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मुस्लिम बहुल गांवों में हुआ बंपर मतदान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Feb 2017 11:44 PM IST
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शामली। नेताओं की प्रतिष्ठा का सवाल बनी कैराना विधानसभा सीट पर बंपर पोलिंग वाले मतदान केंद्र चुनाव परिणाम तय करेंगे। खासकर मुस्लिम बहुल इलाकों में 70 से 80 प्रतिशत तक मतदान हुआ, जबकि हिंदू गुर्जर और अन्य गांवों में 55 से 65 प्रतिशत तक मतदान हुआ। कैराना का शहरी क्षेत्र भी मुस्लिम बहुल है, जिसके चलते वहां का मतदान तय करेगा कि यहां किस प्रत्याशी की किस्मत चमकेगी।
कैराना विधानसभा सीट पर भाजपा से सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह, सपा से नाहिद हसन, रालोद से अनिल चौहान और बसपा से दिवाकर कश्यप चुनाव लड़े। इस सीट पर 158 मतदान केंद्रों के 294 बूथों पर 11 फरवरी को मतदान हुआ। उसके बाद सभी प्रत्याशियों ने मतदान के आंकड़ों को लेकर अपनी जीत का हिसाब लगाना शुरू कर दिया है। कैराना विधानसभा सीट पर कुल 3,00,393 मतदाता हैं, जिनमें से 2,08,874 ने मतदान किया।
इस सीट पर जिले की तीनों सीटों में सर्वाधिक 69.53 मतदान हुआ। इसमें हिंदू गुर्जर बहुल वाले गांवों में 55 से 60, तो मुस्लिम बहुल गांवों में 70 से 80 प्रतिशत तक मतदान हुआ। वहीं, कस्बा कैराना में कई बूथों पर 75 से 80 और कुछ बूथों पर 60 से 70 प्रतिशत तक मतदान हुआ। कस्बा कैराना के पोलिंग पर ही हर प्रत्याशी की नजरें हैं। क्योंकि कस्बे में सपा प्रत्याशी नाहिद हसन को मजबूत माना जाता है। यदि मुस्लिम मतों में ज्यादा बिखराव नहीं हुआ, तो साइकिल आगे निकल जाएगी।
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वहीं, भाजपा सांसद हुकुम सिंह के परिवार के ही अनिल चौहान ने रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ा। यदि उन्हें गुर्जर और अन्य बिरादरियों में अच्छी वोट हासिल हुई, तो भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह मुश्किल में पड़ जाएंगी। अब तो 11 मार्च का इंतजार है। तब ही पता चलेगा किस को क्या मिलेगा।
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कैराना विधानसभा सीट पर भाजपा से सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह, सपा से नाहिद हसन, रालोद से अनिल चौहान और बसपा से दिवाकर कश्यप चुनाव लड़े। इस सीट पर 158 मतदान केंद्रों के 294 बूथों पर 11 फरवरी को मतदान हुआ। उसके बाद सभी प्रत्याशियों ने मतदान के आंकड़ों को लेकर अपनी जीत का हिसाब लगाना शुरू कर दिया है। कैराना विधानसभा सीट पर कुल 3,00,393 मतदाता हैं, जिनमें से 2,08,874 ने मतदान किया।
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इस सीट पर जिले की तीनों सीटों में सर्वाधिक 69.53 मतदान हुआ। इसमें हिंदू गुर्जर बहुल वाले गांवों में 55 से 60, तो मुस्लिम बहुल गांवों में 70 से 80 प्रतिशत तक मतदान हुआ। वहीं, कस्बा कैराना में कई बूथों पर 75 से 80 और कुछ बूथों पर 60 से 70 प्रतिशत तक मतदान हुआ। कस्बा कैराना के पोलिंग पर ही हर प्रत्याशी की नजरें हैं। क्योंकि कस्बे में सपा प्रत्याशी नाहिद हसन को मजबूत माना जाता है। यदि मुस्लिम मतों में ज्यादा बिखराव नहीं हुआ, तो साइकिल आगे निकल जाएगी।
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वहीं, भाजपा सांसद हुकुम सिंह के परिवार के ही अनिल चौहान ने रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ा। यदि उन्हें गुर्जर और अन्य बिरादरियों में अच्छी वोट हासिल हुई, तो भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह मुश्किल में पड़ जाएंगी। अब तो 11 मार्च का इंतजार है। तब ही पता चलेगा किस को क्या मिलेगा।