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म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के...

Tue, 10 Apr 2018 12:36 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली।
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली। Updated Tue, 10 Apr 2018 12:36 AM IST
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Mazaris are less than loops ...
youth - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
थानाभवन/शामली। जिस प्रकार हरियाणा की गीता और बबीता ने रूढ़िवादी परंपराओं की बेड़ियों को तोड़कर कुश्ती को अपना जुनून बनाया और देश दुनिया में नाम कमाया। उसी तर्ज पर शामली जिले के गांव हसनपुर लुहारी की दंगल गर्ल दो बहनें शगुन और वेदी चल रही हैं। गीता और बबीता फोगाट उनकी आदर्श हैं। दंगल फिल्म देखकर प्रेरित हुए उनके पिता अमित सैनी ने अपनी दोनों बेटियों को पहलवान बनाने की ठानी। एक बहन तो कई दंगल में अपनी प्रतिभा दिखा चुकी है, जबकि दूसरी तैयारी कर रही है।
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खास बात यह है कि हसनपुर लुहारी गांव निवासी इन दोनों लड़कियों ने कम उम्र में ही पहलवान बनने की ठान ली। शगुन की उम्र 11 वर्ष है, जबकि वेदी आठ साल है। उनके पिता अमित सैनी ने बताया कि उन्होंने जब दंगल फिल्म देखी और उसमें महावीर सिंह फोगाट का किरदार निभा रहे आमिर खान का डायलॉग म्हारी छोरियां छोरो से कम हैं के, सुनकर प्रेरणा मिली कि मेरी बेटियां भी गीता और बबीता की तरह पहलवान बन सकती हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी दोनों बेटियों को नियमित अभ्यास कराना शुरू कर दिया।
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12 से होगा लुहारी में दंगल
गांव हसनपुर लुहारी में 12 से 15 अप्रैल तक दंगल का आयोजन होगा। उसमें आसपास क्षेत्र के पहलवान हिस्सा लेंगे, जिनमें युवकों की संख्या सर्वाधिक होगी। लेकिन खास बात यह है कि दंगल में अमित की बेटी शगुन और वेदी भी अपनी उम्र के पहलवान के साथ दो-दो हाथ करती नजर आएंगी।
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बदल गई दोनों बहनों की जिंदगी
जो लड़कियां सुबह सात बजे जागती थी, लेकिन अब तड़के चार बजे जाग जाती हैं। पिता ने बताया कि एक साल से उनकी दोनों बेटियां कुश्ती का अभ्यास कर रही हैं। सुबह चार बजे जागने के बाद दौड़ लगाती हैं। इसके बाद अखाड़े में अभ्यास करती हैं। इनके कोच एहसान हाशमी का भी कहना है कि दोनों बहनों में पहलवान बनने की अच्छी ललक है और वह खूब अभ्यास भी कर रही हैं।

शुरुआत में कठिन परिश्रम ने थकाया
शुरुआती दिनों में तो शगुन और वेदी को पिता का बदलता हुआ रुख बिल्कुल पसंद नहीं आया, लेकिन धीरे-धीरे दोनों ने पिता के सपने को ही अपना भविष्य बनने की राह बना ली। दोनों बहनों को अभ्यास के लिए अमित ने गांव में ही अखाड़ा भी तैयार कर दिया। जहां गांव के ही पहलवान एहसान हाशमी दोनों बहनों को पहलवानी के गुर सिखाने में जुटे हैं।

तीन दंगल लड़ चुकी है शगुन
गांव हसनपुर लुहारी में 12 अप्रैल से दंगल शुरू होने जा रहा है, जिसमें दूर दराज से भी पहलवान हिस्सा लेंगे। उसमें वेदी पहली बार अखाड़े में उतरेगी। जबकि शगुन पूर्व में हुए कई दंगल में प्रतिभा दिखा चुकी है। कुछ दिन पूर्व भैसानी गांव, चरथावल और गंगोह में शगुन ने शानदार प्रदर्शन किया।


तीसरी बेटी को भी बनाऊंगा पहलवान
अमित सैनी का कहना है कि शगुन और वेदी ही नहीं, बल्कि वह अपनी तीसरी बेटी को भी पहलवान बनाना चाहते हैं। अमित ने बताया कि अगले साल शगुन को मेरठ भेजकर मैट पर कुश्ती खेलने का अभ्यास दिलाने का प्रयास करूंगा, ताकि वह पहलवानी में आगे बढ़ सके।
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