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Shamli News: तालाब और झील के संरक्षण के लिए करने होंगे अधिक प्रयास
Wed, 01 Mar 2023 05:01 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 01 Mar 2023 05:01 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली, थानाभवन। चौधरी अतर सिंह डिग्री कॉलेज में एक विचार गोष्ठी पर्यावरण और पक्षियों के संरक्षण विषय पर हुई। जिसमें मुख्य अतिथि डेनमार्क से आए समाजशास्त्री प्रो. स्टिंग मेडिसन रहे।
गोष्ठी में प्रो.स्टिंग मेडिसन ने कहा कि भ्रमण के दौरान उन्होंने पाया कि भारत में पक्षियों की प्रजाति गिद्ध, चील व गौरेया समेत कई प्रजातियां विलुप्त हो गई हैं। जिसके कारण मानव जनित व प्रकृति दोनों हैं। गांवों में तालाब और झील विलुप्त हो रहे हैं। सरकार को इनके संरक्षण के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए। पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए गंगा नदी की सफाई और झील आदि को भी सुरक्षित करने के लिए अधिक प्रयास करने होंगे। कॉलेज के छात्र-छात्रा लक्ष्मी, मीनाक्षी, बिन्नी, अंशुल, अतिका, नेहा, कुलदीप, गौरव आदि ने देशभक्ति, राजस्थानी व पंजाबी नृत्य, पर्यावरण संरक्षण से संबंधित लघु नाटिका और कविता प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण, किसान आंदोलन, पक्षियों और डेनमार्क की कृषि व्यवस्था से संबंधित विभिन्न प्रश्न किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. महिपाल तोमर ने की और संचालन नीलम राठौर ने किया। प्राचार्य डॉ. नीरज सैनी ने अतिथि का आभार व्यक्त किया।
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शामली, थानाभवन। चौधरी अतर सिंह डिग्री कॉलेज में एक विचार गोष्ठी पर्यावरण और पक्षियों के संरक्षण विषय पर हुई। जिसमें मुख्य अतिथि डेनमार्क से आए समाजशास्त्री प्रो. स्टिंग मेडिसन रहे।
गोष्ठी में प्रो.स्टिंग मेडिसन ने कहा कि भ्रमण के दौरान उन्होंने पाया कि भारत में पक्षियों की प्रजाति गिद्ध, चील व गौरेया समेत कई प्रजातियां विलुप्त हो गई हैं। जिसके कारण मानव जनित व प्रकृति दोनों हैं। गांवों में तालाब और झील विलुप्त हो रहे हैं। सरकार को इनके संरक्षण के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए। पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए गंगा नदी की सफाई और झील आदि को भी सुरक्षित करने के लिए अधिक प्रयास करने होंगे। कॉलेज के छात्र-छात्रा लक्ष्मी, मीनाक्षी, बिन्नी, अंशुल, अतिका, नेहा, कुलदीप, गौरव आदि ने देशभक्ति, राजस्थानी व पंजाबी नृत्य, पर्यावरण संरक्षण से संबंधित लघु नाटिका और कविता प्रस्तुत किए।
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कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण, किसान आंदोलन, पक्षियों और डेनमार्क की कृषि व्यवस्था से संबंधित विभिन्न प्रश्न किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. महिपाल तोमर ने की और संचालन नीलम राठौर ने किया। प्राचार्य डॉ. नीरज सैनी ने अतिथि का आभार व्यक्त किया।
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