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केंद्र की योजनाओं का जिक्र कर किसानों को साधने की कोशिश, स्थानीय मुद्दों से किया किनारा
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स्थानीय मुद्दों से किया किनारा, किसानों को साधने की कोशिश
शामली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैराना की जनसभा में केंद्र सरकार की पीएम सम्मान निधि व कर्ज माफी योजनाओं का जिक्र कर किसानों को साधने की कोशिश की, लेकिन किसान आंदोलन व स्थानीय मुद्दों से किनारा किया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने तीन नए कृषि कानून, किसान आंदोलन और गन्ना भुगतान आदि का जिक्र तक नहीं किया।
शामली जनपद की पहचान यहां के मेहनतकश किसान, खेती और पैदावार है। खासतौर से गन्ना बेल्ट में शामली का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। यहां के किसानों ने गन्ने का रिकार्ड उत्पादन कर प्रदेश में जिले को पहचान दिलाई है। सोमवार को कैराना के विजय सिंह पथिक राजकीय महाविद्यालय में हुई जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र कर किसानों को साधने की कोशिश की, लेकिन किसानों के स्थानीय मुद्दों से किनारा किया। सीएम योगी ने विपक्ष को निशाना बनाते हुए कहा कि विपक्षी दल किसानों को भुनाना तो चाहते हैं, लेकिन उनके लिए काम नहीं किया। कभी उनके बारे में नहीं सोचा जबकि केंद्र की भाजपा सरकार ने 88 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने का काम किया। इसके अलावा प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत छह हजार रुपये प्रति वर्ष किसानों के खाते में भेजे जा रहे हैं।
जनसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने तीन कृषि कानूनों और इसके विरोध में चल रहे किसान आंदोलन का जिक्र तक नहीं किया। गन्ना मूल्य और चीनी मिलों पर बकाया भुगतान आदि मुद्दों पर कुछ नहीं बोले। इतना ही नहीं किसानों के विकास को लेकर किसी नई योजनाओं के बारे में भी कोई घोषणा नहीं की गई। हालांकि उन्होंने सबका साथ, सबका विकास की बात कहकर और केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र कर किसानों को भाजपा के पक्ष में साधने की कोशिश जरूर की। राजनीति के जानकारों का मानना है कि तीन नए कृषि कानून के विरोध में देश में चल रहे आंदोलन को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ किसानों के मुद्दों से किनारा करते नजर आए।
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शामली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैराना की जनसभा में केंद्र सरकार की पीएम सम्मान निधि व कर्ज माफी योजनाओं का जिक्र कर किसानों को साधने की कोशिश की, लेकिन किसान आंदोलन व स्थानीय मुद्दों से किनारा किया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने तीन नए कृषि कानून, किसान आंदोलन और गन्ना भुगतान आदि का जिक्र तक नहीं किया।
शामली जनपद की पहचान यहां के मेहनतकश किसान, खेती और पैदावार है। खासतौर से गन्ना बेल्ट में शामली का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। यहां के किसानों ने गन्ने का रिकार्ड उत्पादन कर प्रदेश में जिले को पहचान दिलाई है। सोमवार को कैराना के विजय सिंह पथिक राजकीय महाविद्यालय में हुई जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र कर किसानों को साधने की कोशिश की, लेकिन किसानों के स्थानीय मुद्दों से किनारा किया। सीएम योगी ने विपक्ष को निशाना बनाते हुए कहा कि विपक्षी दल किसानों को भुनाना तो चाहते हैं, लेकिन उनके लिए काम नहीं किया। कभी उनके बारे में नहीं सोचा जबकि केंद्र की भाजपा सरकार ने 88 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने का काम किया। इसके अलावा प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत छह हजार रुपये प्रति वर्ष किसानों के खाते में भेजे जा रहे हैं।
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जनसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने तीन कृषि कानूनों और इसके विरोध में चल रहे किसान आंदोलन का जिक्र तक नहीं किया। गन्ना मूल्य और चीनी मिलों पर बकाया भुगतान आदि मुद्दों पर कुछ नहीं बोले। इतना ही नहीं किसानों के विकास को लेकर किसी नई योजनाओं के बारे में भी कोई घोषणा नहीं की गई। हालांकि उन्होंने सबका साथ, सबका विकास की बात कहकर और केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र कर किसानों को भाजपा के पक्ष में साधने की कोशिश जरूर की। राजनीति के जानकारों का मानना है कि तीन नए कृषि कानून के विरोध में देश में चल रहे आंदोलन को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ किसानों के मुद्दों से किनारा करते नजर आए।
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