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स्तर गिरने पर राजनीति से कर लिया किनारा
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:29 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। 1973 से 1976 तक शामली नगर पालिका के चेयरमैन रहे श्यामलाल जैन के परिवार ने राजनीति से किनारा कर लिया। उनके पुत्र सुधीर जैन का कहना है कि अब राजनीति का स्तर गिर गया है। नेता हर हथकंडा अपनाकर चुनाव जीतना चाहते हैं, जनता के मुद्दों का ख्याल नहीं रहता।
सुधीर जैन का कहना है कि 1977 से लेकर 1988 तक लंबे समय तक निकायों का कंट्रोल प्रशासन के पास रहने से निकाय की सक्रिय राजनीति से दूर होते चले गए।
मुख्य कारण राजनीति का गिरता स्तर है। पहले निकाय सदस्य ही चेयरमैन को चुनते थे। वर्ष 1988 से नगर पालिका परिषद के चेयरमैन को आम वोटर चुनने लगे है।
जिससे चुनावी खर्च बढ़ते चले गए। तब चुनाव कार्यालय खुलते थे, घर-घर जाकर वोट मांगे जाते थे और रिक्शों से प्रचार होता था। अब तो सबकुछ बदल गया है। जिसके पास चुनाव में खर्च करने के लिए मोटा पैसा नहीं, उसे लोग कमजोर प्रत्याशी बताते हैं। जबकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह सरासर गलत है।
बताया कि अब उनके परिवार के सदस्य सक्रिय राजनीति करना नहीं चाहते। हालांकि राजनैतिक घरानों से उनके संबंध मधुर रहे हैं।
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सुधीर जैन का कहना है कि 1977 से लेकर 1988 तक लंबे समय तक निकायों का कंट्रोल प्रशासन के पास रहने से निकाय की सक्रिय राजनीति से दूर होते चले गए।
मुख्य कारण राजनीति का गिरता स्तर है। पहले निकाय सदस्य ही चेयरमैन को चुनते थे। वर्ष 1988 से नगर पालिका परिषद के चेयरमैन को आम वोटर चुनने लगे है।
जिससे चुनावी खर्च बढ़ते चले गए। तब चुनाव कार्यालय खुलते थे, घर-घर जाकर वोट मांगे जाते थे और रिक्शों से प्रचार होता था। अब तो सबकुछ बदल गया है। जिसके पास चुनाव में खर्च करने के लिए मोटा पैसा नहीं, उसे लोग कमजोर प्रत्याशी बताते हैं। जबकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह सरासर गलत है।
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बताया कि अब उनके परिवार के सदस्य सक्रिय राजनीति करना नहीं चाहते। हालांकि राजनैतिक घरानों से उनके संबंध मधुर रहे हैं।