{"_id":"63601719e393753e01491f60","slug":"medical-in-charge-pharmacist-and-staff-found-absent-in-chc-shamli-news-mrt6116542199","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएचसी में चिकित्सा प्रभारी, फार्मासिस्ट व स्वीपर मिले गैरहाजिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएचसी में चिकित्सा प्रभारी, फार्मासिस्ट व स्वीपर मिले गैरहाजिर
विज्ञापन
ऊन सीएचसी का निरीक्षण करती एसडीएम निकिता शर्मा।
- फोटो : SHAMLI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएचसी में चिकित्सा प्रभारी, फार्मासिस्ट और कर्मचारी मिले गैरहाजिर
शामली, ऊन। एसडीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झिंझाना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा प्रभारी और अन्य कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले।
एसडीएम सीएचसी पहुंची तो चिकित्सा प्रभारी बृजेंद्र सिंह ड्यूटी से गैरहाजिर मिले। इसके अलावा फार्मासिस्ट नरेश चंद, स्वीपर अनिल कुमार भी ड्यूटी पर नहीं मिले। टॉयलेट पर ताला लगा मिला। उन्होंने रजिस्टर चेक किया, सफाई आदि की जांच की। इस संबंध में एसडीएम निकिता शर्मा ने बताया कि चिकित्सा प्रभारी, फार्मासिस्ट व स्वीपर ड्यूटी पर नहीं पाए गए। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। बता दें कि क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं का बुरा हाल है, ऊन क्षेत्र में कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं है। अस्पताल में जाकर ही लोग इलाज कराते हैं, लेकिन वहां पर भी डॉक्टर नदारद रहते हैं। शिकायत करने के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता। एसडीएम के निरीक्षण से चिकित्सा सेवाओं की पोल खुल गई। सभी अस्पतालों का यही हाल हैं।
विज्ञापन
शामली, ऊन। एसडीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झिंझाना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा प्रभारी और अन्य कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले।
एसडीएम सीएचसी पहुंची तो चिकित्सा प्रभारी बृजेंद्र सिंह ड्यूटी से गैरहाजिर मिले। इसके अलावा फार्मासिस्ट नरेश चंद, स्वीपर अनिल कुमार भी ड्यूटी पर नहीं मिले। टॉयलेट पर ताला लगा मिला। उन्होंने रजिस्टर चेक किया, सफाई आदि की जांच की। इस संबंध में एसडीएम निकिता शर्मा ने बताया कि चिकित्सा प्रभारी, फार्मासिस्ट व स्वीपर ड्यूटी पर नहीं पाए गए। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। बता दें कि क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं का बुरा हाल है, ऊन क्षेत्र में कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं है। अस्पताल में जाकर ही लोग इलाज कराते हैं, लेकिन वहां पर भी डॉक्टर नदारद रहते हैं। शिकायत करने के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता। एसडीएम के निरीक्षण से चिकित्सा सेवाओं की पोल खुल गई। सभी अस्पतालों का यही हाल हैं।
विज्ञापन