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बैंकों में कैश खत्म, पब्लिक आउट ऑफ कंट्रोल
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:41 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली/कैराना/जलालाबाद। कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार को बैंकों की छुट्टी के बाद मंगलवार को सुबह से ही बैंक शाखाओं पर नोट बदलने और अपने खाते में पुराने नोट जमा कराने वालों की भारी भीड़ जमा हो गई। वहीं, कोऑपरेटिव बैंक के बाहर सुबह से ही नोट नहीं बदलने का नोटिस चस्पा किए जाने के कारण ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया।
सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान पर सभी बैंक बंद रहे थे। जिस कारण मंगलवार को सुबह से ही बैंकों के बाहर अन्य दिनों की अपेक्षा लंबी लाइनें लग गई थी। कोऑपरेटिव बैंक ने अपना मुख्य चैनल गेट बंद करके उसके आगे एक नोटिस चस्पा कर दिया। जिस पर लिखा था कि आरबीआई के निर्देशों पर पुराने नोट नहीं बदले जाएंगे।
जिस कारण लोगों ने हंगामा कर दिया। कोऑपरेटिव बैंक में केवल खातों में रुपये ही जमा कराये गये। जबकि केनरा बैंक में सुबह ही नई करेंसी खत्म होने के कारण लोगों के पुराने नोट नहीं बदले गए। साथ ही पूरे दिन आईसीआईसीआई, एसबीआई, पीएनबी में लगी लाइनें पानीपत खटीमा राजमार्ग तक आ गई थी। कई बार लाइन में लगी महिलाओं और पुरुषों में झड़प होने पर सुरक्षा में लगे पुलिस के जवानों ने मामला शांत कराया।
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उधर, जलालाबाद में मंगलवार को बैंक शाखाएं खुलने से पहले ही सुबह सात बजे से ही लोगों की लंबी कतारें देखने को मिली। एसबीआई और ओरियंटल बैंक की शाखा के बाहर सुबह से लाइन में लगे लोगों को तब बेहद मायूसी हाथ लगी, जब उन्हें पता चला कि शाखा में कैश नहीं है केवल पैसा जमा हो सकता है।
वहीं, जिला सहकारी बैंकों में पुराने नोट बदलने व जमा करने पर लगी रोक की खबर से सैकड़ों लोग बेहद परेशान दिखाई दिए। जिनके खाते केवल इसी बैंक में थे। लोगों का कहना था कि अब वह अपने पैसों को कहां ले जाए दूसरे बैंकों में इन हालातों में खाता नहीं खुल सकता है। वहीं, कस्बे में लगे एसबीआई, पीएनबी और ओबीसी के एटीएम भी खराब होने से उनमें ताले लटके पडे़ हैं।
उधर, ओबीसी के शाखा प्रबंधक अजय कुमार का कहना है कि बीते दो दिनों से आरबीआई से पैसों की आपूर्ति नहीं हुई है ऐसे में लाइन में लगे उपभोक्ताओं को टोकन देकर उनके फोन नंबर ले लिए गए हैं, जिस समय भी कैश बैंक पहुंचेगा, सबसे पहले उनको सूचना देकर पैसा दिया जाएगा। अभी केवल लोगों का पैसा जमा किया जा रहा है।
चार बजे तक नहीं पहुंचा कैश
झिंझाना। नोट बदलने को लेकर पांचवें दिन भी बैंकों पर भारी भीड़ लगी रही। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। पंजाब नेशनल बैंक में शाम चार बजे तक कैश नहीं पहुंचने से उपभोक्ता परेशान रहे।
मंगलवार को बैंक खुलने से पहले ही सुबह छह बजे से बैंकों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग गई। बैंक अपने निर्धारित समय दस बजे ही खोला गया। पंजाब नेशनल बैंक में उपभोक्ताओं से रुपये जमा तो कराए गए, लेकिन किसी को नए या छोटे नोट नहीं दिए गए। शाम चार बजे के करीब बैंक में कैश पहुंचा, लेकिन तब तक गेट बंद होने का समय होने से अधिकांश उपभोक्ता निराश होकर लौट गए। बैंक में भीड़ इतनी थी कि महिलाएं बैंक के अंदर बैठने की जगह नहीं मिलने पर वहां रखी मेज के ऊपर चढ़कर बैठ गई।
उधर, एसबीआई की शाखा में भी शाम तक नोट लेने के लिए लोगों की लाइन लगी रही। मौके पर पहुंचे सीओ झिंझाना कुलदीप कुकरेती ने पुलिस व्यवस्था का जायजा लिया तथा पुलिसकर्मियों को गंभीरता से ड्यूटी करने का निर्देश दिया। लापरवाही करने पर कार्रवाई की जाएगी।
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सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान पर सभी बैंक बंद रहे थे। जिस कारण मंगलवार को सुबह से ही बैंकों के बाहर अन्य दिनों की अपेक्षा लंबी लाइनें लग गई थी। कोऑपरेटिव बैंक ने अपना मुख्य चैनल गेट बंद करके उसके आगे एक नोटिस चस्पा कर दिया। जिस पर लिखा था कि आरबीआई के निर्देशों पर पुराने नोट नहीं बदले जाएंगे।
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जिस कारण लोगों ने हंगामा कर दिया। कोऑपरेटिव बैंक में केवल खातों में रुपये ही जमा कराये गये। जबकि केनरा बैंक में सुबह ही नई करेंसी खत्म होने के कारण लोगों के पुराने नोट नहीं बदले गए। साथ ही पूरे दिन आईसीआईसीआई, एसबीआई, पीएनबी में लगी लाइनें पानीपत खटीमा राजमार्ग तक आ गई थी। कई बार लाइन में लगी महिलाओं और पुरुषों में झड़प होने पर सुरक्षा में लगे पुलिस के जवानों ने मामला शांत कराया।
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उधर, जलालाबाद में मंगलवार को बैंक शाखाएं खुलने से पहले ही सुबह सात बजे से ही लोगों की लंबी कतारें देखने को मिली। एसबीआई और ओरियंटल बैंक की शाखा के बाहर सुबह से लाइन में लगे लोगों को तब बेहद मायूसी हाथ लगी, जब उन्हें पता चला कि शाखा में कैश नहीं है केवल पैसा जमा हो सकता है।
वहीं, जिला सहकारी बैंकों में पुराने नोट बदलने व जमा करने पर लगी रोक की खबर से सैकड़ों लोग बेहद परेशान दिखाई दिए। जिनके खाते केवल इसी बैंक में थे। लोगों का कहना था कि अब वह अपने पैसों को कहां ले जाए दूसरे बैंकों में इन हालातों में खाता नहीं खुल सकता है। वहीं, कस्बे में लगे एसबीआई, पीएनबी और ओबीसी के एटीएम भी खराब होने से उनमें ताले लटके पडे़ हैं।
उधर, ओबीसी के शाखा प्रबंधक अजय कुमार का कहना है कि बीते दो दिनों से आरबीआई से पैसों की आपूर्ति नहीं हुई है ऐसे में लाइन में लगे उपभोक्ताओं को टोकन देकर उनके फोन नंबर ले लिए गए हैं, जिस समय भी कैश बैंक पहुंचेगा, सबसे पहले उनको सूचना देकर पैसा दिया जाएगा। अभी केवल लोगों का पैसा जमा किया जा रहा है।
चार बजे तक नहीं पहुंचा कैश
झिंझाना। नोट बदलने को लेकर पांचवें दिन भी बैंकों पर भारी भीड़ लगी रही। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। पंजाब नेशनल बैंक में शाम चार बजे तक कैश नहीं पहुंचने से उपभोक्ता परेशान रहे।
मंगलवार को बैंक खुलने से पहले ही सुबह छह बजे से बैंकों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग गई। बैंक अपने निर्धारित समय दस बजे ही खोला गया। पंजाब नेशनल बैंक में उपभोक्ताओं से रुपये जमा तो कराए गए, लेकिन किसी को नए या छोटे नोट नहीं दिए गए। शाम चार बजे के करीब बैंक में कैश पहुंचा, लेकिन तब तक गेट बंद होने का समय होने से अधिकांश उपभोक्ता निराश होकर लौट गए। बैंक में भीड़ इतनी थी कि महिलाएं बैंक के अंदर बैठने की जगह नहीं मिलने पर वहां रखी मेज के ऊपर चढ़कर बैठ गई।
उधर, एसबीआई की शाखा में भी शाम तक नोट लेने के लिए लोगों की लाइन लगी रही। मौके पर पहुंचे सीओ झिंझाना कुलदीप कुकरेती ने पुलिस व्यवस्था का जायजा लिया तथा पुलिसकर्मियों को गंभीरता से ड्यूटी करने का निर्देश दिया। लापरवाही करने पर कार्रवाई की जाएगी।