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खनन माफिया को नहीं किसी का डर
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली
Updated Tue, 07 Mar 2017 12:00 AM IST
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illegal mining
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शामली/झिंझाना/चौसाना। जिले में सीबीआई टीम अपना डेरा जमाए बैठी हुई है और खनन माफियाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है। वहीं, दूसरी ओर शामली में अभी भी रेत खनन का काम नहीं रुक रहा है। हाईवे पर ही रेत से लदे डंफर दौड़ रहे हैं।
झिंझाना और कैराना में यमुना नदी में खनन होता है। खनन के मामले में हाईकोर्ट के आदेेश पर सीबीआई की टीम जिले में आकर खनन की जांच कर रही है। टीम ने खनन के संबंध में सबूत जुटाने के साथ ही लोगों से बात की। जिसके बाद दो तीन दिन तक खनन बंद रहा। लग रहा था कि खनन माफिया डर गया है, लेकिन रविवार रात झिंझाना में मेरठ-करनाल हाईवे पर रेत से भरे 50 से 60 ट्रक व डंफर दौड़ रहे हैं।
अब सवाल यह है कि आखिर यदि जिले में जब खनन नहीं हो रह है तो यह रेत से भरे ट्रक आ कहां से रहे हैं। साथ ही सवाल यह भी है कि आखिर रात्रि में ही यह ट्रक क्यों दिखाई देते हैं। उधर चौसाना में भड़ी यमुना बांध से अवैध रेत खनन धड़ल्ले से जारी है। रविवार देर रात खनन करने का मामला उस समय उजागर हुआ जब रेत खनन करने पहुंची दर्जनों बुग्गियों को देखकर खेतों पर काम कर रहे किसानों ने विरोध किया।
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जिसके बाद बांध पर हंगामा हो गया। पुलिस मौके पर पहुंची और खनन के आरोपी निवासी भड़ी जिला सहारनपुर को पकड़ लिया। जबकि दूसरी बुग्गी का चालक फरार हो गया।
ट्रक रोका, हाथ मिलाया और कर दिया रवाना
थाना झिंझाना की कार सवार कुछ पुलिसकर्मी रात्रि में रोकती है। पुलिसकर्मी कंडेक्टर साइड में कुछ बात करते है और कुछ देर बातचीत होने के बाद ट्रक आगे बढ़ जाता है। रात के अंधेरे में सुनसान सड़क पर रेत से भरे ट्रक के चालक और हेल्पर से यह मुलाकात क्या संदेश देती है, यह समझना कोई मुश्किल नहीं है।
सफेद रंग की कार कराती है चौकी, थाने पार
रेत के वाहनों के आगे सफेद रंग की कार चलती है। जो रास्ता साफ होने की जानकारी रेत से भरे वाहन-चालकों को देती रहती है। ऐसा नहीं है कि पुलिस को जानकारी नहीं हो।
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झिंझाना और कैराना में यमुना नदी में खनन होता है। खनन के मामले में हाईकोर्ट के आदेेश पर सीबीआई की टीम जिले में आकर खनन की जांच कर रही है। टीम ने खनन के संबंध में सबूत जुटाने के साथ ही लोगों से बात की। जिसके बाद दो तीन दिन तक खनन बंद रहा। लग रहा था कि खनन माफिया डर गया है, लेकिन रविवार रात झिंझाना में मेरठ-करनाल हाईवे पर रेत से भरे 50 से 60 ट्रक व डंफर दौड़ रहे हैं।
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अब सवाल यह है कि आखिर यदि जिले में जब खनन नहीं हो रह है तो यह रेत से भरे ट्रक आ कहां से रहे हैं। साथ ही सवाल यह भी है कि आखिर रात्रि में ही यह ट्रक क्यों दिखाई देते हैं। उधर चौसाना में भड़ी यमुना बांध से अवैध रेत खनन धड़ल्ले से जारी है। रविवार देर रात खनन करने का मामला उस समय उजागर हुआ जब रेत खनन करने पहुंची दर्जनों बुग्गियों को देखकर खेतों पर काम कर रहे किसानों ने विरोध किया।
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जिसके बाद बांध पर हंगामा हो गया। पुलिस मौके पर पहुंची और खनन के आरोपी निवासी भड़ी जिला सहारनपुर को पकड़ लिया। जबकि दूसरी बुग्गी का चालक फरार हो गया।
ट्रक रोका, हाथ मिलाया और कर दिया रवाना
थाना झिंझाना की कार सवार कुछ पुलिसकर्मी रात्रि में रोकती है। पुलिसकर्मी कंडेक्टर साइड में कुछ बात करते है और कुछ देर बातचीत होने के बाद ट्रक आगे बढ़ जाता है। रात के अंधेरे में सुनसान सड़क पर रेत से भरे ट्रक के चालक और हेल्पर से यह मुलाकात क्या संदेश देती है, यह समझना कोई मुश्किल नहीं है।
सफेद रंग की कार कराती है चौकी, थाने पार
रेत के वाहनों के आगे सफेद रंग की कार चलती है। जो रास्ता साफ होने की जानकारी रेत से भरे वाहन-चालकों को देती रहती है। ऐसा नहीं है कि पुलिस को जानकारी नहीं हो।