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श्रवण कुमार की तरह पप्पन व तेजवीर ने मां-बाप को कराई तीर्थ यात्रा
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पानीपत की विद्या कॉलोनी निवासी भाई पप्पन व तेजवीर माता-पिता को हरिद्वार से कांवड़ में लेकर आते हु
- फोटो : SHAMLI
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना (शामली)। श्रवण कुमार की तर्ज पर हरियाणा निवासी दो सगे भाई अपने माता-पिता को तीर्थ यात्रा कराकर मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। यह दृश्य देख कांवड़ मार्ग पर हर कोई उनकी प्रशंसा करता नजर आया।
जिस तरह श्रवण कुमार अपने नेत्रहीन माता-पिता को तीर्थ यात्रा कराने के लिए कांवड़ में बैठाकर निकले थे। आज की भागती दौड़ती जिंदगी में जब रिश्ते तार-तार हो रहे हैं। बूढ़े माता-पिता का तिरस्कार देखने को मिल रहा है। इसके विपरीत यह तस्वीर बहुत कुछ बयां करती है। सोमवार शाम पानीपत की विद्या कॉलोनी निवासी दो सगे भाई पप्पन व तेजवीर कांवड़ में अपनी मां रिशवती व पिता शुगन को लेकर आए। दोनों भाई कैराना के एक शिविर में रुके।
शिवभक्त पप्पन ने बताया कि उन्होंने हरकी पौड़ी से 7 दिन पहले जल उठाया था। एक मजबूत लकड़ी से बनाई कांवड़ में माता-पिता को बैठाया। वे करीब 180 किमी का सफर तय करेंगे। कल वे अपने गृह जनपद के शिवालय में पहुंचकर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। शिवभक्त पप्पन ने बताया कि वह लगातार तीसरी बार अपने माता-पिता को कांवड़ में लेकर आए हैं । वह इसी तरह हमेशा उनकी सेवा करना चाहते हैं। वहीं, दो शिवभक्त भाइयों द्वारा कांवड़ में माता-पिता को बैठाकर लाने का यह दृश्य देखकर हर कोई उनकी प्रशंसा करता नजर आया।
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कैराना (शामली)। श्रवण कुमार की तर्ज पर हरियाणा निवासी दो सगे भाई अपने माता-पिता को तीर्थ यात्रा कराकर मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। यह दृश्य देख कांवड़ मार्ग पर हर कोई उनकी प्रशंसा करता नजर आया।
जिस तरह श्रवण कुमार अपने नेत्रहीन माता-पिता को तीर्थ यात्रा कराने के लिए कांवड़ में बैठाकर निकले थे। आज की भागती दौड़ती जिंदगी में जब रिश्ते तार-तार हो रहे हैं। बूढ़े माता-पिता का तिरस्कार देखने को मिल रहा है। इसके विपरीत यह तस्वीर बहुत कुछ बयां करती है। सोमवार शाम पानीपत की विद्या कॉलोनी निवासी दो सगे भाई पप्पन व तेजवीर कांवड़ में अपनी मां रिशवती व पिता शुगन को लेकर आए। दोनों भाई कैराना के एक शिविर में रुके।
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शिवभक्त पप्पन ने बताया कि उन्होंने हरकी पौड़ी से 7 दिन पहले जल उठाया था। एक मजबूत लकड़ी से बनाई कांवड़ में माता-पिता को बैठाया। वे करीब 180 किमी का सफर तय करेंगे। कल वे अपने गृह जनपद के शिवालय में पहुंचकर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। शिवभक्त पप्पन ने बताया कि वह लगातार तीसरी बार अपने माता-पिता को कांवड़ में लेकर आए हैं । वह इसी तरह हमेशा उनकी सेवा करना चाहते हैं। वहीं, दो शिवभक्त भाइयों द्वारा कांवड़ में माता-पिता को बैठाकर लाने का यह दृश्य देखकर हर कोई उनकी प्रशंसा करता नजर आया।
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