फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Outstanding cane crushing season will start without

बकाया दिए बगैर ही शुरू होगा गन्ना पेराई सत्र

Wed, 26 Oct 2016 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Wed, 26 Oct 2016 12:34 AM IST
विज्ञापन
Outstanding cane crushing season will start without
sugercane - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली।  तैयारियां आधी अधूरी हैं, गन्ना क्रय केंद्रों का निर्धारण नहीं हुआ और किसानों का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान भी नहीं किया। बावजूद इसके आगामी 2016-17 का गन्ना पेराई सत्र दीपावली के बाद शुरू होने जा रहा है। थानाभवन शुगर मिल में दो नवंबर से पेराई शुरू होगी, तो शामली मिल में पांच नवंबर से शुरू होने की उम्मीद है। 
विज्ञापन


जनपद में शामली, थानाभवन और ऊन चीनी मिल है। बीते सत्र का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान अब तक नहीं किया जा सका। शामली शुगर मिल पर करीब 47 करोड़, थानाभवन पर 27 करोड़ और ऊन शुगर मिल पर 59 करोड़ रुपये बकाया हैं। इस बीच आगामी वर्ष 2016-17 के गन्ना पेराई सत्र की तैयारियां शुरू हो गई है।  बजाज समूह की थानाभवन चीनी मिल ने दो नवंबर को पेराई सत्र शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके चलते 60 गन्ना क्रय केंद्र खोलने की तैयारी है।
विज्ञापन


पेराई सत्र के प्रथम दिन 46 हजार क्विंटल गन्ना खरीद का इंडेंट भी सहकारी गन्ना समिति थानाभवन को भेज दिया गया है। बुधवार को दो अतिरिक्त इंडेंट भी जारी किए जाएंगे। थानाभवन शुगर मिल के वाइस प्रेसीडेंट/यूनिट हेड वीरपाल सिंह ने बताया कि पेराई सत्र की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।  उधर, शामली स्थित अपर दोआब शुगर मिल में पेराई सत्र पांच नवंबर से शुरू होने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि शामली चीनी मिल ने इंडेंट जारी नहीं किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शुगर मिल के  सहायक महाप्रबंधक (केन) नरेश कुमार ने बताया कि पेराई सत्र के लिए 22 गन्ना क्रय शुरू करने की तैयारी चल रही है। 
उधर, जिला  गन्ना अधिकारी डाक्टर अनिल भारती ने बताया कि ऊन चीनी मिल  द्वारा बकाया गन्ना मूल्य  भुगतान न करने से किसान आंदोलन कर रहे हैं। ऊन चीनी मिल को गन्ना देने का विरोध भी कर रहे हैं। ऊन का पेराई सत्र शुरू होने में स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है।

डीएम से मिला किसानों का प्रतिनिधिमंडल  
ऊन। बकाया भुगतान की समस्या को लेकर मंगलवार को किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल एसडीएम के साथ डीएम से वार्ता करने के लिए शामली पहुंचा । वहीं अपनी मांगों को लेकर क्षेत्र के किसानों का मिल गेट पर धरना 30 वें दिन भी जारी रहा।

बकाया गन्ना भुगतान की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सोमवार को मिल प्रशासन की ओर से किसानों के बीच में उप महा गन्ना प्रबंधक ने पहुंच कर बकाया गन्ना भुगतान में से केवल ढाई करोड़ रुपये देने की बात किसानों के बीच में रखी थी । जिस पर धरने पर बैठे किसानों ने इंकार करते हुए पूरा भुगतान न होने तक धरना जारी रखने को कहा। 

वहीं मंगलवार को किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी को अपने साथ लेकर बकाया भुगतान की समस्या को हल करने के लिए शामली डीएम सुजीत कुमार के साथ वार्ता करने के लिए पहुंचा । वार्ता में डीएम ने किसानों के सामने मिल के अंदर रिपेयरिंग कार्य को चलवाने का प्रस्ताव रखा तथा किसानों की समस्या का जल्द ही समाधान करने का आश्वासन दिया। 

जिस पर मिलने के लिए पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने सहमति नहीं जताई तथा धरने पर बैठे किसानों से वार्ता करने के लिए कहा। उसके बाद किसानों का प्रतिनिधिमंडल वापस मिल गेट पर बैठे किसनों के बीच लौट आया तथा किसानों से इस संबंध में वार्ता की। जिस पर किसानों ने कहा कि जब तक  किसानों का पूर्ण भुगतान मिल के  द्वारा नहीं किया जायेगा तब तक मिल परिसर के अंदर किसी भी तरह का कार्य नहीं किया जायेगा तथा धरना          जारी रहेगा। 


मंगलवार को धरने पर भास्कर चौधरी, नीटू, ऊन, जगमेर पिंडोरा, मोनू चिकारा, बिट्टू, रवि, आदि मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र        के किसानों ने मिल क्षेत्र का गन्ना अन्य मिलों को दिए जाने के संबंध में गन्ना आयुक्त से वार्ता करने         के लिए किसानों ने एक प्रतिनिधिमंडल बनाकर देर शाम लखनऊ के लिए रवाना किया।   
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed