फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Panchkalyanak is the sacred process of becoming God from the soul: Vishuddha Sagar

आत्मा से परमात्मा बनने की पवित्र प्रक्रिया है पंचकल्याणक : विशुद्ध सागर

Sat, 02 Dec 2023 12:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sat, 02 Dec 2023 12:47 AM IST
विज्ञापन
Panchkalyanak is the sacred process of becoming God from the soul: Vishuddha Sagar
कांधला में पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में प्रवचन करते नाटिका प्रस्तुत करते जैन समाज के लो
कांधला। श्री दिगंबर जैन मंदिर कमेटी के तत्वावधान में राजकीय अतिथि श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के सानिध्य में चल रहे पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में दूसरे दिन गर्भ कल्याणक उत्तर रूप की क्रियाएं संपन्न कराई गई।
विज्ञापन

प्रातः नगर में श्री विशुद्ध सागर जी महाराज की ससंघ बैंड बाजों के साथ जनपद बागपत के असारा गांव से नगर में मंगल प्रवेश हुआ। धर्मसभा को संबोधित करते हुए राजकीय अतिथि आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने कहा कि देवाधिदेव अरिहंत सर्वज्ञ परमात्मा के दर्शन, वंदना से पूर्व भवों के कर्म क्षय होते हैं। गुरुओं की सेवा से पाप कर्मों का क्षय होता है, पुण्य वर्धन होता है। समर्पण से बीज वृक्ष, बूंद से सागर बन जाता है।
विज्ञापन

ऐसे-ही महा-पुण्यात्मा भव्यात्मा कैसे परमात्मा बनता है, इसी का चित्रण पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में किया जाता है। कहा कि आत्मा से परमात्मा बनने की पवित्र प्रक्रिया है, पंचकल्याणक। गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान और निर्वाण ये पांच कल्याणक होते हैं। कहा कि प्रभु का सच्चा भक्त, गुरु का सच्चा सेवक किसी से सम्मान नहीं चाहता है। परंतु वह प्रभु भक्ति, गुरु सेवा के फल से जगत से सम्माननीय हो जाता है। भक्ति से मुक्ति मिलती है। सेवा का फल मेवा मिलता है। प्रभु भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती, गुरु सेवा का फल शीघ्र प्राप्त होता है। इस दौरान सकल जैन समाज के अलावा सभी समाज के लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रासुक जल से किया अभिषेक
सुबह पीत वस्त्रधारी इंद्रगणों ने भगवान आदिनाथ, पार्श्वनाथ और शांतिनाथ भगवान की मूर्तियों का प्रासुक जल से अभिषेक किया। इस दौरान कुबेर इंद्र बने श्रावक व श्राविकाओं ने नृत्य किया। पंडित संजय जैन, पियूष, पंडित सतीश जैन के दिशा निर्देशन और सह प्रतिष्ठाचार्य पंड़ित अभय अभिराम इंदौर और पवन भैय्या भिंड के नेतृत्व में सभी भक्तों ने गर्भ कल्याणक की पूजन की। साथ ही हर्षोल्लास से गर्भ कल्याणक मनाया। संगीतकार संजय रंगीला भोपाल के मधुर भजनों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। विभिन्न स्थानों से आये श्रद्धालुओं का स्वागत अध्यक्ष नत्थू मल जैन, स्वागत समिति के सदस्यों ने तिलक लगाकर और प्रतीक चिह्न देकर किया। दोपहर 3 बजे तीर्थकर बालक की माता मरु देवी की गोद भराई हुई। इस अवसर पर राजा नाभिराय ने खुशियां मनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed