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शामली: बुढ़ाना रोड रेलवे फाटक पर उपरिगामी पुल निर्माण में बाधा
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- मौके पर सात मीटर चौड़ी सड़क, सर्विस लेन के लिए नहीं है भूमि
- तीन विभागों के बीच फंसा मामला, जाम की समस्या हो गई गंभीर
अमर उजाला पड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो समाचार
शामली। आम बजट में शहर के बुढ़ाना रोड रेलवे फाटक पर उपरिगामी पुल निर्माण के लिए धनराशि तो जारी हो गई, लेकिन इसके निर्माण में बाधा खत्म नहीं हो रही हैं। तीन विभागों के बीच इसका निर्माण अटक कर रह गया है। उपरिगामी पुल निर्माण के लिए मौके पर सर्विस लेन की भूमि भी उपलब्ध नहीं है।
शहर में बुढ़ाना रोड सात मीटर चौड़ी है। इसके एक ओर कमला कॉलोनी तो दूसरी ओर शामली चीनी मिल है। शहर में जाम की समस्या को देखते हुए वर्ष 2016 में आम बजट में रेलवे की पिंक बुक में उपरिगामी पुल स्वीकृत करते हुए 29 करोड़ से अधिक की धनराशि के बजट का प्रावधान किया गया था। उत्तर रेलवे व राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश सेतु निगम को कार्ययोजना बनाने की जिम्मेदारी दी थी। सेतु निगम ने पुल निर्माण के साथ सर्विस लेन निर्माण के लिए शामली चीनी मिल की भूमि खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया था। मिल प्रबंधन से विचार-विमर्श करके सर्विस लेन की भूमि का मुआवजा धनराशि शामिल करते हुए शासन को एस्टीमेट तैयार करके भिजवाया गया। रेलवे ने पुल के लिए मिट्टी का नमूना लेकर परीक्षण को भेज दिया था। बाद में यह सड़क लोक निर्माण विभाग से एनएचएआई को हस्तांरित कर दी गई। एनएचएआई ने बुढ़ाना रोड रेलवे फाटक पर उपरिगामी पुल का निर्माण अपनी परियोजना को शामिल नहीं किया। जिसके चलते पुल का निर्माण नहीं हो पाया। इस बार आम बजट में रेलवे की जारी हुई पिंक बुक में इस पुल के निर्माण के निर्धारित 29 करोड़ की धनराशि में से दस करोड़ अवमुक्त कर दिए गए।
एनएचएआई बाईपास की सीमा से बाहर कर रही कार्य
मेरठ-करनाल हाईवे समेत जिले से गुजरने वाले सभी हाईवे एनएचएआई के अधीन है। पानीपत-खटीमा मार्ग कुछ दिन पूर्व ही पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित किया गया है। एनएचएआई की ओर से शहर के बीच गुजरने वाले हाईवे पर पुल का निर्माण परियोजना में शामिल नहीं किया है। मात्र सड़कों की मरम्मत का जिला प्रशासन के दबाव में कर रहा है।
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चार माह पूर्व रेलवे की ओर से गया था पुल का प्रस्ताव
उत्तर रेलवे निर्माण खंड के सेक्शन इंजीनियर थान सिंह का कहना है कि शहर में जाम की समस्या को देखते हुए बुढ़ाना रोड फाटक नंबर-89 और पानीपत-खटीमा मार्ग पर रेलवे फाटक-90 पर उपरिगामी पुल का रेलवे दिल्ली मंडल को चार माह पूर्व प्रस्ताव दिया गया था। बुढ़ाना रोड रेलवे फाटक पर रेलवे और राज्य सरकार की सहभागिता से उपरिगामी पुल का निर्माण होगा।
पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित होने के बाद सेतु निगम करेगा विचार
उत्तर प्रदेश सेतु निगम सहारनपुर के अधिशासी अभियंता सतेंद्र पाल सिंह का कहना है कि बुढ़ाना रोड एनएचएआई के अधीन है। एनएचएआई यहां उपरिगामी पुल का निर्माण कराए। उत्तर प्रदेश सेतु निगम यह सड़क हस्तांतरित होने के बाद ही पुल निर्माण का एस्टीमेट तैयार कर सकता है। दूसरी ओर, सांसद प्रदीप चौधरी का कहना है कि शहर में जाम से मुक्ति के लिए शहर के बुढ़ाना रोड और शहर के धीमानपुरा रेलवे फाटक पर उपरिगामी पुल निर्माण की सिफारिश की गई है।
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- तीन विभागों के बीच फंसा मामला, जाम की समस्या हो गई गंभीर
अमर उजाला पड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
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शामली। आम बजट में शहर के बुढ़ाना रोड रेलवे फाटक पर उपरिगामी पुल निर्माण के लिए धनराशि तो जारी हो गई, लेकिन इसके निर्माण में बाधा खत्म नहीं हो रही हैं। तीन विभागों के बीच इसका निर्माण अटक कर रह गया है। उपरिगामी पुल निर्माण के लिए मौके पर सर्विस लेन की भूमि भी उपलब्ध नहीं है।
शहर में बुढ़ाना रोड सात मीटर चौड़ी है। इसके एक ओर कमला कॉलोनी तो दूसरी ओर शामली चीनी मिल है। शहर में जाम की समस्या को देखते हुए वर्ष 2016 में आम बजट में रेलवे की पिंक बुक में उपरिगामी पुल स्वीकृत करते हुए 29 करोड़ से अधिक की धनराशि के बजट का प्रावधान किया गया था। उत्तर रेलवे व राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश सेतु निगम को कार्ययोजना बनाने की जिम्मेदारी दी थी। सेतु निगम ने पुल निर्माण के साथ सर्विस लेन निर्माण के लिए शामली चीनी मिल की भूमि खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया था। मिल प्रबंधन से विचार-विमर्श करके सर्विस लेन की भूमि का मुआवजा धनराशि शामिल करते हुए शासन को एस्टीमेट तैयार करके भिजवाया गया। रेलवे ने पुल के लिए मिट्टी का नमूना लेकर परीक्षण को भेज दिया था। बाद में यह सड़क लोक निर्माण विभाग से एनएचएआई को हस्तांरित कर दी गई। एनएचएआई ने बुढ़ाना रोड रेलवे फाटक पर उपरिगामी पुल का निर्माण अपनी परियोजना को शामिल नहीं किया। जिसके चलते पुल का निर्माण नहीं हो पाया। इस बार आम बजट में रेलवे की जारी हुई पिंक बुक में इस पुल के निर्माण के निर्धारित 29 करोड़ की धनराशि में से दस करोड़ अवमुक्त कर दिए गए।
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एनएचएआई बाईपास की सीमा से बाहर कर रही कार्य
मेरठ-करनाल हाईवे समेत जिले से गुजरने वाले सभी हाईवे एनएचएआई के अधीन है। पानीपत-खटीमा मार्ग कुछ दिन पूर्व ही पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित किया गया है। एनएचएआई की ओर से शहर के बीच गुजरने वाले हाईवे पर पुल का निर्माण परियोजना में शामिल नहीं किया है। मात्र सड़कों की मरम्मत का जिला प्रशासन के दबाव में कर रहा है।
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चार माह पूर्व रेलवे की ओर से गया था पुल का प्रस्ताव
उत्तर रेलवे निर्माण खंड के सेक्शन इंजीनियर थान सिंह का कहना है कि शहर में जाम की समस्या को देखते हुए बुढ़ाना रोड फाटक नंबर-89 और पानीपत-खटीमा मार्ग पर रेलवे फाटक-90 पर उपरिगामी पुल का रेलवे दिल्ली मंडल को चार माह पूर्व प्रस्ताव दिया गया था। बुढ़ाना रोड रेलवे फाटक पर रेलवे और राज्य सरकार की सहभागिता से उपरिगामी पुल का निर्माण होगा।
पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित होने के बाद सेतु निगम करेगा विचार
उत्तर प्रदेश सेतु निगम सहारनपुर के अधिशासी अभियंता सतेंद्र पाल सिंह का कहना है कि बुढ़ाना रोड एनएचएआई के अधीन है। एनएचएआई यहां उपरिगामी पुल का निर्माण कराए। उत्तर प्रदेश सेतु निगम यह सड़क हस्तांतरित होने के बाद ही पुल निर्माण का एस्टीमेट तैयार कर सकता है। दूसरी ओर, सांसद प्रदीप चौधरी का कहना है कि शहर में जाम से मुक्ति के लिए शहर के बुढ़ाना रोड और शहर के धीमानपुरा रेलवे फाटक पर उपरिगामी पुल निर्माण की सिफारिश की गई है।