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ऑनलाइन धोखाधड़ी का आरोपी झारखंड से गिरफ्तार
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ऑनलाइन धोखाधड़ी का आरोपी झारखंड से गिरफ्तार
शामली। थाना आदर्श मंडी पुलिस ने महिला उप निरीक्षक के साथ करीब एक लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी के आरोप में झारखंड से साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से धोखाधड़ी में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
जनपद के एएचटीयू थाने में तैनात महिला उप निरीक्षक पूनम गौतम के मोबाइल पर 27 जून को बैंक ट्रांजक्सन संबंधी एक मेसेज आया था। इसके साथ बैंक का टोल फ्री नंबर भेजकर संपर्क करने को कहा। टोल फ्री नंबर पर जानकारी करने पर बैंक कर्मचारी बनकर साइबर अपराधी ने महिला उप निरीक्षक के खाते संबंधी जानकारियां ले लीं। खाते से करीब एक लाख रुपये का ऑनलाइन ट्रांजक्सन कर लिया। इसकी जानकारी मिलते ही साइबर सेल ने ऑनलाइन ठगी गई रकम को संबंधित बैंक में फ्रीज कराया।
जांच में साइबर अपराधी की पहचान झारखंड के जनपद देवघर के थाना देवीपुुर के गांव पहाड़पुर निवासी मोहम्मद इलियास अंसारी पुत्र सुलेमान अंसारी के रूप में हुई। एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि झारखंड के देवघर पुलिस के सहयोग से आठ जुलाई को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर थाना आदर्श मंडी लाया गया। सोमवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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ये है धोखाधड़ी का तरीका
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में जानकारी मिली कि उसके बैंक अकाउंट में पेटीएम के जरिये पैसा पहुंचता है, जिसमें उसे एक बार के ट्रांजक्सन में उसके गांव का इकबाल तीन हजार रुपये देता है। इसी प्रकार गांव के कुछ अन्य लोगों के भी बैक एकाउंट नंबर इकबाल ने ले रखे हैं। इकबाल उनके खाते में आए पैसे लेकर उसे ऑनलाइन ठगी करने वाले मुख्य अपराधियों तक पहुंचा देता है। मुख्य अपराधी नेट के जरिये लोगों के मोबाइल पर बैक ट्रांजक्सन संबंधी मेसेज भेजता है, जिसके साथ फर्जी बैंक का टोल फ्री नंबर अटैच किया जाता है। ठगी का शिकार होने वाला व्यक्ति जैसे ही भेजे गए मेसेज में बैंक के टोल फ्री नंबर पर शिकायत करता है, उसी बैंक खाता संबंधी जानकारी हासिल कर ली जाती है और उसके एकाउंट से धनराशि निकाल ली जाती है।
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शामली। थाना आदर्श मंडी पुलिस ने महिला उप निरीक्षक के साथ करीब एक लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी के आरोप में झारखंड से साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से धोखाधड़ी में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
जनपद के एएचटीयू थाने में तैनात महिला उप निरीक्षक पूनम गौतम के मोबाइल पर 27 जून को बैंक ट्रांजक्सन संबंधी एक मेसेज आया था। इसके साथ बैंक का टोल फ्री नंबर भेजकर संपर्क करने को कहा। टोल फ्री नंबर पर जानकारी करने पर बैंक कर्मचारी बनकर साइबर अपराधी ने महिला उप निरीक्षक के खाते संबंधी जानकारियां ले लीं। खाते से करीब एक लाख रुपये का ऑनलाइन ट्रांजक्सन कर लिया। इसकी जानकारी मिलते ही साइबर सेल ने ऑनलाइन ठगी गई रकम को संबंधित बैंक में फ्रीज कराया।
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जांच में साइबर अपराधी की पहचान झारखंड के जनपद देवघर के थाना देवीपुुर के गांव पहाड़पुर निवासी मोहम्मद इलियास अंसारी पुत्र सुलेमान अंसारी के रूप में हुई। एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि झारखंड के देवघर पुलिस के सहयोग से आठ जुलाई को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर थाना आदर्श मंडी लाया गया। सोमवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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ये है धोखाधड़ी का तरीका
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में जानकारी मिली कि उसके बैंक अकाउंट में पेटीएम के जरिये पैसा पहुंचता है, जिसमें उसे एक बार के ट्रांजक्सन में उसके गांव का इकबाल तीन हजार रुपये देता है। इसी प्रकार गांव के कुछ अन्य लोगों के भी बैक एकाउंट नंबर इकबाल ने ले रखे हैं। इकबाल उनके खाते में आए पैसे लेकर उसे ऑनलाइन ठगी करने वाले मुख्य अपराधियों तक पहुंचा देता है। मुख्य अपराधी नेट के जरिये लोगों के मोबाइल पर बैक ट्रांजक्सन संबंधी मेसेज भेजता है, जिसके साथ फर्जी बैंक का टोल फ्री नंबर अटैच किया जाता है। ठगी का शिकार होने वाला व्यक्ति जैसे ही भेजे गए मेसेज में बैंक के टोल फ्री नंबर पर शिकायत करता है, उसी बैंक खाता संबंधी जानकारी हासिल कर ली जाती है और उसके एकाउंट से धनराशि निकाल ली जाती है।