फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Minister in charge tasted mid-day meal, children asked questions

प्रभारी मंत्री ने चखा मिड-डे मील, बच्चों से पूछे सवाल

Thu, 19 Sep 2019 12:43 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Sep 2019 12:43 AM IST
विज्ञापन
Minister in charge tasted mid-day meal, children asked questions
थानाभवन क्षेत्र के गांव हरड़ फतेहपुर में मिड डे मिल का खाना चेक करते हुए प्रभारी मंत्री अजित सिं? - फोटो : SHAMLI
शामली/ थानाभवन। जिले के प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल ने बुधवार कई सरकारी योजनाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने हरड़ फतेहपुर के प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील चखा और बच्चों ने सवाल पूछे।
विज्ञापन

प्रभारी मंत्री ने बनत कस्बे में बने गो संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। बताय कि वहां पर 291 गाय थीं। उन्होंने उनके चारे की व्यवस्था और देखरेख के संबंध में जानकारी ली। थानाभवन में उन्होंने जिला विकास अधिकारी प्रमोद कुमार सहित कई अधिकारियों के साथ क्षेत्र में पहुंचे। यहां सबसे पहले उन्होंने कस्बे में बन रहे किसान कल्याण सेवा केंद्र का निरीक्षण किया, यहां मिले लोगों से बातचीत की। साथ ही निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर काम को और बेहतरी से करने की सलाह दी। इसके बाद मंत्री चरथावल मार्ग पर बन रहे लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस पहुंचे।
विज्ञापन

लोनिवि के अधिकारियों ने बताया कि अब तक उनके बजट का कुछ हिस्सा मिलना बाकी है। जबकि निर्माण कार्य 90 फीसदी काम को अंतिम रूप दे दिया है। जैसे ही बजट की बची हुई किस्त जारी होगी, युद्घस्तर पर काम कर गेस्ट हाउस का निर्माण पूरा कर दिया जाएगा। मंत्री क्षेत्र के गांव हरड़ फतेहपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। जब मंत्री यहां पहुंचे तो बच्चों मिड-डे मील का भोजन कर रहे थे। यहां पंजीकृत छात्रों की उपस्थिति 90 प्रतिशत थी। इस पर मंत्री ने बच्चों के बीच जाकर खुद बन रहा खाना खाकर चेक किया बच्चों से खाने के बारे में पूछा। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों के मिड-डे मील में साफ सफाई होनी बहुत जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसी दिन अचानक आकर करें निरीक्षण
शामली। मंत्री के निरीक्षण को लेकर लोगों में भी कई चर्चाएं थी। लोग चर्चा करते सुने गए कि पहले से बताकर निरीक्षण होगा तो अफसर सब कुछ ठीक कर लेंगे। यदि मंत्री बिना बताए गुपचुप ढंग से आकर निरीक्षण करें तब हकीकत पता चलेगी। आन रोड के स्कूल की बजाय अंदरूनी क्षेत्रों में जाकर निरीक्षण होना चाहिए।

मीडिया से छिपाते रहे दौरे की जानकारी
शामली। प्रभारी मंत्री के निरीक्षण को मीडिया से छिपाने के भी प्रयास हुए। मंत्री कहां जाकर निरीक्षण करेंगे इसकी जानकारी भी मीडिया को नहीं दी गई थी। मीडिया कर्मी इसकी जानकारी के लिए सूचना विभाग आदि से जानकारी करते रहे, लेकिन उनके दौरे को औचक बताया जाता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed