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35 साल पुराने मामले में 1.07 लाख रुपये देने के आदेश

Sat, 10 Jul 2021 11:58 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jul 2021 11:58 PM IST
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Order to give 1.07 lakh in 35 year old case
शामली। भवन निर्माण करके आवंटित न करने के मामले में जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के चेयरमैन और महिला सदस्य ने एक लाख सात हजार रुपये परिवादी को देने के आदेश दिए हैं। मामला लगभग 35 साल पुराना है।
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आर्यपुरी बुढ़ाना रोड निवासी रमेशचंद बंसल ने वर्ष 2017 में जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के चेयरमैन हेमंत कुमार, महिला सदस्य अमरजीत कौर के यहां उत्तर प्रदेश आवास आयुक्त एवं विकास परिषद लखनऊ और संयुक्त आवास आयुक्त मेरठ जोन के खिलाफ वाद दायर किया था। जिसमें अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश आवास आयुक्त एवं विकास परिषद लखनऊ ने अल्प आय योजना के तहत आवास हेतु आवेदन मांगे थे। जिसमें दो कमरे शौचालय, लॉबी बनाकर शामली में दिए जाने का प्रस्ताव किया था। उनको शामली में 120 वर्ग मीटर में भवन बनाकर देना था। पीड़ित को पांच हजार रुपये देकर भवन का पंजीकरण, शेष धनराशि दस हजार रुपये 250 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से पांच वर्ष तक जमा करना था। पीड़ित ने पांच हजार रुपये पंजीकरण कराया।
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पंजीकरण धनराशि का चालान इंडियन ओवरसीज बैंक शामली में गत 27 फरवरी 1985 को उत्तर प्रदेश आवास आयुक्त एवं विकास परिषद लखनऊ के नाम खाते में जमा कराई गई। 4 जून 1986 को भवन का पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करके आश्वस्त किया गया कि शीघ्र ही शामली में भूमि का अधिग्रहण करके भवन बनाकर देंगे। इसके बावजूद कोई आवास नहीं बनाया गया।
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पीड़ित की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के चेयरमैन हेमंत कुमार और महिला सदस्य अमरजीत कौर ने संयुक्त रूप से गत 9 मई 2008 को संपत्ति प्रबंधक सहायक आवास-विकास आयुक्त लखनऊ को नोटिस जारी किया गया। नोटिस की प्रतिलिपि आवास आयुक्त लखनऊ व मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण को भेजी थी। एमडीए ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि यह योजना आवास विकास परिषद उत्तर प्रदेश से संबंधित है। पीड़ित ने कहा कि 27 फरवरी 1985 से वह किराये के रुप में दस लाख रुपये दे चुका है। आयोग के चेयरमैन और महिला सदस्य ने आवास आयुक्त उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद लखनऊ तथा संयुक्त आवास आयुक्त मेरठ जोन को एक लाख सात हजार रुपये परिवादी को 30 दिन के भीतर देने के आदेश दिए हैं।
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