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फर्जीवाड़े का खुलासा होते ही जागे अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sat, 02 Jul 2016 12:05 AM IST
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थानाभवन के नागल गांव शौचालय के लिए खोदे गए गड्ढे।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली में थानाभवन क्षेत्र के गांव नागल में शौचालयों के निर्माण में फर्जीवाडे का अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होते ही अधिकारी भी हरकत में आ गए। जिसके बाद गांव में शौचालयों के निर्माण कार्य तेज गति से प्रारंभ हुआ।
25 जून शनिवार को अमर उजाला में शौचालयों के निर्माण में फर्जीवाडा शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ था। ग्रामीण रविंद्र ने छह अप्रैल और सात जून को तहसील दिवस में शिकायत की थी कि वर्ष 2013-14 में हमारा गांव नागल लोहिया गांव के अंतर्गत चयनित हुआ था। उसी समय गांव में 296 शौचालयों का निर्माण कार्य कराया गया था।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि ज्यादातर शौचालयों के गड्ढे भी नहीं बनाए गए थे। शिकायत के बाद डीपीआरओ ने भी ढूलमूल जांच कर मामला दबा दिया। जिसके बाद 24 जून को डीएम से शिकायत की। 25 जून को अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने पर प्रशासन हरकत में आया।
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गांव नागल और उसके मजरे किशोरपुर में ढाई दर्जन से ज्यादा शौचालयों पर निर्माण कार्य तेज गति से प्रारंभ हो गया है। वर्तमान ग्राम प्रधान रामपाल सिंह ने बताया कि यह मामला उनके समय का नहीं है। दोनों ही गांवों में शौचालयों का निर्माण तेजी से हो रहा है। वहीं, शिकायतकर्ता रविंद्र ने कहा कि सभी 296 शौचालयों का सर्वे होना चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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25 जून शनिवार को अमर उजाला में शौचालयों के निर्माण में फर्जीवाडा शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ था। ग्रामीण रविंद्र ने छह अप्रैल और सात जून को तहसील दिवस में शिकायत की थी कि वर्ष 2013-14 में हमारा गांव नागल लोहिया गांव के अंतर्गत चयनित हुआ था। उसी समय गांव में 296 शौचालयों का निर्माण कार्य कराया गया था।
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शिकायतकर्ता का आरोप था कि ज्यादातर शौचालयों के गड्ढे भी नहीं बनाए गए थे। शिकायत के बाद डीपीआरओ ने भी ढूलमूल जांच कर मामला दबा दिया। जिसके बाद 24 जून को डीएम से शिकायत की। 25 जून को अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने पर प्रशासन हरकत में आया।
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गांव नागल और उसके मजरे किशोरपुर में ढाई दर्जन से ज्यादा शौचालयों पर निर्माण कार्य तेज गति से प्रारंभ हो गया है। वर्तमान ग्राम प्रधान रामपाल सिंह ने बताया कि यह मामला उनके समय का नहीं है। दोनों ही गांवों में शौचालयों का निर्माण तेजी से हो रहा है। वहीं, शिकायतकर्ता रविंद्र ने कहा कि सभी 296 शौचालयों का सर्वे होना चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।