्टर लगाए जाएंगे। मोबीन नगर मोहल्ले में पहला सामुदायिक कंपोस्टर लगाया जा चुका है। नागरिकों को होम कंपोस्टिंग के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। एमआरएफ सेंटर में मशीनों के लिए शासन से अभी बजट नहीं मिला है। बजट मिलते ही मशीनों को स्थापित कर सेंटर चालू कर दिया जाएगा।
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- सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका शामली।