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ऑनलाइन पढ़ाई में बाधक बनी नेटवर्क की समस्या
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शामली बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराते शिक्षक अजय माटियान
- फोटो : SHAMLI
ऑनलाइन पढ़ाई में बाधक बनी नेटवर्क की समस्या
शामली। कोरोना संक्रमण काल में निजी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षण कार्य चल रहा है, लेकिन नेटवर्क की बड़ी समस्या है। अभिभावकों का कहना है कि जैसे तैसे ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल व लैपटॉप की व्यवस्था की है, लेकिन बच्चों के सिर में दर्द और आंखों से पानी आने की समस्या बन रही है। इससे पढ़ाई कम समस्या ज्यादा बन रही है। जो पढ़ाई स्कूल में हो सकती है, वह ऑनलाइन नहीं हो सकती।
मोहल्ला दयानंदनगर निवासी विकास धीमान का कहना है कि उनका बेटा लावण्य कक्षा 11 में है। स्कूल की तरफ से ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। इसमें नेटवर्क की समस्या सबसे ज्यादा है। नेट कनेक्ट करने में काफी समय खराब होता है। कभी इधर से तो कभी टीचर की तरफ से नेट की दिक्कत रहती है। इससे बच्चे सिर और आंखों में दर्द की शिकायत करते हैं। उनकी राय है कि जब कोरोना खत्म हो तब स्कूलों में पढ़ाई कराएं या फिर यह सत्र शून्य घोषित किया जाए। मोहल्ला रेशमी कटहरा निवासी अमित गुप्ता ने बताया कि उसकी बेटी शैली गुप्ता 10वीं में पढ़ती है। ऑनलाइन पढ़ाई से आंखों से पानी आता है। पढ़ाई समझ में नहीं आती। मजबूरी में पढ़ाई करानी पड़ रही है। किश्तों पर मोबाइल लेकर दिया है। नेट कनेक्टिवीटी सही न आने पर सात हजार में ब्राडबैंड लगवाना पड़ा। ऑनलाइन क्लास बंद होनी चाहिए। सरकार को चाहिए जब जब कोरोना खत्म हो तब स्कूल में पढ़ाई होनी चाहिए। वरना सरकार को यह सत्र शून्य घोषित कर देना चाहिए।
मोहल्ला काका नगर निवासी संजीव चौहान का कहना है कि उनका बेटा आर्यन 10वीं में और बेटी ईशिता कक्षा सात में पढ़ती है। ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होने पर बेटे को नया मोबाइल लेकर देना पड़ा, जबकि बेटी अपनी मम्मी के फोन पर पढ़ाई करती है। दोनों बच्चे शाम को सिर दर्द की शिकायत बताते हैं। उनका कहना है कि जब कोरोना खत्म हो तभी स्कूल खुले और पढ़ाई हो। ऑनलाइन क्लास से बच्चों को पढ़ाई भी पूरी तरह समझ में नहीं आ रही है।
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ऑनलाइन पढ़ाई समय की मांग
सिल्वर बेल्स पब्लिक स्कूल के शिक्षक अजय माटियान का कहना है कि ऑनलाइन शिक्षण कार्य समय की मांग है। कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल बंद है। अभी यह नहीं पता कि स्कूल कब तक खुलेंगे। ऐसे में बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराना ही एक मात्र विकल्प है। शिक्षक मेहनत और लगन के साथ बच्चों को पढ़ाते है और बीच-बीच में उनसे पूछते है कि समझ में आया या नहीं। जब तक सभी बच्चों का डाउट दूर नहीं होता तब तक अगला टॉपिक शुरू नहीं करते।
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शामली। कोरोना संक्रमण काल में निजी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षण कार्य चल रहा है, लेकिन नेटवर्क की बड़ी समस्या है। अभिभावकों का कहना है कि जैसे तैसे ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल व लैपटॉप की व्यवस्था की है, लेकिन बच्चों के सिर में दर्द और आंखों से पानी आने की समस्या बन रही है। इससे पढ़ाई कम समस्या ज्यादा बन रही है। जो पढ़ाई स्कूल में हो सकती है, वह ऑनलाइन नहीं हो सकती।
मोहल्ला दयानंदनगर निवासी विकास धीमान का कहना है कि उनका बेटा लावण्य कक्षा 11 में है। स्कूल की तरफ से ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। इसमें नेटवर्क की समस्या सबसे ज्यादा है। नेट कनेक्ट करने में काफी समय खराब होता है। कभी इधर से तो कभी टीचर की तरफ से नेट की दिक्कत रहती है। इससे बच्चे सिर और आंखों में दर्द की शिकायत करते हैं। उनकी राय है कि जब कोरोना खत्म हो तब स्कूलों में पढ़ाई कराएं या फिर यह सत्र शून्य घोषित किया जाए। मोहल्ला रेशमी कटहरा निवासी अमित गुप्ता ने बताया कि उसकी बेटी शैली गुप्ता 10वीं में पढ़ती है। ऑनलाइन पढ़ाई से आंखों से पानी आता है। पढ़ाई समझ में नहीं आती। मजबूरी में पढ़ाई करानी पड़ रही है। किश्तों पर मोबाइल लेकर दिया है। नेट कनेक्टिवीटी सही न आने पर सात हजार में ब्राडबैंड लगवाना पड़ा। ऑनलाइन क्लास बंद होनी चाहिए। सरकार को चाहिए जब जब कोरोना खत्म हो तब स्कूल में पढ़ाई होनी चाहिए। वरना सरकार को यह सत्र शून्य घोषित कर देना चाहिए।
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मोहल्ला काका नगर निवासी संजीव चौहान का कहना है कि उनका बेटा आर्यन 10वीं में और बेटी ईशिता कक्षा सात में पढ़ती है। ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होने पर बेटे को नया मोबाइल लेकर देना पड़ा, जबकि बेटी अपनी मम्मी के फोन पर पढ़ाई करती है। दोनों बच्चे शाम को सिर दर्द की शिकायत बताते हैं। उनका कहना है कि जब कोरोना खत्म हो तभी स्कूल खुले और पढ़ाई हो। ऑनलाइन क्लास से बच्चों को पढ़ाई भी पूरी तरह समझ में नहीं आ रही है।
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ऑनलाइन पढ़ाई समय की मांग
सिल्वर बेल्स पब्लिक स्कूल के शिक्षक अजय माटियान का कहना है कि ऑनलाइन शिक्षण कार्य समय की मांग है। कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल बंद है। अभी यह नहीं पता कि स्कूल कब तक खुलेंगे। ऐसे में बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराना ही एक मात्र विकल्प है। शिक्षक मेहनत और लगन के साथ बच्चों को पढ़ाते है और बीच-बीच में उनसे पूछते है कि समझ में आया या नहीं। जब तक सभी बच्चों का डाउट दूर नहीं होता तब तक अगला टॉपिक शुरू नहीं करते।

शामली में ऑनलाइन पढ़ाई करता छात्र- फोटो : SHAMLI

शामली में ऑनलाइन पढाई करती छात्रा शैली गुप्ता- फोटो : SHAMLI

शामली में ऑनलाइन पढाई करता बच्चा आर्यन चौहान- फोटो : SHAMLI

शामली में ऑनलाइन पढाई करता बच्चा अरिहंत जैन- फोटो : SHAMLI

शामली में ऑनलाइन पढाई करता बच्चा अनमोल- फोटो : SHAMLI