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Shamli News: सीमा विवाद के चलते दोनों प्रदेशों के अधिकारियो की बैठक
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- तीन दिन पहले यूपी प्रशासन ने यमुना पार 22 बीघा सरकारी भूमि कराई थी कब्जा मुक्त
-उक्त भूमि को हरियाणा प्रशासन अपने प्रदेश के किसानों की बता रहा
-16 अगस्त को फिर से तहसील स्तरीय अधिकारियों की होगी बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। सीमा विवाद के चलते यमुना पार यूपी सरकार की 22 बीघा जमीन को हरियाणा प्रशासन अपनी बता रहा है। जिसके चलते दोनों प्रदेशों के अधिकारियों की बैठक की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं होने पर 16 अगस्त को दोबारा बैठक बुलाई गई है।
पिछले दिनों मवी के ग्राम प्रधान मित्रसैन ने शिकायत की थी कि यमुना पार मवी हैदरपुर के पास यूपी सरकार की नवीन परती की 22 बीघा जमीन पर हरियाणा के दबंगों ने अवैध कब्जा करके धान की फसल बो रखी है। आठ अगस्त को तहसीलदार गौरव सांगवान ने राजस्व टीम व पुलिस बल के साथ यमुना पार पहुंचकर उक्त सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने के साथ ही धान की फसल ग्राम प्रधान मित्रसैन की सुपुर्दगी में दे दी थी। वहीं बाद में हरियाणा प्रशासन ने उक्त भूमि को हरियाणा के किसानों की बताया था।
जिस कारण बृहस्पतिवार देर शाम उपजिलाधिकारी कार्यालय पर हरियाणा के समालखा के एसडीएम अनिल कुमार भारद्वाज, डीएसपी व तहसीलदार के साथ कैराना के एसडीएम स्वप्निल यादव, तहसीलदार गौरव सांगवान के बीच सीमा विवाद पर बैठक हुई। इस दौरान हरियाणा प्रशासन ने तीन दिन पहले यूपी प्रशासन द्वारा कब्जा मुक्त कराई गई 22 बीघा नवीन परती की भूमि को अपने प्रदेश के किसानों की बताया।
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एसडीएम स्वप्निल यादव ने कहा कि 1974 के दीक्षित आयोग के अनुसार यमुना नदी की धारा यूपी की साइड आने के कारण मवी की सैंकडो बीघा जमीन यमुना पार चली गई थी। उक्त जमीन को हरियाणा प्रशासन ने अपने राजस्व रिकार्ड में दर्ज नही किया जिस कारण सीमा विवाद का हल नही हो पा रहा है। एसडीएम ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के चलते 16 अगस्त को तहसील स्तर के अधिकारियों की बैठक कराई जायेगी जिसमें दोनों प्रदेशों के राजस्व रिकार्ड का मिलान किया जायेगा।
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-उक्त भूमि को हरियाणा प्रशासन अपने प्रदेश के किसानों की बता रहा
-16 अगस्त को फिर से तहसील स्तरीय अधिकारियों की होगी बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। सीमा विवाद के चलते यमुना पार यूपी सरकार की 22 बीघा जमीन को हरियाणा प्रशासन अपनी बता रहा है। जिसके चलते दोनों प्रदेशों के अधिकारियों की बैठक की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं होने पर 16 अगस्त को दोबारा बैठक बुलाई गई है।
पिछले दिनों मवी के ग्राम प्रधान मित्रसैन ने शिकायत की थी कि यमुना पार मवी हैदरपुर के पास यूपी सरकार की नवीन परती की 22 बीघा जमीन पर हरियाणा के दबंगों ने अवैध कब्जा करके धान की फसल बो रखी है। आठ अगस्त को तहसीलदार गौरव सांगवान ने राजस्व टीम व पुलिस बल के साथ यमुना पार पहुंचकर उक्त सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने के साथ ही धान की फसल ग्राम प्रधान मित्रसैन की सुपुर्दगी में दे दी थी। वहीं बाद में हरियाणा प्रशासन ने उक्त भूमि को हरियाणा के किसानों की बताया था।
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जिस कारण बृहस्पतिवार देर शाम उपजिलाधिकारी कार्यालय पर हरियाणा के समालखा के एसडीएम अनिल कुमार भारद्वाज, डीएसपी व तहसीलदार के साथ कैराना के एसडीएम स्वप्निल यादव, तहसीलदार गौरव सांगवान के बीच सीमा विवाद पर बैठक हुई। इस दौरान हरियाणा प्रशासन ने तीन दिन पहले यूपी प्रशासन द्वारा कब्जा मुक्त कराई गई 22 बीघा नवीन परती की भूमि को अपने प्रदेश के किसानों की बताया।
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एसडीएम स्वप्निल यादव ने कहा कि 1974 के दीक्षित आयोग के अनुसार यमुना नदी की धारा यूपी की साइड आने के कारण मवी की सैंकडो बीघा जमीन यमुना पार चली गई थी। उक्त जमीन को हरियाणा प्रशासन ने अपने राजस्व रिकार्ड में दर्ज नही किया जिस कारण सीमा विवाद का हल नही हो पा रहा है। एसडीएम ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के चलते 16 अगस्त को तहसील स्तर के अधिकारियों की बैठक कराई जायेगी जिसमें दोनों प्रदेशों के राजस्व रिकार्ड का मिलान किया जायेगा।