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एक्स रे के लिए फर्श पर बैठकर बिजली का इंतजार करते रहे मरीज
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शामली सीएचसी में एक्सरे टेबिल पर बैठकर बिजली आने का इंतजार करती महिलाएं।
- फोटो : SHAMLI
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। सीएचसी में वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को एक्सरे के लिए विद्युत आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता है। विद्युत लाइन के तार बदले जाने के कारण शुक्रवार को सीएचसी में मरीज फर्श पर बैठकर आपूर्ति का इंतजार करते रहे। दोपहर दो बजे के बाद बिजली आई। हालांकि तब तक मरीज इंतजार करके जा चुके थे।
सीएचसी में सुबह से ही बिजली आपूर्ति बंद थी। यहां मौसम खराब होने और बादलों की वजह से अंधेरा छाया रहा। सबसे बड़ी समस्या एक्सरे कराने आए मरीजों के सामने आई। बिजली जाने के बाद एक्सरे मशीन बंद हो जाती है। सीएचसी में रोजाना औसतन 60 से 70 एक्सरे होते हैं। मरीज शुक्रवार को भी सुबह से ही एक्सरे कराने पहुंचने लगे थे। विद्युत आपूर्ति नहीं होने से एक्सरे नहीं हो सके। एक्सरे कक्ष से लेकर ओपीडी की गैलरी तक में मरीज फर्श पर बैठकर बिजली आने का इंतजार करते रहे। कुछ मरीज एक्सरे मशीन की टेबल पर ही बैठे हुए थे। विद्युत लाइन के तार बदलने का काम पूरा होने पर दोपहर दो बजे के बाद आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन तब तक मरीज इंतजार करके जा चुके थे।
उमस भरी गर्मी में उठानी पड़ी परेशानी
सीएचसी में जेनरेटर की सुविधा न होने से उमस भरी गर्मी में मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बत्ती गुल होने पर पंखे बंद हो जाते हैं। ऐसे में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीज और उनके तीमारदार पसीने-पसीने हो जाते हैं। जून में भी बिजली के बार-बार कट लगने से मरीजों के साथ चिकित्सकों को भी परेशान होना पड़ा था।
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सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया कि विद्युत निगम के कर्मचारियों द्वारा लाइन के तार व केबल बदलने का कार्य किया। जिस कारण सीएचसी में बिजली नहीं थी। दोपहर दो बजे के बाद आपूर्ति शुरू हुई। मरीजों के बैठने के लिए बेंच की सुविधा है, लेकिन एक्सरे कराने वाले मरीजों को बताया गया था कि बिजली न होने की वजह से एक्सरे नहीं हो पाएंगे। अगले दिन आकर एक्सरे करा लें। इसके बाद भी मरीज वहीं रुके रहे। शनिवार को मरीजों के एक्सरे किए जाएंगे।
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शामली। सीएचसी में वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को एक्सरे के लिए विद्युत आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता है। विद्युत लाइन के तार बदले जाने के कारण शुक्रवार को सीएचसी में मरीज फर्श पर बैठकर आपूर्ति का इंतजार करते रहे। दोपहर दो बजे के बाद बिजली आई। हालांकि तब तक मरीज इंतजार करके जा चुके थे।
सीएचसी में सुबह से ही बिजली आपूर्ति बंद थी। यहां मौसम खराब होने और बादलों की वजह से अंधेरा छाया रहा। सबसे बड़ी समस्या एक्सरे कराने आए मरीजों के सामने आई। बिजली जाने के बाद एक्सरे मशीन बंद हो जाती है। सीएचसी में रोजाना औसतन 60 से 70 एक्सरे होते हैं। मरीज शुक्रवार को भी सुबह से ही एक्सरे कराने पहुंचने लगे थे। विद्युत आपूर्ति नहीं होने से एक्सरे नहीं हो सके। एक्सरे कक्ष से लेकर ओपीडी की गैलरी तक में मरीज फर्श पर बैठकर बिजली आने का इंतजार करते रहे। कुछ मरीज एक्सरे मशीन की टेबल पर ही बैठे हुए थे। विद्युत लाइन के तार बदलने का काम पूरा होने पर दोपहर दो बजे के बाद आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन तब तक मरीज इंतजार करके जा चुके थे।
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उमस भरी गर्मी में उठानी पड़ी परेशानी
सीएचसी में जेनरेटर की सुविधा न होने से उमस भरी गर्मी में मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बत्ती गुल होने पर पंखे बंद हो जाते हैं। ऐसे में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीज और उनके तीमारदार पसीने-पसीने हो जाते हैं। जून में भी बिजली के बार-बार कट लगने से मरीजों के साथ चिकित्सकों को भी परेशान होना पड़ा था।
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सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया कि विद्युत निगम के कर्मचारियों द्वारा लाइन के तार व केबल बदलने का कार्य किया। जिस कारण सीएचसी में बिजली नहीं थी। दोपहर दो बजे के बाद आपूर्ति शुरू हुई। मरीजों के बैठने के लिए बेंच की सुविधा है, लेकिन एक्सरे कराने वाले मरीजों को बताया गया था कि बिजली न होने की वजह से एक्सरे नहीं हो पाएंगे। अगले दिन आकर एक्सरे करा लें। इसके बाद भी मरीज वहीं रुके रहे। शनिवार को मरीजों के एक्सरे किए जाएंगे।

शामली सीएचसी में एक्सरे रूम के बाहर फर्श पर बैठ कर बिजली आने का इंतजार करते मरीज।- फोटो : SHAMLI

शामली सीएचसी एक्सरे रूम के बाहर फर्श पर बैठकर बिजली आने का इंतजार करते मरीज।- फोटो : SHAMLI