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मरीज ज्यादा, सुविधाएं कम, ऐसे तो हार जाएंगे हम

Thu, 15 Apr 2021 11:52 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 15 Apr 2021 11:52 PM IST
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More patients, less facilities, we will lose this way
शामली। कोरोना की दूसरी लहर कहर ढहा रही है। संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन लापरवाही और संसाधनों की कमी भी बड़ी चुनौती बन रहे हैं। पिछले वर्ष जैसी निगरानी इस बार नजर नहीं आ रही, जबकि संक्रमण का दायरा बहुत तेजी से बढ़ रहा है। संक्रमितों के संपर्क में आने वाले लोगों की तलाश कर उनकी जांच नहीं हो रही न ही होम आइसोलेट मरीजों की निगरानी हो पा रही है।
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पिछले वर्ष कोरोना को लेकर बेहद सतर्कता बरती जा रही थी। होम आइसोलेट किए गए मरीजों को बार-बार फोन करके उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जाती थी, लेकिन अब यह काम निगरानी समितियों को सौंप दिया गया है। जिले में 400 निगरानी समितियां हैं लेकिन ये मरीजों तक नहीं पहुंच रही हैं न ही मरीजों की कांटेक्ट ट्रेसिंग हो पा रही है।
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संक्रमितों के परिजनों तक की जांच में लापरवाही बरती जा रही है। यदि परिजन खुद पहुंचकर जांच करा लें तो ठीक अन्यथा घरों पर जाकर जांच नहीं की जा रही। उधर, सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल का कहना है कि संक्रमितों की निगरानी के लिए निगरानी टीमें लगी हुईं हैं। कांटेक्ट ट्रेसिंग के साथ ही रैंडम जांच की जा रही है।
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348 मरीज, 100 बेड का एल-टू अस्पताल
शामली। कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेट करने की सुविधा के बाद एल-1 श्रेणी का अस्पताल समाप्त कर दिया गया है। पहले झिंझाना और जिला अस्पताल में 100-100 बेड के एल-1 अस्पताल संचालित थे। अब केवल 100 बेड का का एल-2 श्रेणी का अस्पताल संचालित हैं जिसमें 22 मरीज भर्ती हैं। दो मरीजों को मेरठ मेडिकल भेजा गया है, जबकि एक मरीज का सहारनपुर में उपचार चल रहा है। अन्य सभी होम आइसोलेट हैं।
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दिक्कत बढ़ी तो संभालना हो जाएगा मुश्किल
एल-2 श्रेणी के 100 बेड के अस्पताल में प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन की सप्लाई है, लेकिन वेंटिलेटर की संख्या 14 ही है। मरीजों को यदि ज्यादा दिक्कत होती है तो उन्हें सहारनपुर या फिर मेरठ मेडिकल भेजा जाता है। अचानक यदि ज्यादा मरीजों को दिक्कत बढ़ने लगी, तो स्थिति को संभालना मुश्किल हो जाएगा।
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मरीजों के लिए दो एंबुलेंस रिजर्व
जिले में मरीजों के लिए अभी केवल दो एंबुलेंस रिजर्व हैं। सीएमएस डॉ. सफल कुमार का कहना है कि जिले में 28 एंबुलेंस हैं। इनमें 108 सेवा की 11, 102 सेवा की 15 और एएलएस की दो यूनिट हैं। इनमें से आधी एंबुलेंस को कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व किया जाना है।

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आठ दिन में ढाई गुना हो गए सक्रिय रोगी
बीते कुछ दिनों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। बीते आठ दिनों में ही मरीजों की संख्या ढाई गुना हो गई है। सात अप्रैल को जिले में 138 सक्रिय मरीज थे, जो 14 अप्रैल को 348 हो गए।
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जिले में कोरोना की स्थिति
अब तक कुल मिले संक्रमित : 4172
अब तक ठीक हुए मरीज : 3792
अब तक कुल मौतें : 32
सक्रिय रोगी : 348
संक्रमण दर : 1.18 प्रतिशत
रिवकरी दर : 90.89
मृत्यु दर : 0.76
बीते आठ दिनों में मिले संक्रमित
14 अप्रैल - 12
13 अप्रैल - 98
12 अप्रैल- 62
11 अप्रैल - 18
10 अप्रैल - 51
नौ अप्रैल - 61
आठ अप्रैल - 04
सात अप्रैल - 31
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