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पलायन करने वालों को मिलेगी विशेष सुरक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Feb 2017 12:23 AM IST
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शामली। कैराना से पलायन करने वाले परिवारों को स्वतंत्र रूप से मतदान कराने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया है। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि मतदान में किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
गौरतलब है कि भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कैराना से 346 परिवारों के पलायन की सूची जारी की थी। उन्होंने कहा था कि कैराना क्षेत्र में बदमाशों द्वारा रंगदारी मांगने, व्यापारियों की हत्या करने, महिलाओं से दुष्कर्म और अन्य वारदातों के कारण लोगों ने पलायन किया। मामला सुर्खियाें में आने के बाद केंद्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने भी कैराना पहुंचकर जांच की थी। आयोग ने भी माना था कि अपराध के कारण भी कैराना के लोगों को पलायन करना पड़ रहा है। हालांकि प्रदेश सरकार ने पलायन की बात को खारिज करते हुए दावा किया था कि जो सूची जारी की गई, वह प्रशासनिक टीम से कराई गई जांच में फर्जी निकली। उधर, पिछले दिनों मेरठ के आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश देकर कहा था कि पलायन कर चुके परिवारों के वोट डलवाने के लिए कड़ी सुरक्षा दिलाई जाए। हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को भी पत्र प्राप्त हुआ।
जिलाधिकारी सुजीत कुमार और पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराया जाएगा। 11 फरवरी को मतदान करने के लिए कड़ी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
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गौरतलब है कि भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कैराना से 346 परिवारों के पलायन की सूची जारी की थी। उन्होंने कहा था कि कैराना क्षेत्र में बदमाशों द्वारा रंगदारी मांगने, व्यापारियों की हत्या करने, महिलाओं से दुष्कर्म और अन्य वारदातों के कारण लोगों ने पलायन किया। मामला सुर्खियाें में आने के बाद केंद्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने भी कैराना पहुंचकर जांच की थी। आयोग ने भी माना था कि अपराध के कारण भी कैराना के लोगों को पलायन करना पड़ रहा है। हालांकि प्रदेश सरकार ने पलायन की बात को खारिज करते हुए दावा किया था कि जो सूची जारी की गई, वह प्रशासनिक टीम से कराई गई जांच में फर्जी निकली। उधर, पिछले दिनों मेरठ के आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश देकर कहा था कि पलायन कर चुके परिवारों के वोट डलवाने के लिए कड़ी सुरक्षा दिलाई जाए। हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को भी पत्र प्राप्त हुआ।
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जिलाधिकारी सुजीत कुमार और पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराया जाएगा। 11 फरवरी को मतदान करने के लिए कड़ी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
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