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इच्छाएं दुखों की जननी : ज्ञानानंद
ब्यूरो/ अमर उजाला, शामली
Updated Fri, 08 Apr 2016 01:28 AM IST
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झिंझाना में प्रवचन करते स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज।
- फोटो : अमर उजाला
झिंझाना। कसबे में आये महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने प्रवचन में कहा मनुष्य अपनी इच्छाओं को सीमित कर ले, तो उसके दुखों का अंत स्वत: ही हो जायेगा।
बृहस्पतिवार को एक गैस एजेंसी के मालिक अजय बंसल के आवास पर पहुंचे महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने प्रवचन किया। उन्होंने कहा कि अपनी इच्छाओं पर काबू रखना सीखो, बच्चों को गीता का ज्ञान कराओ। हिंदू धर्म में गीता ही ऐसा ग्रंथ हैं। जो मनुष्य को इस भव सागर से पार दिला सकता है।
यश अपयश दोनों साथ चलते है, ईश्वर ने दिन के साथ रात, सुख के साथ दुख बनाये है। इसलिये प्राणी मात्र को अपनी इंद्रियों को काबू में रखना चाहिए। इस दौरान अनिल गर्ग, गुलाब सैनी, मनोज शर्मा, यश शर्मा सुनील बंसल, हरिओम वर्मा, खुर्शीद आलम आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को एक गैस एजेंसी के मालिक अजय बंसल के आवास पर पहुंचे महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने प्रवचन किया। उन्होंने कहा कि अपनी इच्छाओं पर काबू रखना सीखो, बच्चों को गीता का ज्ञान कराओ। हिंदू धर्म में गीता ही ऐसा ग्रंथ हैं। जो मनुष्य को इस भव सागर से पार दिला सकता है।
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यश अपयश दोनों साथ चलते है, ईश्वर ने दिन के साथ रात, सुख के साथ दुख बनाये है। इसलिये प्राणी मात्र को अपनी इंद्रियों को काबू में रखना चाहिए। इस दौरान अनिल गर्ग, गुलाब सैनी, मनोज शर्मा, यश शर्मा सुनील बंसल, हरिओम वर्मा, खुर्शीद आलम आदि मौजूद रहे।
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