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मिड-डे मील और अभिलेखों को गंभीरता से परखा
amarujala
Updated Sat, 06 Oct 2018 11:29 PM IST
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file
- फोटो : amarujala
उपनिदेशक साक्षरता वैकल्पिक शिक्षा उर्दू एवं प्राच्य भाषाएं लखनऊ मंशाराम ने बीआरसी और स्कूलों का निरीक्षण किया। जिसमें उन्होंने पढ़ाई, मिड-डे मील के साथ ही बीआरसी पर सभी लेखा जोखा चेक किया।
शनिवार को उपनिदेशक मंशाराम ने बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारी व जिला समन्वयक के साथ सुबह 10.45 पर थानाभवन ब्लाक में स्थित बीआरसी पहुंचे। उन्होंने विभागीय अभिलेखों की जांच की। जिसमें किस निधि में कितना पैसा और कितना खर्च किया गया। साफ सफाई की व्यवस्था, अभिलेख रखने का तरीका भी देखा। जिसमें उन्हें सब ठीक मिला। जिसके बाद वह हसनपुर लुहारी स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर-एक में पहुंचे। जहां पर उन्होंने विद्यालय का भौतिक परिवेश व सभी कक्षाओं में शैक्षिक गुणवत्ता का भौतिक निरीक्षण किया। सभी कक्षाओं के बच्चों ने पूछे गए प्रश्नों के सटीक उत्तर दिए। विद्यार्थियों के गृहकार्य की कापी भी देखी। विद्यालय में ग्राम पंचायत निधि से कराए गए कार्यों के लिए भी ग्राम प्रधान स्वाति सैनी की प्रशंसा की। शुक्रवार को भी उन्होंने शामली ब्लाक में बनत स्थित अंग्रेजी माध्यम आदर्श प्राथमिक स्कूल नंबर-1 का निरीक्षण किया था। इस दौरान बीएसए गीता वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी राकेश वालिया, जिला समन्वयक सुधीर कुमार आदि मौजूद रहे।
अधिकारी अच्छे स्कूलों का निरीक्षण कराकर लूटते हैं वाहवाही
बाहर से आने वाले शिक्षा अधिकारी को जनपद के शिक्षा विभाग के अधिकारी अच्छे स्कूलों का निरीक्षण कराकर हर बार वाहवाही लूटते नजर आते हैं। थानाभवन ब्लाक का हसनपुर लुहारी व शामली ब्लाक में स्थित मैन रोड पर बनत स्थित प्राथमिक स्कूल अच्छे स्कूलों में गिने जाते है। इन दोनों स्कूलों में ही बच्चों की संख्या, शिक्षकों की संख्या, पढ़ाई का स्तर, भवन का स्तर व साफ सफाई का स्तर अच्छा है। शामली क्षेत्र में जब भी कोई अधिकारी आता है तो सबसे पहले उसे बनत के स्कूल का निरीक्षण कराया जाता है। जबकि नगर क्षेत्र शामली के कई स्कूलों की हालत बेहद खराब है। एक-एक स्कूल में ही चार से पांच स्कूल चल रहे है। एक कमरे में ही पांच पांच कक्षाएं पढ़ाई जा रही है। कोई स्कूल किराए के भवन में चल रहा है तो, आसपास के गांव में किसी स्कूल में चारदीवारी नहीं है तो किसी की छत जर्जर हो चुकी है। अधिकारी ऐसे स्कूलों का अधिकारियों का निरीक्षण ही नहीं कराते है। बस अच्छे स्कूलों का निरीक्षण कराकर वाहवाही लूट लेते है। पूर्व में आए जनपद के नोडल अधिकारी और शिक्षा विभाग के विशेष सचिव नरेंद्र कुमार पांडे को भी सबसे पहले बनत स्थित स्कूल का निरीक्षण कराया गया था।
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शनिवार को उपनिदेशक मंशाराम ने बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारी व जिला समन्वयक के साथ सुबह 10.45 पर थानाभवन ब्लाक में स्थित बीआरसी पहुंचे। उन्होंने विभागीय अभिलेखों की जांच की। जिसमें किस निधि में कितना पैसा और कितना खर्च किया गया। साफ सफाई की व्यवस्था, अभिलेख रखने का तरीका भी देखा। जिसमें उन्हें सब ठीक मिला। जिसके बाद वह हसनपुर लुहारी स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर-एक में पहुंचे। जहां पर उन्होंने विद्यालय का भौतिक परिवेश व सभी कक्षाओं में शैक्षिक गुणवत्ता का भौतिक निरीक्षण किया। सभी कक्षाओं के बच्चों ने पूछे गए प्रश्नों के सटीक उत्तर दिए। विद्यार्थियों के गृहकार्य की कापी भी देखी। विद्यालय में ग्राम पंचायत निधि से कराए गए कार्यों के लिए भी ग्राम प्रधान स्वाति सैनी की प्रशंसा की। शुक्रवार को भी उन्होंने शामली ब्लाक में बनत स्थित अंग्रेजी माध्यम आदर्श प्राथमिक स्कूल नंबर-1 का निरीक्षण किया था। इस दौरान बीएसए गीता वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी राकेश वालिया, जिला समन्वयक सुधीर कुमार आदि मौजूद रहे।
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अधिकारी अच्छे स्कूलों का निरीक्षण कराकर लूटते हैं वाहवाही
बाहर से आने वाले शिक्षा अधिकारी को जनपद के शिक्षा विभाग के अधिकारी अच्छे स्कूलों का निरीक्षण कराकर हर बार वाहवाही लूटते नजर आते हैं। थानाभवन ब्लाक का हसनपुर लुहारी व शामली ब्लाक में स्थित मैन रोड पर बनत स्थित प्राथमिक स्कूल अच्छे स्कूलों में गिने जाते है। इन दोनों स्कूलों में ही बच्चों की संख्या, शिक्षकों की संख्या, पढ़ाई का स्तर, भवन का स्तर व साफ सफाई का स्तर अच्छा है। शामली क्षेत्र में जब भी कोई अधिकारी आता है तो सबसे पहले उसे बनत के स्कूल का निरीक्षण कराया जाता है। जबकि नगर क्षेत्र शामली के कई स्कूलों की हालत बेहद खराब है। एक-एक स्कूल में ही चार से पांच स्कूल चल रहे है। एक कमरे में ही पांच पांच कक्षाएं पढ़ाई जा रही है। कोई स्कूल किराए के भवन में चल रहा है तो, आसपास के गांव में किसी स्कूल में चारदीवारी नहीं है तो किसी की छत जर्जर हो चुकी है। अधिकारी ऐसे स्कूलों का अधिकारियों का निरीक्षण ही नहीं कराते है। बस अच्छे स्कूलों का निरीक्षण कराकर वाहवाही लूट लेते है। पूर्व में आए जनपद के नोडल अधिकारी और शिक्षा विभाग के विशेष सचिव नरेंद्र कुमार पांडे को भी सबसे पहले बनत स्थित स्कूल का निरीक्षण कराया गया था।
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