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Shamli News: दिव्यांग कैंप में भटके मरीज, 12 बजे तक नहीं पहुंचे डॉक्टर
Tue, 21 Nov 2023 12:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 21 Nov 2023 12:35 AM IST
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शामली। जिला अस्पताल में लगने वाले दिव्यांग कैंप की व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। कैंप में डॉक्टरों और कर्मचारियों के पहुंचने का समय दस बजे का है, लेकिन डॉक्टर बारह बजे के बाद ही पहुंचते हैं और सोमवार को तो साढ़े बारह बजे ही वहां डॉक्टर पहुंचना शुरू हुए। जबकि मरीज दूर-दूर से आकर नौ बजे से ही लाइन में लगे हुए थे। जिला अस्पताल में 50 से अधिक मरीज प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे, लेकिन वहां रजिस्ट्रेशन का कार्य भी एक घंटा देरी से शुरू हुआ। इससे मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। सोमवार को कैंप की पड़ताल की तो अव्यवस्था की पोल खुली। -
जल्दी आने का नहीं हुआ कोई फायदा
कैराना निवासी रेनू का कहना है कि वह नौ बजे जिला अस्पताल के दिव्यांग कैंप में आ गए थे, लेकिन उनका जल्दी आने का कोई फायदा नहीं हुआ। उनकी जांच भी साढ़े बारह बजे बाद हुई, जिससे काफी परेशानी उठानी पड़ी।
दिव्यांग कैंप में आने वाले मरीज होते हैं परेशान
गोगवान निवासी साजिद ने बताया कि दिव्यांग कैंप की हालत लगातार बिगड़ती ज रही है, क्योंकि डॉक्टर समय से नहीं आते है। इससे मरीज परेशान होते हैं और अधिकारी भी उनकी सुनने वाले नहीं है।
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तीन घंटे करना पड़ा इंतजार
मादलपुर निवासी मोहती ने बताया कि वह सुबह नौ बजे अस्पताल में आए थे, लेकिन उनको तीन घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। डॉक्टर को जल्दी आने के लिए कहते है, लेकिन वह उनकी सुनते तक नहीं है।
डॉक्टरों के पास समय नहीं तो न लगाते कैंप
कैराना निवासी गोल्डी का कहना है कि जब डॉक्टरों के पास समय नहीं है तो दिव्यांग कैंप न लगाते। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। डॉक्टर अपनी मनमर्जी से कार्य करते है।
डॉक्टरों का समय सुबह दस बजे आने का है, लेकिन जिन-जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है उनको अपने अस्पताल की ओपीडी भी करनी होती है। वह ओपीडी करने के बाद कैंप पहुंचते है और तीन बजे तक रहकर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाते हैं।
डॉ. संजय अग्रवाल, सीएमओ शामली
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जल्दी आने का नहीं हुआ कोई फायदा
कैराना निवासी रेनू का कहना है कि वह नौ बजे जिला अस्पताल के दिव्यांग कैंप में आ गए थे, लेकिन उनका जल्दी आने का कोई फायदा नहीं हुआ। उनकी जांच भी साढ़े बारह बजे बाद हुई, जिससे काफी परेशानी उठानी पड़ी।
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दिव्यांग कैंप में आने वाले मरीज होते हैं परेशान
गोगवान निवासी साजिद ने बताया कि दिव्यांग कैंप की हालत लगातार बिगड़ती ज रही है, क्योंकि डॉक्टर समय से नहीं आते है। इससे मरीज परेशान होते हैं और अधिकारी भी उनकी सुनने वाले नहीं है।
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तीन घंटे करना पड़ा इंतजार
मादलपुर निवासी मोहती ने बताया कि वह सुबह नौ बजे अस्पताल में आए थे, लेकिन उनको तीन घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। डॉक्टर को जल्दी आने के लिए कहते है, लेकिन वह उनकी सुनते तक नहीं है।
डॉक्टरों के पास समय नहीं तो न लगाते कैंप
कैराना निवासी गोल्डी का कहना है कि जब डॉक्टरों के पास समय नहीं है तो दिव्यांग कैंप न लगाते। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। डॉक्टर अपनी मनमर्जी से कार्य करते है।
डॉक्टरों का समय सुबह दस बजे आने का है, लेकिन जिन-जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है उनको अपने अस्पताल की ओपीडी भी करनी होती है। वह ओपीडी करने के बाद कैंप पहुंचते है और तीन बजे तक रहकर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाते हैं।
डॉ. संजय अग्रवाल, सीएमओ शामली