कांधला। गांव इस्सोपुरटिल मानव चेतना केंद्र गर्ग परिवार की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान के आयोजन के तीसरे दिवस कथा व्यास स्वामी ब्रह्म स्वरूपानंद ने कहा की आध्यात्मिक योग मोक्ष का साधन है। मन ही हमारे बंधन और मोक्ष का कारण है।
उन्होंने बताया कि जब संत आम मनुष्य का संग होता है तो मन सतोगुण संयुक्त होकर भगवत चिंतन करता है। जो ही मुक्ति का कारण भी बन जाता है। उन्होंने कहा कि जब कर्म अथवा यज्ञ का उद्देश्य परमेश्वर के लिए होता है तो वह सफल होता है। कर्मों के उपभोक्ता तो वास्तव में ईश्वर ही है। वही हमें कर्म फल प्रदान करते हैं। मनुष्य को अपने माता पिता, गुरु व अपने श्रेष्ठ का अपमान नहीं करना चाहिए। गुरु ज्ञान का दाता है, जो जीवन को परम लक्ष्य परमात्मा से मिलाता है। कथा के दौरान सती चरित्र के प्रसंग को सुनाया। कथा समापन पर प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान मानव चेतना केंद्र, जियालाल गर्ग, विष्णु गर्ग, राकेश गर्ग, अमित गर्ग, पंकज गर्ग, महेंद्र अग्रवाल, शशि कश्यप, संजय मित्तल मौजूद रहे।