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ठंड में लापरवाही, जिंदगी पर पड़ेगी भारी

Thu, 09 Jan 2020 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 12:12 AM IST
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Negligence in cold, life will be heavy
शामली। जनपद में तीन दिन से चल रही रिमझिम बारिश के चलते तापमान में गिरावट आने से मौसम ठंडा हो गया है। ठंड बढ़ने से हृदय रोगियों और बड़ी उम्र के लोगों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है। ऐसे मौसम में ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे मौसम में जरा सी लापरवाही जिंदगी के लिए खतरा बन सकती है।
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जनपद में सोमवार से शुरू हुई बूंदाबांदी के साथ रिमझिम बारिश रुक-रुककर चल रही है। बुुधवार को भी बारिश होती रही है। दिसंबर माह में भी दो बार बारिश हुई थी। मौसम के इस उतार चढ़ाव के चलते 30 दिसंबर को न्यूनतम तापमान दो डिग्री तक पहुंच गया था। जनवरी माह में फिर बारिश शुरू होने से ठंड बढ़ रही है। बुधवार को चार डिग्री गिरावट आने से न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। ठंडी हवा चलने से कंपकंपी वाली सर्दी शुरू हो गई है। ऐसे मौसम में लोगों का ब्लड प्रेशर भी कभी कम तो कभी ज्यादा हो रहा है। खासतौर से हृदय रोगियों और बड़ी उम्र के बुजुर्ग लोगों को यह समस्या बन रही है। इससे बचने के लिए लोगों को ऐहतियात बरतने की जरूरत है। इस मौसम मेें जरा सी लापरवाही जिंदगी पर भारी पड़ सकती है, इसलिए ठंड से बचाव के इंतजाम करने चाहिए।
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फिजिशियन डॉ. रविंद्र तोमर ने बताया कि ठंड में धमनियां सिकुड़ जाती है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने से हार्ट अटैक होने, पैरालाइसिस, ब्रेन हैमरेज आदि होने की संभावना बन जाती है। खासतौर से हृदय रोगियों और बुजुर्ग लोगों में अधिक संभावना रहती है, इसलिए इन्हें ठंड में एहतियात बरतनी चाहिए और बचाव के तरीके अपनाने चाहिए। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में ब्लड प्रेशर बढ़ने और हृदय संबंधी रोगियों की संख्या बढ़ी है। ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी नए रोगी भी आ रहे हैं।
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सांस के रोगी भी बढ़े
ठंड के मौसम में सांस के रोगियों की संख्या भी बढ़ी है। चिकित्सकों का कहना है कि हृदय रोगियों को ठंड में सांस लेने में परेशानी होती है। खासतौर से धुंध और कोहरे के समय यह समस्या ज्यादा बनती है। धूल और धुएं के कण धुंध और कोहरे की परत बनने के कारण ऊपर नहीं जा पाते, जिस कारण वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।

ठंड से बचने को बरते सावधानियां
एक मोटा कपड़ा पहनने के बजाए कई लेयर में कपड़े पहने।
ठंड में बाहर न निकले, घर में रही रहे।
बाहर के तापमान की अपेक्षा कमरे का तापमान अधिक रखे।
बुजुर्ग लोग कुछ समय के लिए धूप में बैठे।
खाने-पीने की ठंडी चीजों से परहेज रखें।
संतुलित भोजन का सेवन करें।
बादाम, अखरोट, मूंगफली आदि को सेवन करें।
कोई भी समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं।
कोट
ठंड के मौसम में शरीर में रक्त प्रवाह की गति धीमी हो जाती है। इससे लोगों को हार्ट अटैक, पैरालाइसिस और सांस लेने आदि समस्या बन जाती है। विशेष तौर पर हृदय रोगियों और बुजुर्गों को ठंड से बचाव के तरीके अपनाने चाहिए। - डा. संजय भटनागर, सीएमओ।
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