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प्राचीन सिद्घपीठ की नहीं हो रही सफाई
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 08 Jul 2016 12:32 AM IST
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प्राचीन सिद्घपीठ मंदिर में सफाई की जरूरत।
- फोटो : प्रतीकात्मक
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शामली के झिंझाना क्षेत्र में बृहस्पतिवार से हिंदू परिवारों द्वारा फुलमदे मां की पूजा अर्चना शुरू हो गई है। जो 15 दिनों तक चलेगी। कस्बे के प्राचीन सिद्ध पीठ मोहन जोहड़ स्थित माताओं व देव स्थानों पर उगी हुई ऊंची घास देखकर वहां पहुंचे श्रद्धालुओं में मंदिर कमेटी के प्रति रोष फैल गया।
पूजा स्थल पर पहुंचे मनोज मित्तल, नवीन जिंदल, पंकज गर्ग, आशु शर्मा, रवि मित्तल, राजेश कुमार आदि ने अपने परिवार के साथ मोहन जोहड़ पर पहुंच कर पूजा अर्चना करनी चाही, लेकिन वहां उगी घास को देख कर कमेटी के प्रति रोष व्याप्त हो गया। श्रद्धालुओं का आरोप है कि कमेटी के पास लगभग 22 बीघा कृषि भूमि है। जिसकी लगभग डेढ़ लाख रुपये की आय प्रति वर्ष है।
इसके बाद भी साफ सफाई नहीं कराई जाती है। इस बात को लेकर कमेटी के खिलाफ सभी में रोष है। कमेटी के पदाधिकारी दीपक गोयल, प्रवीण शर्मा, हरिकृष्ण गर्ग आदि ने बताया की जल्दी ही साफ सफाई कराई जाएगी।
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पूजा स्थल पर पहुंचे मनोज मित्तल, नवीन जिंदल, पंकज गर्ग, आशु शर्मा, रवि मित्तल, राजेश कुमार आदि ने अपने परिवार के साथ मोहन जोहड़ पर पहुंच कर पूजा अर्चना करनी चाही, लेकिन वहां उगी घास को देख कर कमेटी के प्रति रोष व्याप्त हो गया। श्रद्धालुओं का आरोप है कि कमेटी के पास लगभग 22 बीघा कृषि भूमि है। जिसकी लगभग डेढ़ लाख रुपये की आय प्रति वर्ष है।
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इसके बाद भी साफ सफाई नहीं कराई जाती है। इस बात को लेकर कमेटी के खिलाफ सभी में रोष है। कमेटी के पदाधिकारी दीपक गोयल, प्रवीण शर्मा, हरिकृष्ण गर्ग आदि ने बताया की जल्दी ही साफ सफाई कराई जाएगी।
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