{"_id":"5866a99f4f1c1b741aeee5e1","slug":"plans-will-be-realized-will-open-the-way-to-development","type":"story","status":"publish","title_hn":"साकार होंगी योजनाएं, खुलेंगे विकास के रास्ते","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साकार होंगी योजनाएं, खुलेंगे विकास के रास्ते
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sat, 31 Dec 2016 12:08 AM IST
विज्ञापन
positive news
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। साल 2017 शामली जनपद के लिए सुविधाओं और खुशियों से भरा रहेगा। शिक्षा, चिकित्सा और जनसुविधाओं से जुड़े कई प्रोजेक्ट इसी साल पूर्ण हो जाएंगे। कलक्ट्रेट मुख्यालय पर विकास भवन बनकर तैयार हो जाएगा, तो जिला अस्पताल का संचालन भी इसी साल होना है। जाहिर है कि यह सभी प्रोजेक्ट पूरे होने पर आमजन को लाभ पहुंचेगा।
मिलने लगेगी जिला अस्पताल की सुविधा
अभी तक शामली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को ही जिला अस्पताल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। सीएमओ, डिप्टी सीएमओ और एसीएमओ के कार्यालय यहीं पर हैं। पूर्वी यमुना नहर पटरी मार्ग पर जिला अस्पताल निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। एक मंजिला बिल्डिंग बन चुकी है। साल 2017 में जिला अस्पताल का संचालन शुरू हो जाएगा।
पहला मॉल हो जाएगा तैयार
मॉल कल्चर शहरों में खूब चल रहा है। मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और सहारनपुर, मुजफ्फरनगर में भी मॉल बन चुके हैं, मगर ग्रामीण परिवेश वाले शामली जनपद कोई मॉल नहीं था। पिछले दिनों एसटी तिराहे पर एक मॉल का निर्माण शुरू हुआ। निर्माण कार्य काफी तेजी से चल रहा है, जिसके इसी साल 2017 में पूर्ण होने की उम्मीद है, जिसके बाद शामली के लोगों को भी बड़े शहरों की तरह मॉल कल्चर मिल जाएगा।
विज्ञापन
विकास भवन में बैठने लगेंगे अधिकारी
ब्लाक कार्यालय शामली को ही विकास भवन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। कलक्ट्रेट मुख्यालय पर विकास भवन बन रहा है, जिसका करीब आधा कार्य हो चुका है। जिलाधिकारी सुजीत कुमार की मानें, तो आने वाले साल के शुरुआती महीनों में ही विकास भवन में अधिकारी बैठने लगेंगे, जिसके बाद एक ही परिसर में कृषि, डीआरडीए, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, डूडा और अन्य विभागों के दफ्तर शुरू हो जाएंगे।
राजकीय इंटर कॉलेज में पढ़ेंगी बालिकाएं
मुख्यमंत्री की घोषणा पर लिलौन गांव में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का निर्माण चल रहा है। एक मंजिल बन चुकी है, जबकि दूसरी मंजिल का कार्य प्रगति पर है। उम्मीद है कि 2017 में शामली शहर और आसपास के गांवों की बालिकाओं के लिए इस इंटर कॉलेज में अध्यापन कार्य शुरू हो जाएगा।
पॉलीटेक्निक कॉलेज से मिलेगा तकनीकी ज्ञान
जसाला में राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और छात्रावास का निर्माण पूर्ण हो चुका है। नए साल में इसका संचालन शुरू हो जाएगा, जिससे कांधला और आसपास के दर्जनों गांवों के बच्चों को तकनीकी शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
ट्रेनों की बढ़ जाएगी स्पीड
दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग पर कांधला, गोहरनी, हिंड सहित कई स्थानों पर अंडरपास का निर्माण चल रहा है। ज्यादातर कार्य पूर्ण हो चुका है। अंडरपास से वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। पूर्व में रेलवे फाटकों पर ट्रेनों की गति धीमी रहती थी, लेकिन अंडरपास का निर्माण पूरा होने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी।
दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे का निर्माण होगा शुरू
दिल्ली से सहारनपुर तक फोरलेन हाईवे के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होने वाली है। पूर्व में जो निर्माण एजेंसी थी, उसने विभिन्न स्थानों पर पुलियों का निर्माण करा दिया था। साथ ही इस रूट पर सड़क किनारे के भवनों की तोड़फोड़ भी हो चुकी है। उम्मीद है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर इसी साल दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन हाईवे का निर्माण शुरू हो जाएगा।
ओडीएफ घोषित हो जाएंगे सभी गांव
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले से शौच मुक्त बनाने का अभियान चल रहा है। जिले की 230 ग्राम पंचायतों में से कुछ ही गांव बचे हैं, जिन्हें ओडीएफ घोषित किया जाना है। जिलाधिकारी का कहना है कि जनवरी के अंत तक सभी गांवों को ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
मिलने लगेगी जिला अस्पताल की सुविधा
अभी तक शामली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को ही जिला अस्पताल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। सीएमओ, डिप्टी सीएमओ और एसीएमओ के कार्यालय यहीं पर हैं। पूर्वी यमुना नहर पटरी मार्ग पर जिला अस्पताल निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। एक मंजिला बिल्डिंग बन चुकी है। साल 2017 में जिला अस्पताल का संचालन शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
पहला मॉल हो जाएगा तैयार
मॉल कल्चर शहरों में खूब चल रहा है। मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और सहारनपुर, मुजफ्फरनगर में भी मॉल बन चुके हैं, मगर ग्रामीण परिवेश वाले शामली जनपद कोई मॉल नहीं था। पिछले दिनों एसटी तिराहे पर एक मॉल का निर्माण शुरू हुआ। निर्माण कार्य काफी तेजी से चल रहा है, जिसके इसी साल 2017 में पूर्ण होने की उम्मीद है, जिसके बाद शामली के लोगों को भी बड़े शहरों की तरह मॉल कल्चर मिल जाएगा।
विज्ञापन
विकास भवन में बैठने लगेंगे अधिकारी
ब्लाक कार्यालय शामली को ही विकास भवन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। कलक्ट्रेट मुख्यालय पर विकास भवन बन रहा है, जिसका करीब आधा कार्य हो चुका है। जिलाधिकारी सुजीत कुमार की मानें, तो आने वाले साल के शुरुआती महीनों में ही विकास भवन में अधिकारी बैठने लगेंगे, जिसके बाद एक ही परिसर में कृषि, डीआरडीए, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, डूडा और अन्य विभागों के दफ्तर शुरू हो जाएंगे।
राजकीय इंटर कॉलेज में पढ़ेंगी बालिकाएं
मुख्यमंत्री की घोषणा पर लिलौन गांव में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का निर्माण चल रहा है। एक मंजिल बन चुकी है, जबकि दूसरी मंजिल का कार्य प्रगति पर है। उम्मीद है कि 2017 में शामली शहर और आसपास के गांवों की बालिकाओं के लिए इस इंटर कॉलेज में अध्यापन कार्य शुरू हो जाएगा।
पॉलीटेक्निक कॉलेज से मिलेगा तकनीकी ज्ञान
जसाला में राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और छात्रावास का निर्माण पूर्ण हो चुका है। नए साल में इसका संचालन शुरू हो जाएगा, जिससे कांधला और आसपास के दर्जनों गांवों के बच्चों को तकनीकी शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
ट्रेनों की बढ़ जाएगी स्पीड
दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग पर कांधला, गोहरनी, हिंड सहित कई स्थानों पर अंडरपास का निर्माण चल रहा है। ज्यादातर कार्य पूर्ण हो चुका है। अंडरपास से वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। पूर्व में रेलवे फाटकों पर ट्रेनों की गति धीमी रहती थी, लेकिन अंडरपास का निर्माण पूरा होने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी।
दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे का निर्माण होगा शुरू
दिल्ली से सहारनपुर तक फोरलेन हाईवे के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होने वाली है। पूर्व में जो निर्माण एजेंसी थी, उसने विभिन्न स्थानों पर पुलियों का निर्माण करा दिया था। साथ ही इस रूट पर सड़क किनारे के भवनों की तोड़फोड़ भी हो चुकी है। उम्मीद है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर इसी साल दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन हाईवे का निर्माण शुरू हो जाएगा।
ओडीएफ घोषित हो जाएंगे सभी गांव
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले से शौच मुक्त बनाने का अभियान चल रहा है। जिले की 230 ग्राम पंचायतों में से कुछ ही गांव बचे हैं, जिन्हें ओडीएफ घोषित किया जाना है। जिलाधिकारी का कहना है कि जनवरी के अंत तक सभी गांवों को ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा।