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पारा 43 पार, छीना दिन-रात का करार

Mon, 10 Jun 2019 12:02 AM IST
NAVEEN GUPTA ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली Published by: NAVEEN GUPTA Updated Mon, 10 Jun 2019 12:02 AM IST
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Mercury cross 43
धूप से बचने को मुंह पर कपड़ा लपेटे युवती। - फोटो : अमर उजाला
शामली मेंआसमान से आग बरस रही है। रविवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलने से लोगों का हाल-बेहाल है। हालात ऐसे है कि न दिन में सुकून मिल रहा है और न रात में करार। सोमवार को तापमान में बढ़ोत्तरी की आशंका जताई गई है।
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पिछले 36 घंटे से गर्मी अपना कहर बरपा रही है। दिन और रात के तापमान में दो-दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हुई है। लगातार तापमान बढ़ने से हर कोई परेशान है। चिलचिलाती धूप से बचाव के प्रयास भी नाकाफी साबित हो रहे है। दोपहर में सड़क से लेकर बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है। रविवार को दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं लोग हाल-बेहाल कर रही है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक सोमवार को तापमान में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के निदेशक डाक्टर पीके सिंह के मुुताबिक पूूरे सप्ताह भीषण गर्मी पडे़गी। मानसून एक सप्ताह लेट चल रहा है। 15 से लेकर 20 जून तक मानसून पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में प्रवेश करेगा।
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तापमान का उतार चढ़ाव
दिनांक    अधिकतम    न्यूनतम    
06 जून    41    28
07 जून    40    27
08 जून    42    27
09 जून    43    28




मौसम की मार से बच्चे फिर हुए बीमार
शामली। मौसम में उतार चढ़ाव सेहत के लिए भारी पड़ रहा है। खासतौर से मासूम बच्चों पर इसका ज्यादा प्रभाव देखने को मिल रहा है। तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद लगातार तापमान बढ़ने से गरम हो रहे मौसम की मार बच्चों पर पड़ रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों में डायरिया, हीट स्ट्रोक और बुखार के मरीजों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है। मई के महीने की तरह ही जून माह के महीने में भी मौसम उतार-चढ़ाव के रंग दिखा रहा है। कभी लू तो कभी तेज गर्मी की तपन तो कभी हवाओं का बदला रुख वैसे तो हर उम्र के लोगों की सेहत को प्रभावित कर रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। जून माह के पहले ही दिन से भीषण गर्मी चल रही थी। तीन दिन पहले बृहस्पतिवार शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदला और आसमान में छाये काले बादलों ने बारिश कर लोगों को गर्मी से राहत दी। बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से तापमान में अचानक गिरावट आई। लोगों को गर्मी से सुकून मिला, लेकिन यह राहत एक दिन भी नहीं ठहर सकी। अगले ही दिन से तापमान फिर बढ़ना शुरू हो गया। तीन दिन से लगातार तापमान बढ़ने से भीषण गर्मी पड़ने से लोग बीमार हो रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बारिश के बाद उमस बढ़ने से बुखार, उल्टी, डायरिया, हीट स्ट्रोक आदि के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों में बच्चों की संख्या अधिक है। सरकारी अस्पताल के चिकित्सक डाक्टर अनुपम सक्सेना ने बताया कि मौसम में बदलाव का असर बच्चों पर अधिक पड़ता है। बारिश के बाद तेजी से गर्मी बढ़ने के कारण बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी है। बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर वेदभानू मलिक का कहना है कि तेज गर्मी और लू में 14 साल तक के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होते है। बारिश के बाद तेजी से तापमान बढ़ने से बीमार बच्चों की करीब 10 प्रतिशत संख्या अधिक बढ़ी है। बच्चे के बीमार होने पर चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं।
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अस्पताल में भर्ती बच्चों के नाम
तीन दिन के अंदर अस्पताल में भर्ती बच्चों में आर्या वेदखेड़ी, उमर कैराना, रितिका काबड़ौत, शिवांश सिकंदरपुर, लक्ष्य झिंझाना और समद असारा आदि शामिल है। चिकित्सक के मुताबिक ये बच्चे उल्टी दस्त और बुखार से पीड़ित होने के कारण भर्ती किया गया है।
 
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