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नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों में नहीं मिले बेड पर गद्दे और चादर

Sat, 24 Feb 2018 11:31 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली Updated Sat, 24 Feb 2018 11:31 PM IST
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Mattresses and sheets on beds not found in urban health centers
शामली के मोहल्ला पंसारियान में उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करते सीएमओ। - फोटो : अमर उजाला
शामली में प्रदेश सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों की हालत काफी दयनीय है। किसी नगरीय स्वास्थ्य केंद्र में सफाई नहीं है तो कहीं बेड पर चादर और गद्दे नहीं मिले। सीएमओ के निरीक्षण के दौरान काफी कमियां प्रकाश में आई। सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
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शनिवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर राजकुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर सुशील और डीपीएम आशुतोष श्रीवास्तव ने शामली शहर के नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। करीब साढ़े दस बजे टीम नगर के मोहल्ला पंसारियान स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची। पता चला कि स्वास्थ्य केंद्र पर रोजाना औसतन दो डिलीवरी होती है। अस्पताल का निरीक्षण किया गया तो डिलीवरी टेबल पर गद्दा नहीं मिला। सामान्य वार्ड में चार बेड हैं, लेकिन उन पर चादर नहीं मिली। पूछने पर पता चला कि बेडशीट मैली पड़ी है, लेकिन उनको समय पर धुलवाया नहीं जाता। इसके अलावा साफ-सफाई ठीक मिली, लेकिन इमरजेंसी में दवाइयां, एसी, कूलर, पानी की व्यवस्था ठीक नहीं मिली। फर्नीचर की स्थिति भी ठीक नहीं मिली। सीएमओ ने कारण पूछा तो पता चला कि संबंधित अधिकारी को बार-बार कहा जाता है, लेकिन उनके द्वारा बजट नहीं दिया जाता। इस पर सीएमओ ने अधिकारियों को इन परेशानियों को दूर करने का निर्देश दिए। इसके बाद सीएमओ ने मोहल्ला बरखंडी स्थित नगरीय स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे। यहां की हालत भी कुछ अच्छी नहीं मिली। वार्ड ब्वाय अनुपस्थित मिला, पता चला कि वह एक माह से गैरहाजिर है। पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। लाइट की व्यवस्था नहीं मिली।
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सातों दिन चादर बदलने का है नियम सीएमओ द्वारा रोजाना चादर नहीं बदले जाने के संबंध में पूछे गए सवाल पर वार्ड ब्वाय किसी तरह का कोई तर्क नहीं दे पाए। इसके लिए सात दिनों के लिए सात रंग की चादर दी गई हैं। किस दिन किस रंग की बेडशीट बिछानी है, यह सब तय है।
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बजट पूरा, पर खर्च करने में कंजूसी जिले में तीन नगरीय स्वास्थ्य केंद्र है, जिनमें दो शामली नगर में और एक कैराना में है। तीनों अस्पतालों पर खर्च करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास एक करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक का बजट इस वित्तीय वर्ष के लिए है। वित्तीय वर्ष का केवल एक महीना शेष है, लेकिन अब तक मात्र 41 प्रतिशत ही बजट खर्च हो पाया है। इसमें 60 प्रतिशत से अधिक बजट तनख्वाह और किराए की बिल्डिंग पर खर्च हुआ है।
नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति चिंताजनक है, इस संबंध में तीनों अस्पतालों के नोडल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि बजट को जनहित में खर्च करें और लोगों को सुविधा मिल सकें। - डाक्टर राजकुमार सिंह, सीएमओ
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