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Shamli News: अब सड़कों का निर्माण कार्य हुआ ठप
Fri, 17 Apr 2026 12:26 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 17 Apr 2026 12:26 AM IST
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शामली जिले का अधूरा पडा थानाभवन- जलालाबाद मंगोह मार्ग
शामली। युद्ध के चलते डीजल, व्यावसायिक गैस सिलिंडर, तारकोल आदि सामग्री महंगी होने से जिले की 22 सड़कों का निर्माण कार्य ठप हो गया है।
ईरान- इस्राइल युद्ध होने से प्लास्टिक दाना, डीजल, गैस, तारकोल आदि सड़क निर्माण सामग्री के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है। दो माह में 40 हजार रुपये मीट्रिक टन तारकोल का ड्रम बढ़कर 88 हजार रुपये मीट्रिक टन ड्रम पहुंच गई है। एक्सप्रेसवे एवं हाईवे निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मेनेजर जितेंद्र बालियान का कहना है कि तारकोल की कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी होने से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार सिंह का कहना है कि फरवरी से लेकर 30 जून तक तारकोल की सड़क बनाकर पूरा किए जाने का लक्ष्य होता है। 22 तारकोल सड़क का निर्माण समय पर पूरा करना कठिन हो रहा है। सड़क निर्माण में तारकोल गरम करने के लिए व्यावसायिक सिलिंडर का उपयोग होता है। गैस एजेंसियो की ओर से प्रतिदिन आठ से लेकर दस सिलिंडर उपयोग के लिए मिलते थे, किंतु अब प्रशासन से इक्का- दुक्का सिलिंडर मिल पा रहे है। उनका कहना है युद्ध विराम के बाद निर्माण सामग्री के रेट कम होने पर सामग्री खरीद कर तारकोल सड़को को निर्माण शुरू किया जाएगा।
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ईरान- इस्राइल युद्ध होने से प्लास्टिक दाना, डीजल, गैस, तारकोल आदि सड़क निर्माण सामग्री के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है। दो माह में 40 हजार रुपये मीट्रिक टन तारकोल का ड्रम बढ़कर 88 हजार रुपये मीट्रिक टन ड्रम पहुंच गई है। एक्सप्रेसवे एवं हाईवे निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मेनेजर जितेंद्र बालियान का कहना है कि तारकोल की कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी होने से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार सिंह का कहना है कि फरवरी से लेकर 30 जून तक तारकोल की सड़क बनाकर पूरा किए जाने का लक्ष्य होता है। 22 तारकोल सड़क का निर्माण समय पर पूरा करना कठिन हो रहा है। सड़क निर्माण में तारकोल गरम करने के लिए व्यावसायिक सिलिंडर का उपयोग होता है। गैस एजेंसियो की ओर से प्रतिदिन आठ से लेकर दस सिलिंडर उपयोग के लिए मिलते थे, किंतु अब प्रशासन से इक्का- दुक्का सिलिंडर मिल पा रहे है। उनका कहना है युद्ध विराम के बाद निर्माण सामग्री के रेट कम होने पर सामग्री खरीद कर तारकोल सड़को को निर्माण शुरू किया जाएगा।
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