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Shamli News: मौसम की मार, वायरल के साथ बढ़ रहा मलेरिया बुखार
Mon, 05 Jun 2023 03:07 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jun 2023 03:07 PM IST
सार
बार-बार बदल रहे मौसम का प्रतिकूल असर लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है
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डेंगू-मलेरिया वार्ड (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बार-बार बदल रहे मौसम का प्रतिकूल असर लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। वायरल बुखार, नजला, जुकाम के साथ मलेरिया बुखार के केस भी बढ़ रहे हैं। इस साल जिले में मलेरिया के 18 केस सामने आ चुके हैं। वहीं अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह के मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
अप्रैल, मई माह की तरह जून में भी मौसम बार-बार बदल रहा है। कभी मौसम गरम तो कभी ठंडा हो रहा है। इस तरह के मौसम में वायरल बुखार, नजला, जुकाम के केस सबसे ज्यादा अस्पताल में आ रहे हैं। इसके साथ ही मलेरिया बुखार के भी मामले सामने आ रहे हैं। जिले में इस साल अब तक 18 केस मिल चुके हैं। वहीं हर महीने मलेरिया के केस बढ़ रहे हैं। जनवरी में मलेरिया का एक केस मिला था।
फरवरी में दो, मार्च में चार, अप्रैल में पांच और मई में छह केस मलेरिया के सामने आए हैं। इससे साफ है कि हर महीने मलेरिया बढ़ता जा रहा है। सीएचसी में मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। शनिवार को सीएचसी में लगभग 550 मरीज आए। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास का कहना हे कि जिस तरह से बारिश व उसके बाद धूप निकल रही है, ऐसे मौसम में वायरल संक्रमण का खतरा ज्यारा होता है। वहीं मच्छर ज्यादा पनपने की वजह से मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है। लोगाें को मच्छर को पनपने से रोकने और उससे बचाव करने की जरूरत है।
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अप्रैल, मई माह की तरह जून में भी मौसम बार-बार बदल रहा है। कभी मौसम गरम तो कभी ठंडा हो रहा है। इस तरह के मौसम में वायरल बुखार, नजला, जुकाम के केस सबसे ज्यादा अस्पताल में आ रहे हैं। इसके साथ ही मलेरिया बुखार के भी मामले सामने आ रहे हैं। जिले में इस साल अब तक 18 केस मिल चुके हैं। वहीं हर महीने मलेरिया के केस बढ़ रहे हैं। जनवरी में मलेरिया का एक केस मिला था।
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फरवरी में दो, मार्च में चार, अप्रैल में पांच और मई में छह केस मलेरिया के सामने आए हैं। इससे साफ है कि हर महीने मलेरिया बढ़ता जा रहा है। सीएचसी में मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। शनिवार को सीएचसी में लगभग 550 मरीज आए। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास का कहना हे कि जिस तरह से बारिश व उसके बाद धूप निकल रही है, ऐसे मौसम में वायरल संक्रमण का खतरा ज्यारा होता है। वहीं मच्छर ज्यादा पनपने की वजह से मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है। लोगाें को मच्छर को पनपने से रोकने और उससे बचाव करने की जरूरत है।
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जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया एक जून से 30 जून तक मलेरियारोधी माह मनाया जा रहा है। इस माह में गांवों में बैठकें, गोष्ठी आदि कर ग्रामीणों को मलेरिया व अन्य बुखार के बारे में जानकारी देकर बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। उनका कहना है कि जनसहभागिता से ही मलेरिया पर नियंत्रण पाया जा सकेगा है।
मलेरिया के लक्षण
- ठंड के साथ तेज बुखार होना।
- उल्टी होना, जी मिचलाना व सिर दर्द होना।
- मांस पेशियों में दर्द होना।
- पेट में दर्द होना।
बचाव
- रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
-मच्छर प्रजनन रोकने को घर व आसपास सफाई रखें।
- जलभराव होने पर मिट्टी से भराव करें।
- रुके हुए पानी में मिट्टी का तेल या जला हुआ मोबिल ऑयल डालें।
- घर में रखे निष्प्रयोज्य सामान व बर्तनों में पानी इकट्ठा न होने दें।
- मच्छरों से बचाव के लिए शरीर को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहनें।
-बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं।
इस तरह मिले मलेरिया के केस
जनवरी - एक
फरवरी - दो
मार्च - चार
अप्रैल - पांच
मई - छह
मलेरिया के लक्षण
- ठंड के साथ तेज बुखार होना।
- उल्टी होना, जी मिचलाना व सिर दर्द होना।
- मांस पेशियों में दर्द होना।
- पेट में दर्द होना।
बचाव
- रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
-मच्छर प्रजनन रोकने को घर व आसपास सफाई रखें।
- जलभराव होने पर मिट्टी से भराव करें।
- रुके हुए पानी में मिट्टी का तेल या जला हुआ मोबिल ऑयल डालें।
- घर में रखे निष्प्रयोज्य सामान व बर्तनों में पानी इकट्ठा न होने दें।
- मच्छरों से बचाव के लिए शरीर को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहनें।
-बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं।
इस तरह मिले मलेरिया के केस
जनवरी - एक
फरवरी - दो
मार्च - चार
अप्रैल - पांच
मई - छह