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अपने चरित्र का खुद निर्माणकर्ता है मनुष्य: डॉ. सरन
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जलालाबाद के गुरूनानक इन्टर कॉलेज में हिन्दी संस्थान द्वारा आयोजित कार्यशाला में बोलती वक्ता।
- फोटो : SHAMLI
जलालाबाद(शामली)। विश्व हिंदी संस्थान कनाडा एवं भार उत्थान न्यास कानपुर की ओर से कस्बे के गुरुनानक कन्या इंटर कॉलेेज में चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि उत्तम चरित्र होना आवश्यक है। व्यक्ति का चरित्र उसी परिवेश में ढलता है, जिसमें वह खुद को शामिल करना चाहता है।
शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में विश्व हिंदी संस्थान कनाडा के प्रोफेसर डॉ सरन घई ने कहा कि बच्चे के समग्र विकास एवं चरित्र निर्माण की प्रथम पाठशाला मां-पिता के साथ-साथ उसका शिक्षक होता है। अच्छे चरित्र के लिए किसी भी प्रकार के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती। जापान से आए साहित्यकार डॉ रमा शर्मा ने कहा कि उन्होंने विदेश में रहकर वहां की संस्कृति एवं रहन-सहन को समझा है। मगर, भारत में पाश्चात्य संस्कृति भारतीय संस्कृति और हमारे संस्कार के आड़े आकर उनके हनन का कारण बनती जा रही है, जबकि आज पश्चिम के लोग हमारी संस्कृृति की ओर अग्रसर हो रहे हैं। हमारे बच्चों में संस्कार की कमी हमारे समाज और राष्ट्र के लिए चिंता का सबब बने हैं। हमें इस पर गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है।
भारत उत्थान न्यास कानपुर के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर सुजीत कुन्तल ने कहा कि मनुष्य के चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास के लिए उनकी संस्था निरंतर प्रयासरत है। हरियाणा की बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ की ब्रांड एंबेसडर डॉ वीना अरोड़ा ने कहा कि महिलाओं एवं बेटियों के समान अधिकारों के लिए उनका प्रयास चल रहा है।
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शामली के पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल ने देश व विदेश से आए सभी विद्वानों का स्वागत कर उनके बताए रास्ते पर सभी से चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम में गुरुनानक कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ मोनिका शर्मा द्वारा समाज में फैली कुरीतियों पर लिखी पुस्तक ‘अस्तित्व की तलाश में सिमरन’ का विमोचन भी बुद्घिजीवियों द्वारा किया गया।
इस मौके पर नई दिल्ली इग्नू की प्रोफेसर व मानवाधिकार आयोग की जनरल सेक्रेटरी डॉ विदुशी शर्मा, हिंदू गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य सुधा चौधरी, पूर्व प्रधानाचार्य तेजपाल, कहानीकार सुभाष अखिल गाजियाबाद, नोएडा से राखी भारद्वाज, नई दिल्ली से डॉ शिवानी कोहली, अंजलि राणा आदि ने भी अभिभावकों को जागरूक किया। इस मौके पर प्रबंधक उपेंद्र गुप्ता, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से सुनील चौधरी, अशफाक मलिक, राजू बजाज, देवेंद्र आर्य, सतीश पाल, संतोष शर्मा, रजनी, शालू शर्मा, साधना पाल, नीरज सैनी आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में विश्व हिंदी संस्थान कनाडा के प्रोफेसर डॉ सरन घई ने कहा कि बच्चे के समग्र विकास एवं चरित्र निर्माण की प्रथम पाठशाला मां-पिता के साथ-साथ उसका शिक्षक होता है। अच्छे चरित्र के लिए किसी भी प्रकार के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती। जापान से आए साहित्यकार डॉ रमा शर्मा ने कहा कि उन्होंने विदेश में रहकर वहां की संस्कृति एवं रहन-सहन को समझा है। मगर, भारत में पाश्चात्य संस्कृति भारतीय संस्कृति और हमारे संस्कार के आड़े आकर उनके हनन का कारण बनती जा रही है, जबकि आज पश्चिम के लोग हमारी संस्कृृति की ओर अग्रसर हो रहे हैं। हमारे बच्चों में संस्कार की कमी हमारे समाज और राष्ट्र के लिए चिंता का सबब बने हैं। हमें इस पर गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है।
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भारत उत्थान न्यास कानपुर के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर सुजीत कुन्तल ने कहा कि मनुष्य के चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास के लिए उनकी संस्था निरंतर प्रयासरत है। हरियाणा की बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ की ब्रांड एंबेसडर डॉ वीना अरोड़ा ने कहा कि महिलाओं एवं बेटियों के समान अधिकारों के लिए उनका प्रयास चल रहा है।
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शामली के पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल ने देश व विदेश से आए सभी विद्वानों का स्वागत कर उनके बताए रास्ते पर सभी से चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम में गुरुनानक कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ मोनिका शर्मा द्वारा समाज में फैली कुरीतियों पर लिखी पुस्तक ‘अस्तित्व की तलाश में सिमरन’ का विमोचन भी बुद्घिजीवियों द्वारा किया गया।
इस मौके पर नई दिल्ली इग्नू की प्रोफेसर व मानवाधिकार आयोग की जनरल सेक्रेटरी डॉ विदुशी शर्मा, हिंदू गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य सुधा चौधरी, पूर्व प्रधानाचार्य तेजपाल, कहानीकार सुभाष अखिल गाजियाबाद, नोएडा से राखी भारद्वाज, नई दिल्ली से डॉ शिवानी कोहली, अंजलि राणा आदि ने भी अभिभावकों को जागरूक किया। इस मौके पर प्रबंधक उपेंद्र गुप्ता, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से सुनील चौधरी, अशफाक मलिक, राजू बजाज, देवेंद्र आर्य, सतीश पाल, संतोष शर्मा, रजनी, शालू शर्मा, साधना पाल, नीरज सैनी आदि मौजूद रहे।