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ओमिक्रॉन वार्ड में महज छह बेड आरक्षित
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शामली जिला अस्पताल में ओमिक्रॉन वार्ड का निरीक्षण करते सीएमएस डॉ. सफल कुमार
- फोटो : SHAMLI
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‘ओमिक्रॉन को लेकर नहीं इंतजाम, पुराने वेरिएंट पर ही टिका है निजाम’
शामली। कोरोना की तीसरी लहर की संभावना के चलते स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को लेकर जिला अस्पताल में बने कोविड एल-2 अस्पताल में 200 बेड की व्यवस्था की गई है, लेकिन ओमिक्रॉन के लिए केवल छह बेड ही आरक्षित किए गए हैं। अस्पताल में केवल 26 वेंटिलेटर ही हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में बने कोविड अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाकर 200 की व्यवस्था की गई है। ओमिक्रॉन वार्ड में छह बेड किए गए हैं। दूसरी लहर में जिला अस्पताल को छोड़कर अन्य किसी अन्य अस्पताल में बेड की व्यवस्था नहीं थी। इस वजह से जिले में कोरोना संक्रमितों को जिला अस्पताल में ही भर्ती होना पड़ा था।
इस बार तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए सीएचसी कांधला, झिंझाना और थानाभवन में 30-30 बेड की व्यवस्था की गई है। इन सभी बेड पर सेंट्रल ऑक्सीजन की सीधी सप्लाई की व्यवस्था है। कोविड अस्पताल में 26 वेंटिलेटर हैं। जिनमें 10 वेंटिलेटर पीकू वार्ड में और 16 वेंटिलेटर व्यस्कों के लिए लगाए गए हैं।
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दूसरी लहर ने बरपाया था कहर
कोरोना की दूसरी लहर ने कहर बरपाया था। लोगों की कोरोना से बड़ी संख्या में मौत होना सामने आया था, हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में कोरोना से मात्र 47 लोगों की मौत दर्ज हुई है। कोरोना की दूसरी लहर में कोविड अस्पताल में 150 बेड की व्यवस्था की गई थी। हालांकि एक बार में अधिकतम मरीजों की संख्या 110 के आसपास रही थी। ज्यादातर मरीजों ने निजी अस्पतालों में इलाज कराया था। करीब 250 मरीजों को दूसरे जिलों में रेफर किया गया था।
ओमिक्रॉन के ज्यादा मरीज हुए तो क्या होगा
देश में ओमिक्रॉन के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। दूसरे देशों में यह वैरिएंट कहर बरपा रहा है। ऐसे में यदि जिले में तेजी से ओमिक्रॉन के मरीज बढ़ते हैं, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। कोविड के दूसरे वैरिएंट से ग्रसित मरीजों के साथ इन्हें रखा जाएगा या नहीं, यह भी अभी स्पष्ट नहीं है।
50 बेड का बना पीकू वार्ड
शामली। जिला अस्पताल में 50 वार्ड का पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट (पीकू) वार्ड तैयार किया गया है। पहले यह 20 बेड का था। सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि पीकू वार्ड में 10 बेड आईसीयू, 10 बेड एचडीयू और 30 बेड आइसोलेशन के लिए तैयार किए गए हैं।
पीकू वार्ड में बेड:
10 बेड आईसीयू
10 बेड एचडीयू
30 बेड आइसोलेशन
कोविड एल-2 में बेड:
16 बेड आईसीयू
136 बेड आइसोलेशन
ओमिक्रॉन वार्ड में बेड छह
वेंटिलेटर -26
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शामली। कोरोना की तीसरी लहर की संभावना के चलते स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को लेकर जिला अस्पताल में बने कोविड एल-2 अस्पताल में 200 बेड की व्यवस्था की गई है, लेकिन ओमिक्रॉन के लिए केवल छह बेड ही आरक्षित किए गए हैं। अस्पताल में केवल 26 वेंटिलेटर ही हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में बने कोविड अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाकर 200 की व्यवस्था की गई है। ओमिक्रॉन वार्ड में छह बेड किए गए हैं। दूसरी लहर में जिला अस्पताल को छोड़कर अन्य किसी अन्य अस्पताल में बेड की व्यवस्था नहीं थी। इस वजह से जिले में कोरोना संक्रमितों को जिला अस्पताल में ही भर्ती होना पड़ा था।
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इस बार तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए सीएचसी कांधला, झिंझाना और थानाभवन में 30-30 बेड की व्यवस्था की गई है। इन सभी बेड पर सेंट्रल ऑक्सीजन की सीधी सप्लाई की व्यवस्था है। कोविड अस्पताल में 26 वेंटिलेटर हैं। जिनमें 10 वेंटिलेटर पीकू वार्ड में और 16 वेंटिलेटर व्यस्कों के लिए लगाए गए हैं।
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दूसरी लहर ने बरपाया था कहर
कोरोना की दूसरी लहर ने कहर बरपाया था। लोगों की कोरोना से बड़ी संख्या में मौत होना सामने आया था, हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में कोरोना से मात्र 47 लोगों की मौत दर्ज हुई है। कोरोना की दूसरी लहर में कोविड अस्पताल में 150 बेड की व्यवस्था की गई थी। हालांकि एक बार में अधिकतम मरीजों की संख्या 110 के आसपास रही थी। ज्यादातर मरीजों ने निजी अस्पतालों में इलाज कराया था। करीब 250 मरीजों को दूसरे जिलों में रेफर किया गया था।
ओमिक्रॉन के ज्यादा मरीज हुए तो क्या होगा
देश में ओमिक्रॉन के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। दूसरे देशों में यह वैरिएंट कहर बरपा रहा है। ऐसे में यदि जिले में तेजी से ओमिक्रॉन के मरीज बढ़ते हैं, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। कोविड के दूसरे वैरिएंट से ग्रसित मरीजों के साथ इन्हें रखा जाएगा या नहीं, यह भी अभी स्पष्ट नहीं है।
50 बेड का बना पीकू वार्ड
शामली। जिला अस्पताल में 50 वार्ड का पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट (पीकू) वार्ड तैयार किया गया है। पहले यह 20 बेड का था। सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि पीकू वार्ड में 10 बेड आईसीयू, 10 बेड एचडीयू और 30 बेड आइसोलेशन के लिए तैयार किए गए हैं।
पीकू वार्ड में बेड:
10 बेड आईसीयू
10 बेड एचडीयू
30 बेड आइसोलेशन
कोविड एल-2 में बेड:
16 बेड आईसीयू
136 बेड आइसोलेशन
ओमिक्रॉन वार्ड में बेड छह
वेंटिलेटर -26