{"_id":"5fbd54b28ebc3e91b6411b27","slug":"municipality-did-not-get-land-for-garbage-collection-center-shamli-news-mrt5125388123","type":"story","status":"publish","title_hn":"कूड़ा कलेक्शन सेंटर के लिए पालिका को नहीं मिली भूमि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कूड़ा कलेक्शन सेंटर के लिए पालिका को नहीं मिली भूमि
विज्ञापन
कूड़ा कलेक्शन सेंटर के लिए पालिका को नहीं मिली भूमि
शामली। शहर में घरों से निकलने वाले सूखे कूड़े को वार्डों में इकट्ठा करने के लिए एमआरएफ सेंटर बनाने की योजना परवान नहीं चढ़ सकी। पालिका को अभी तक इस सेंटर के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है, जबकि शासन द्वारा करीब एक साल पहले सेंटर बनाने के लिए 32 लाख का बजट जारी किया जा चुका है।
शहर में कूड़ा निस्तारण की समस्या के समाधान के लिए नगरपालिका के पास कोई कारगर योजना नहीं है। घरों से रोजाना निकलने वाला कूड़ा डंपिंग ग्राउंड में इकट्ठा हो रहा है। इसके अलावा शासन ने पिछले साल घरों से निकलने वाले सूखे कूड़े को इकट्ठा करने के लिए वार्डों में मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर बनाने के निर्देश दिए थे। साथ ही इसके निर्माण के लिए पालिका को करीब 32 लाख रुपये का बजट भी जारी किया गया था। इसके लिए पालिका को करीब 700 मीटर भूमि उपलब्ध कराकर उस पर निर्माण कराया जाना था। एमआरएफ सेंटर के लिए एक कमरा, पक्का फर्श, टीनशेड, शौचालय और चाहरदीवारी आदि का निर्माण कराया जाना है। इस सेंटर पर सूखे कूड़े से बिक्री योग्य मैटीरियल को अलग किया जाएगा और जो बेकार कूड़ा बचेगा उसे डंपिंग ग्राउंड पर ले जाया जाएगा। इससे कूड़ा निस्तारण की समस्या भी हल होगी और पालिका की आमदनी भी हो सकेगी। एक साल बाद भी पालिका एमआरएफ सेंटर बनाने के लिए भूमि की तलाश नहीं कर पाई। शासन से निर्देश है कि एक सेंटर चालू होने के बाद फिर दूसरे वार्डों में भी इसी तरह के सेंटर बनाए जाएंगे, लेकिन शामली में अभी तक पालिका को भूमि उपलब्ध न होने के कारण शासन की यह योजना अभी परवान नहीं चढ़ सकी है।
कोट
घरों से निकलने वाले सूखे कूड़ा को इकट्ठा करने के लिए वार्डों में एमआरएफ सेंटर बनाए जाने की योजना है। इसके निर्माण के लिए मोहल्ला पंसारियान के निकट भूमि देखी गई है, जिसे फाइनल करने की कार्रवाई चल रही है। जल्द ही एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराया जाएगा।
विज्ञापन
- सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका।
विज्ञापन
शामली। शहर में घरों से निकलने वाले सूखे कूड़े को वार्डों में इकट्ठा करने के लिए एमआरएफ सेंटर बनाने की योजना परवान नहीं चढ़ सकी। पालिका को अभी तक इस सेंटर के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है, जबकि शासन द्वारा करीब एक साल पहले सेंटर बनाने के लिए 32 लाख का बजट जारी किया जा चुका है।
शहर में कूड़ा निस्तारण की समस्या के समाधान के लिए नगरपालिका के पास कोई कारगर योजना नहीं है। घरों से रोजाना निकलने वाला कूड़ा डंपिंग ग्राउंड में इकट्ठा हो रहा है। इसके अलावा शासन ने पिछले साल घरों से निकलने वाले सूखे कूड़े को इकट्ठा करने के लिए वार्डों में मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर बनाने के निर्देश दिए थे। साथ ही इसके निर्माण के लिए पालिका को करीब 32 लाख रुपये का बजट भी जारी किया गया था। इसके लिए पालिका को करीब 700 मीटर भूमि उपलब्ध कराकर उस पर निर्माण कराया जाना था। एमआरएफ सेंटर के लिए एक कमरा, पक्का फर्श, टीनशेड, शौचालय और चाहरदीवारी आदि का निर्माण कराया जाना है। इस सेंटर पर सूखे कूड़े से बिक्री योग्य मैटीरियल को अलग किया जाएगा और जो बेकार कूड़ा बचेगा उसे डंपिंग ग्राउंड पर ले जाया जाएगा। इससे कूड़ा निस्तारण की समस्या भी हल होगी और पालिका की आमदनी भी हो सकेगी। एक साल बाद भी पालिका एमआरएफ सेंटर बनाने के लिए भूमि की तलाश नहीं कर पाई। शासन से निर्देश है कि एक सेंटर चालू होने के बाद फिर दूसरे वार्डों में भी इसी तरह के सेंटर बनाए जाएंगे, लेकिन शामली में अभी तक पालिका को भूमि उपलब्ध न होने के कारण शासन की यह योजना अभी परवान नहीं चढ़ सकी है।
विज्ञापन
कोट
घरों से निकलने वाले सूखे कूड़ा को इकट्ठा करने के लिए वार्डों में एमआरएफ सेंटर बनाए जाने की योजना है। इसके निर्माण के लिए मोहल्ला पंसारियान के निकट भूमि देखी गई है, जिसे फाइनल करने की कार्रवाई चल रही है। जल्द ही एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराया जाएगा।
विज्ञापन
- सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका।