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पानी खरीदकर पी रहे आर्यपुरी बस्ती के लोग
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कैराना। आर्यपुरी बंजारा बस्ती की करीब एक हजार की आबादी के लिए पेयजल की उचित सुविधा नहीं है। बस्ती में लगे तीन हैंडपंपों में से केवल दो का पानी ही प्रयोग में लाने योग्य है। बस्ती के गरीब लोग संपन्न परिवार के घरों में लगे सबमर्सिबल से बाल्टियों में पानी भर कर लाते हैं। कुछ लोगों ने तो यह यह भी बताया कि पीने के पानी की 15 लीटर की कैन भरने के लिए उन्हें 10 रुपये सबमर्सिबल वालों को देने पड़ते हैं। गर्मी के मौसम में तो पानी की किल्लत को लेकर स्थिति और खराब हो जाएगी।
आर्यपुरी बस्ती कैराना नगरपालिका क्षेत्र से सटा हुआ ग्रामीण इलाका है। आर्यपुरी देहात ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र की आबादी करीब एक हजार है। यहां के निवासियों का कहना है कि बस्ती में केवल दो हैंडपंप हैं। बस्ती में पेयजल परियोजना नहीं होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
पंचायत के निवर्तमान प्रधान सत्तार अली का कहना है कि बस्ती में तीन हैंडपंप लगवाए गए थे। इनमें से एक का पानी ठीक नहीं है। पेयजल परियोजना की स्थापना के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा गया था। हाल ही में नगरपालिका का परिसीमन हुआ है। यह क्षेत्र नगरपालिका में चला गया है। इस क्षेत्र में नगर पालिका पेयजल सप्लाई शुरू कराएगी।
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बोले आर्यपुरी बस्ती के निवासी...
बस्ती में सरकारी टंकी का पानी नहीं आता है। दूर से पानी भरकर पैदल लाना पड़ता है। सरकारी हैंडपंप का पानी भी ठीक नहीं है। गर्मियों में दिक्कत और बढ़ जाएगी। - कामिल।
बस्ती में पेयजल का संकट है। सबमर्सिबल वालों से पानी लेने जाते हैं तो 15 लीटर की कैन भरने के बदले 10 रुपये देने पड़ते हैं। - हसीना।
लंबे समय से पानी का संकट बना हुआ है। रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं है। गर्मी में पानी की दिक्कत और बढ़ जाएगी। - अलीजान।
आर्यपुरी बस्ती में पानी की समस्या सबसे बड़ी है। प्रधान को भी कई बार पानी के हैंडपंपों के बारे में कह चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। - मुकर्रम।
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आर्यपुरी बस्ती कैराना नगरपालिका क्षेत्र से सटा हुआ ग्रामीण इलाका है। आर्यपुरी देहात ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र की आबादी करीब एक हजार है। यहां के निवासियों का कहना है कि बस्ती में केवल दो हैंडपंप हैं। बस्ती में पेयजल परियोजना नहीं होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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पंचायत के निवर्तमान प्रधान सत्तार अली का कहना है कि बस्ती में तीन हैंडपंप लगवाए गए थे। इनमें से एक का पानी ठीक नहीं है। पेयजल परियोजना की स्थापना के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा गया था। हाल ही में नगरपालिका का परिसीमन हुआ है। यह क्षेत्र नगरपालिका में चला गया है। इस क्षेत्र में नगर पालिका पेयजल सप्लाई शुरू कराएगी।
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बोले आर्यपुरी बस्ती के निवासी...
बस्ती में सरकारी टंकी का पानी नहीं आता है। दूर से पानी भरकर पैदल लाना पड़ता है। सरकारी हैंडपंप का पानी भी ठीक नहीं है। गर्मियों में दिक्कत और बढ़ जाएगी। - कामिल।
बस्ती में पेयजल का संकट है। सबमर्सिबल वालों से पानी लेने जाते हैं तो 15 लीटर की कैन भरने के बदले 10 रुपये देने पड़ते हैं। - हसीना।
लंबे समय से पानी का संकट बना हुआ है। रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं है। गर्मी में पानी की दिक्कत और बढ़ जाएगी। - अलीजान।
आर्यपुरी बस्ती में पानी की समस्या सबसे बड़ी है। प्रधान को भी कई बार पानी के हैंडपंपों के बारे में कह चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। - मुकर्रम।