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शिया सोगवारों ने निकाला मातमी जुलूस
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Sat, 24 Oct 2015 12:05 AM IST
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जलालाबाद। कस्बे में शिया सोगवारों ने मातमी जुलूस निकालकर शोक मनाया। इस दौरान करबला के शहीदों को सलामी दी गई।
कस्बे में मोहर्रम की नौवीं तारीख को इमाम बारगाहों में मजलिसों का सिलसिला जारी रहा। सुबह के समय मुंजतबई बेगम ने मजलिस की, इसमें शाने हैदर थानवी ने खिताब में दीन ए इस्लाम की फजिलत बयान की । उन्होंने कहा कि दीन में जिस प्रकार रसूल अल खुदा का बुलंद मुकाम है, वैसा ही मुकाम मौला अली का है।
मौलाना ने इस अवसर पर करबला के 72 शहीदों का जिक्र किया, जिसमें अली अकबर की शहादत पेश की, तो शिया सोगवार गमगीन हो गये। इसके बाद मजलिस कल्लू शाह में हुई वहां पर मौलाना हारून हैदर बिजनौरी ने करबला के मसायब पेश किए और इमाम हुसैन तथा हजरत अब्बास के जीवन पर रोशनी डाली।
इसके बाद मातमी जुलूस इमाम बारगाह कल्लू शाह से शुरू हुआ, जिसमें शिया सोगवार बड़े बड़े आलम व छोटे-छाटे बच्चे भी आलम लेकर आगे-आगे चल रहे थे। जिसके पीछे-पीछे शिया समुदाय के लोग मातम करते हुए व जंजीरजनी से शरीर को लहूलुहान कर करबला के शहीदों को सलामी पेश की।
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जुलूस नीलगरान चौक से होता हुआ कटहैरा चौक पहुंचा। वहां पर भी सीनाजनी और मातम मनाया। वहां से जुलूस दरबार शरीफ पहुंचा। जुलूस इमाम बारगाह मुंजतबई बेगम पहुंचकर समाप्त हुआ। जुलूस में अनवर हुसैन, वसी असगर, बसीर हुसैन, अलीरजा, अजदार हुसैन, मेहंदी हसन, आदिल रिजवी, कल्लू हुसैन, बाखर हुसैन, राशिद हुसैन, मुजाहिद हुसैन, जाहिद केसर अब्बास सरफराज, मोहसीन अली आदि मौजूद रहे। जुलूस में भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
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कस्बे में मोहर्रम की नौवीं तारीख को इमाम बारगाहों में मजलिसों का सिलसिला जारी रहा। सुबह के समय मुंजतबई बेगम ने मजलिस की, इसमें शाने हैदर थानवी ने खिताब में दीन ए इस्लाम की फजिलत बयान की । उन्होंने कहा कि दीन में जिस प्रकार रसूल अल खुदा का बुलंद मुकाम है, वैसा ही मुकाम मौला अली का है।
मौलाना ने इस अवसर पर करबला के 72 शहीदों का जिक्र किया, जिसमें अली अकबर की शहादत पेश की, तो शिया सोगवार गमगीन हो गये। इसके बाद मजलिस कल्लू शाह में हुई वहां पर मौलाना हारून हैदर बिजनौरी ने करबला के मसायब पेश किए और इमाम हुसैन तथा हजरत अब्बास के जीवन पर रोशनी डाली।
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इसके बाद मातमी जुलूस इमाम बारगाह कल्लू शाह से शुरू हुआ, जिसमें शिया सोगवार बड़े बड़े आलम व छोटे-छाटे बच्चे भी आलम लेकर आगे-आगे चल रहे थे। जिसके पीछे-पीछे शिया समुदाय के लोग मातम करते हुए व जंजीरजनी से शरीर को लहूलुहान कर करबला के शहीदों को सलामी पेश की।
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जुलूस नीलगरान चौक से होता हुआ कटहैरा चौक पहुंचा। वहां पर भी सीनाजनी और मातम मनाया। वहां से जुलूस दरबार शरीफ पहुंचा। जुलूस इमाम बारगाह मुंजतबई बेगम पहुंचकर समाप्त हुआ। जुलूस में अनवर हुसैन, वसी असगर, बसीर हुसैन, अलीरजा, अजदार हुसैन, मेहंदी हसन, आदिल रिजवी, कल्लू हुसैन, बाखर हुसैन, राशिद हुसैन, मुजाहिद हुसैन, जाहिद केसर अब्बास सरफराज, मोहसीन अली आदि मौजूद रहे। जुलूस में भारी पुलिस बल मौजूद रहा।