{"_id":"5e6d22118ebc3ea8202cf7f9","slug":"no-adequate-arrangements-for-corona-examination-and-treatment-shamli-news-mrt4736225194","type":"story","status":"publish","title_hn":"शामली में चालू नहीं हुआ जिला अस्पताल, कैसे हो मरीजों का उपचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शामली में चालू नहीं हुआ जिला अस्पताल, कैसे हो मरीजों का उपचार
विज्ञापन
कोरोना की जांच और उपचार के पर्याप्त इंतजाम नहीं
शामली। देश में कोराना का संक्रमण फैलने के साथ ही जिले में भी कोरोना का संदिग्ध केस सामने आ चुका है। इसके बावजूद जिले में न तो जांच की सुविधा है और न ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम है। ऐसे में मरीजों को रेफर ही किया जाता है, जबकि संदिग्ध केस मिलने पर सैंपल लेकर दिल्ली जांच के लिए भेजने की व्यवस्था की गई है।
कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर लोगों में दहशत सी बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इससे बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह देकर जागरूक करने में जुटा है। जिले में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए आइसोलेशन वार्ड और कोरेनटाइन वार्ड बनाए गए हैं, लेकिन कोरोना की जांच और उपचार के लिए संसाधन पर्याप्त नहीं है। सीएचसी में आए दिन मरीज कोरोना के शक में जांच कराने की मांग चिकित्सकों से करते हैं, लेकिन जांच की सुविधा न होने पर उन्हें मेरठ मेडिकल रेफर किया जाता है। शनिवार को भी कई मामले इसी तरह के सीएचसी में पहुंचे, जिनमें मरीजों ने कोरोना की जांच कराने की मांग की। इस संबंध में सीएमओ डा. संजय भटनागर ने बताया कि कोरोना से उपचार से ज्यादा बचाव जरूरी है। बचाव और निगरानी के लिए आइसोलेशन वार्ड और कोरेनटाइन वार्ड बनाए गए है। जिले में अभी कोरोना के किसी केस की पुष्टि नहीं हुई है।
जिला अस्पताल के भवन का निर्माण भी अधूरा
जिला संयुक्त चिकित्सालय के भवन का निर्माण भी अभी पूरा नहीं हुआ है, जिस कारण मरीजों को जिला अस्पताल जैसी सुविधा नहीं मिल रही है। इसके चलते जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। सीएचसी शामली को ही जिला अस्पताल की तरह चलाया जा रहा है, लेकिन चिकित्सीय स्टाफ सीएचसी के मानक से भी कम है। कई चिकित्सकों के पद खाली चल रहे है। फिजिशियन और कार्डियोलोजिस्ट तक अस्पताल में नहीं है। ऐसे में गंभीर बीमारियों का उपचार नहीं हो पाता और ऐसे मरीजों को रेफर ही किया जाता है।
विज्ञापन
शहर में होने वाले कार्यक्रम स्थगित
शामली। कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने और बचाव के लिए शहर में होने वाले कार्यक्रमों को स्थगित किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने भी यूपी में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने और बचाव के लिए एहतियात बरतने को कहा है। कोरोना वायरस को लेकर शहर में लोग जागरूकता के साथ ही एहतियात भी बरत रहे हैं। इसके चलते कई कार्यक्रम स्थगित किए गए हैं। संत निरंकारी मंडल ब्रांच शामली के इंचार्ज डा. राजकुमार ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए शामली जिले की सुबह और शाम के समय होने वाले सत्संग के कार्यक्रमों को स्थगित किया गया है। आगामी आदेशों तक यह सभी कार्यक्रम स्थगित रहेंगे। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचे। इसी तरह शामली जनसेवा समिति के सचिव राजीव मलिक ने कोरोना वायरस के संक्रमण के बचाव के लिए 18 व 19 मार्च को होने वाला ओजोन थैरेपी कैंप फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। कैंप लगने की अगली तिथि की सूचना बाद में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कैंप में जिन मरीजों का रजिस्ट्रेशन हो गया है, वे अपनी फाइल सुरक्षित रखे। आगामी तिथि में लगने वाले कैंप में उन्हीं मरीजों का उपचार किया जाएगा।
विज्ञापन
शामली। देश में कोराना का संक्रमण फैलने के साथ ही जिले में भी कोरोना का संदिग्ध केस सामने आ चुका है। इसके बावजूद जिले में न तो जांच की सुविधा है और न ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम है। ऐसे में मरीजों को रेफर ही किया जाता है, जबकि संदिग्ध केस मिलने पर सैंपल लेकर दिल्ली जांच के लिए भेजने की व्यवस्था की गई है।
कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर लोगों में दहशत सी बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इससे बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह देकर जागरूक करने में जुटा है। जिले में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए आइसोलेशन वार्ड और कोरेनटाइन वार्ड बनाए गए हैं, लेकिन कोरोना की जांच और उपचार के लिए संसाधन पर्याप्त नहीं है। सीएचसी में आए दिन मरीज कोरोना के शक में जांच कराने की मांग चिकित्सकों से करते हैं, लेकिन जांच की सुविधा न होने पर उन्हें मेरठ मेडिकल रेफर किया जाता है। शनिवार को भी कई मामले इसी तरह के सीएचसी में पहुंचे, जिनमें मरीजों ने कोरोना की जांच कराने की मांग की। इस संबंध में सीएमओ डा. संजय भटनागर ने बताया कि कोरोना से उपचार से ज्यादा बचाव जरूरी है। बचाव और निगरानी के लिए आइसोलेशन वार्ड और कोरेनटाइन वार्ड बनाए गए है। जिले में अभी कोरोना के किसी केस की पुष्टि नहीं हुई है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के भवन का निर्माण भी अधूरा
जिला संयुक्त चिकित्सालय के भवन का निर्माण भी अभी पूरा नहीं हुआ है, जिस कारण मरीजों को जिला अस्पताल जैसी सुविधा नहीं मिल रही है। इसके चलते जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। सीएचसी शामली को ही जिला अस्पताल की तरह चलाया जा रहा है, लेकिन चिकित्सीय स्टाफ सीएचसी के मानक से भी कम है। कई चिकित्सकों के पद खाली चल रहे है। फिजिशियन और कार्डियोलोजिस्ट तक अस्पताल में नहीं है। ऐसे में गंभीर बीमारियों का उपचार नहीं हो पाता और ऐसे मरीजों को रेफर ही किया जाता है।
विज्ञापन
शहर में होने वाले कार्यक्रम स्थगित
शामली। कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने और बचाव के लिए शहर में होने वाले कार्यक्रमों को स्थगित किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने भी यूपी में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने और बचाव के लिए एहतियात बरतने को कहा है। कोरोना वायरस को लेकर शहर में लोग जागरूकता के साथ ही एहतियात भी बरत रहे हैं। इसके चलते कई कार्यक्रम स्थगित किए गए हैं। संत निरंकारी मंडल ब्रांच शामली के इंचार्ज डा. राजकुमार ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए शामली जिले की सुबह और शाम के समय होने वाले सत्संग के कार्यक्रमों को स्थगित किया गया है। आगामी आदेशों तक यह सभी कार्यक्रम स्थगित रहेंगे। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचे। इसी तरह शामली जनसेवा समिति के सचिव राजीव मलिक ने कोरोना वायरस के संक्रमण के बचाव के लिए 18 व 19 मार्च को होने वाला ओजोन थैरेपी कैंप फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। कैंप लगने की अगली तिथि की सूचना बाद में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कैंप में जिन मरीजों का रजिस्ट्रेशन हो गया है, वे अपनी फाइल सुरक्षित रखे। आगामी तिथि में लगने वाले कैंप में उन्हीं मरीजों का उपचार किया जाएगा।