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Shamli News: भारत ही नहीं बांग्लादेश, अफगानिस्तान, बलूचिस्तान के लोगों को भी एजेंट बना रहा आईएसआई
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अमर उजाला एक्सक्लूसिव...
- हैं अंगूठा टेक मगर सोशल मीडिया से लेकर आईफोन तक चलाने में एक्सपर्ट होते हैं
- आईएसआई एजेंट, ब्रेनवाॅश के दौरान पढ़े लिखो को भी करते हैं फेल
- आईएसआई एजेंट कलीम से पकड़े जाने के बाद प्रतिदिन हो रहे चौंकाने वाले खुलासे
महबूब अली
शामली। शामली से आईएसआई एजेंट की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से जुड़े एजेंटों और आतंकी संगठनों के बारे में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। खुफिया एजेंसियों की जांच में पता चला है कि आईएसआई एजेंट और पाकिस्तान के आतंकी संगठन भारत ही नहीं मुस्लिम देश बांग्लादेश, अफगानिस्तान, बलूचिस्तान आदि देशों के भोले भाले लोगों को भी अपने चंगुल में फंसाकर भारत देश के खिलाफ भड़का रहे हैं।
खुफिया एजेंसियों की अभी तक की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान से गिरोह को ऑपरेट कर रहे आईएसआई एजेंट और भारत में रहकर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वाले एजेंट अनपढ़ होते हैं। ये कभी स्कूल नहीं गए होते या फिर जाते भी है तो कक्षा एक या फिर दो में ही बीच में ही पढ़ाई छोड़ चुके होते हैं। मगर ये एजेंट पढ़े लिखे, प्रोफेशनल कोर्स कर चुके लोगों को भी मात देते हैं। सोशल मीडिया से लेकर आई फोन चलाने में पूरी तरह से एक्सपर्ट होते हैं। मात्र दो दिन में लोगों का ब्रेन वॉश कर देते हैं। जांच में पता चला है कि पाकिस्तान में बैठा कैराना का दिलशाद मिर्जा और अन्य वीडियो भेजकर भी लोगों को अपने साथ जोड़ने का काम कर रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि दूसरे देश के लोगों को अपने साथ जोड़ने के बाद कहा जाता है कि वह भी अपने साथ भारत के लोगों को जोड़े तथा भारत को इस्लाम राष्ट्र घोषित कराने में सहयोग करें। खुफिया एजेंसियों ने इसकी जांच पड़ताल शुरू कर दी है। वेस्ट यूपी के मेरठ, बागपत, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, दिल्ली के भी कुछ लोगों के आईएसआई से जुड़े होने की संभावना है। जिसको लेकर एसटीएफ और पुलिस लगातार छापा मार रही है
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पुलिस की लोगों से अपील
एसपी अभिषेक और एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि लोगों से अपील है कि वह अनजान नंबर से कॉल या फिर वीडियो कॉल या अन्य माध्यम से संपर्क में आने वाले लोगों के बहकावे में नहीं आए। कुछ लोग देश को बर्बाद करना चाहते हैं। देश आप सभी का है। ऐसे लोगों को पकड़वाने में पुलिस की मदद करें। यदि कोई संदिग्ध दिखता है तो संबंधित पुलिस को सूचना दें, तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अंग्रेजी और उर्दू का है पूरा ज्ञान
जांच में पता चला है कि पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट अनपढ़ होने के बावजूद अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू का पूरा ज्ञान रखते हैं। बातचीत के दौरान यदि किसी को उर्दू बोलने में कोई दिक्कत है तो उसे वीडियो कॉल के माध्यम से खुद ही ट्रेंड करते हैं। यदि किसी की अंग्रेजी या हिंदी में गड़बड़ है तो उसे भी सिखाते हैं। जेहाद फैलाना ही मकसद है, इसके लिए उकसाते हैं।
आईबी और एसटीएफ ने शामली में डेरा डाला
मामले में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी को आईबी और एसटीएफ ने शामली में डेरा डाल दिया है। दो टीमें विभिन्न स्थानों पर छापामारी कर रही है। एसपी अभिषेक ने बताया कि मामले की जांच सीओ सिटी को सौंप दी गई है। जल्द ही फरार आरोपी भी गिरफ्त में होंंगे।
एनआईए को ट्रांसफर हो सकता है मामला
एसटीएफ के अधिकारियों के अनुसार, पकड़ा गया कलीम फिलहाल मुजफ्फरनगर की जेल में बंद है। मामले की जांच सीओ स्तर के अधिकारी करेंगे। मामला जल्द ही एनआईए को भी ट्रांसफर हो सकता है। यदि मामला एनआईए को ट्रांसफर होता है, तो आरोपी को एनआईए कोर्ट लखनऊ में भी पेश किया जाएगा। फिलहाल शामली पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेने की तैयारी में है।
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- हैं अंगूठा टेक मगर सोशल मीडिया से लेकर आईफोन तक चलाने में एक्सपर्ट होते हैं
- आईएसआई एजेंट, ब्रेनवाॅश के दौरान पढ़े लिखो को भी करते हैं फेल
- आईएसआई एजेंट कलीम से पकड़े जाने के बाद प्रतिदिन हो रहे चौंकाने वाले खुलासे
महबूब अली
शामली। शामली से आईएसआई एजेंट की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से जुड़े एजेंटों और आतंकी संगठनों के बारे में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। खुफिया एजेंसियों की जांच में पता चला है कि आईएसआई एजेंट और पाकिस्तान के आतंकी संगठन भारत ही नहीं मुस्लिम देश बांग्लादेश, अफगानिस्तान, बलूचिस्तान आदि देशों के भोले भाले लोगों को भी अपने चंगुल में फंसाकर भारत देश के खिलाफ भड़का रहे हैं।
खुफिया एजेंसियों की अभी तक की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान से गिरोह को ऑपरेट कर रहे आईएसआई एजेंट और भारत में रहकर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वाले एजेंट अनपढ़ होते हैं। ये कभी स्कूल नहीं गए होते या फिर जाते भी है तो कक्षा एक या फिर दो में ही बीच में ही पढ़ाई छोड़ चुके होते हैं। मगर ये एजेंट पढ़े लिखे, प्रोफेशनल कोर्स कर चुके लोगों को भी मात देते हैं। सोशल मीडिया से लेकर आई फोन चलाने में पूरी तरह से एक्सपर्ट होते हैं। मात्र दो दिन में लोगों का ब्रेन वॉश कर देते हैं। जांच में पता चला है कि पाकिस्तान में बैठा कैराना का दिलशाद मिर्जा और अन्य वीडियो भेजकर भी लोगों को अपने साथ जोड़ने का काम कर रहे हैं।
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जांच में सामने आया है कि दूसरे देश के लोगों को अपने साथ जोड़ने के बाद कहा जाता है कि वह भी अपने साथ भारत के लोगों को जोड़े तथा भारत को इस्लाम राष्ट्र घोषित कराने में सहयोग करें। खुफिया एजेंसियों ने इसकी जांच पड़ताल शुरू कर दी है। वेस्ट यूपी के मेरठ, बागपत, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, दिल्ली के भी कुछ लोगों के आईएसआई से जुड़े होने की संभावना है। जिसको लेकर एसटीएफ और पुलिस लगातार छापा मार रही है
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पुलिस की लोगों से अपील
एसपी अभिषेक और एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि लोगों से अपील है कि वह अनजान नंबर से कॉल या फिर वीडियो कॉल या अन्य माध्यम से संपर्क में आने वाले लोगों के बहकावे में नहीं आए। कुछ लोग देश को बर्बाद करना चाहते हैं। देश आप सभी का है। ऐसे लोगों को पकड़वाने में पुलिस की मदद करें। यदि कोई संदिग्ध दिखता है तो संबंधित पुलिस को सूचना दें, तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अंग्रेजी और उर्दू का है पूरा ज्ञान
जांच में पता चला है कि पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट अनपढ़ होने के बावजूद अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू का पूरा ज्ञान रखते हैं। बातचीत के दौरान यदि किसी को उर्दू बोलने में कोई दिक्कत है तो उसे वीडियो कॉल के माध्यम से खुद ही ट्रेंड करते हैं। यदि किसी की अंग्रेजी या हिंदी में गड़बड़ है तो उसे भी सिखाते हैं। जेहाद फैलाना ही मकसद है, इसके लिए उकसाते हैं।
आईबी और एसटीएफ ने शामली में डेरा डाला
मामले में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी को आईबी और एसटीएफ ने शामली में डेरा डाल दिया है। दो टीमें विभिन्न स्थानों पर छापामारी कर रही है। एसपी अभिषेक ने बताया कि मामले की जांच सीओ सिटी को सौंप दी गई है। जल्द ही फरार आरोपी भी गिरफ्त में होंंगे।
एनआईए को ट्रांसफर हो सकता है मामला
एसटीएफ के अधिकारियों के अनुसार, पकड़ा गया कलीम फिलहाल मुजफ्फरनगर की जेल में बंद है। मामले की जांच सीओ स्तर के अधिकारी करेंगे। मामला जल्द ही एनआईए को भी ट्रांसफर हो सकता है। यदि मामला एनआईए को ट्रांसफर होता है, तो आरोपी को एनआईए कोर्ट लखनऊ में भी पेश किया जाएगा। फिलहाल शामली पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेने की तैयारी में है।